July 16, 2024 |

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युवा उद्यमी अशोक पटेल ने समझा किसानों का दर्द, मिर्जापुर में खोला पहला कोल्ड स्टोरेज

Sachchi Baten

 

मिर्जापुुर में टमाटर, गाजर, हरी मिर्च, खीरा, मटर आदि हरी सब्जियों व फूलों को काफी दिनों तक संरक्षित रखने हुई व्यवस्था

 

सुभाष ओझा, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। मिर्जापुर के किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब उनको अपनी सब्जियों, फूलों व फलों को औने-पौने दामों में नहीं बेचना पड़ेगा। वे उसे लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। जब उनको उचित मिलेे, तब बेच सकते हैं। युवा उद्यमी अशोक पटेल ने मिर्जापुर औद्योगिक परिक्षेत्र में एक कोल्ड स्टोरेज खोल दिया है। इसकी क्षमता 100 टन है।

 

मड़िहान के पास एक गांव है अमोई। इसी गांव से एक शिक्षक पुत्र अशोक पटेल मिर्जापुर आए तो थे पढ़ाई करने। पढ़ाई के बाद परिवार चलाने के लिए ट्रक खरीद कर खुद चलाना शुुरू किया। आज अपनी मेहनत व लगन केे बल पर मिर्जापुर में सफल उद्योगपति के रूप में प्रतिष्ठापित हो चुके हैं। उन्होंने आइस फैक्ट्री, अत्याधुनिक प्लैक्स प्रिंटिंग मशीन केे साथ किसानों के उत्पाद को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की है। आज इनका टर्नओवर पांच करोड़ रुपये से ज्यादा है।

 

 

अशोक पटेल मड़िहान ब्लॉक के अमोई गांव के निवासी हैं। इनके पिता छोटेलाल सिंह प्राइमरी स्कूल में टीचर थे। अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। घर में कुछ खेती-बारी भी है। छोटेलाल सिंह ने अशोक को कक्षा नौ में पढ़ने के लिए मिर्जापुर भेजा। पहले किराए के घर में रहकर अशोक पढ़ाई करते रहे। कुछ दिनों बाद छोटेलाल सिंह ने मिर्जापुर की सुरेका पुरम कॉलोनी में एक प्लॉट खरीद कर अशोक पटेल को रहने के लिए एक छोटा सा घर बनवा दिया। अशोक ने इसी घर में रहकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की।

 

शहर में रहते हुए अन्य उद्योगपतियों की ही तरह से अशोक भी उद्योगपति बनने का सपना देखने लगे। इस सपने ने उनकी नींद हराम कर दी थी। किसी तरह से बैंक से लोन लेकर एक ट्रक खरीदा और उसे खुद चलाने लगे। ट्रक संचालन में उनको काफी नुकसान हुआ तो ट्रक को बेच दिया। इसके बाद मड़िहान में टीवीएस बाइक का सर्विस सेंटर खोला। कुछ दिनों तक इसे चलाया। इससे कुछ आय होने लगी। लेकिन अशोक की मंजिल यह तो थी नहीं। सो कुछ नया करने की कोशिश लगातार जारी रखी।

 

अशोक ने बताया कि एक रिश्तेदार के साथ किसी काम से कानपुर इंडस्ट्रियल इस्टेट घूमने गए। वहां से प्रेरित होकर मिर्जापुुर इंडस्ट्रियल इस्टेट पथरहिया में रीसेल का एक प्लॉट खरीदा। इसे खरीदने के लिए सुरेकापुरम का मकान बेच दिया। फिर किराए के घर में रहने लगे। इस प्लॉट में बैटरी फर्निश का व्यवसाय शुुरू किया। यह चल निकला। इससे होने वाली आय से भरुहना के पास बैंक कॉलोनी में एक प्लॉट खरीदा और उसमें इंडियन बैंक के सहयोग से होटल बनवाया। इसका नाम रखा होटल विनायक।

 

पैसेे हो गए तो फिर सुरेका पुरम में बना-बनाया मकान खरीद लिया। व्यवसाय अच्छा चल रहा था, लेकिन अशोक केे मन में किसानों के प्रति जो लगाव है, वह हमेशा किसानों के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करता रहा। मिर्जापुर में टमाटर, हरी मिर्च,  मटर, गाजर, हरी मिर्च, खीरा आदि हरी सब्जियों व फूलों की बहुतायत में खेती होती है, लेकिन जिले में एक भी कोल्ड स्टोरेज न होने से उनको औने-पौने दामों में बेच देना पड़ता था। संरक्षित रखने की कोई व्यवस्था जिले में नहीं थी।

 

अशोक ने ठान लिया था कि किसानों की इस समस्या को दूर करनी है, ताकि उनको उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इन्होंने बैटरी फर्निश के साथ ही उसी इंडस्ट्रियल इस्टेट पथरहिया वाले प्लॉट में एक कोल्ड स्टोरेज की स्थापना कर दी। इसकी क्षमता 100 टन है। इसका उद्घाटन उद्योग विभाग के उपायुक्त ने कर दिया है। अब किसान टमाटर, मिर्च, मटर सहित अन्य सब्जियों के साथ फलों को भी लंंबे समय तक संरक्षित कर सकते हैं। अब वे उचित रेट मिलने पर बेच सकते हैं।

 

बता दें कि जनपद में कोल्ड स्टोरेज की कोई व्यवस्था न होने से किसान अभी तक सीजन में ही अपने उत्पादों को कम दामों में बेचने को विवश थे।  इस कोल्ड स्टोरेज की स्थापना से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने की योजना को भी बल मिलेगा।

 

कहते हैं कृषि विभाग के उप निदेशक

मिर्जापुुर मंडल केे उपनिदेशक अशोक उपाध्याय ने इस कोल्ड स्टोरेज की स्थापना पर खुशी जाहिर करते हुए इसे किसानों के हित में ऐतिहासिक कार्य बताया। उन्होंने कहा कि जिले में अभी और कोल्ड स्टोरेज की जरूरत है। जो लोग कोल्ड स्टोरेज खोलने के लिए इच्छुक हैं, वे उनके कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से उनकी मदद की जाएगी।

 


Sachchi Baten

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