July 23, 2024 |

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मुफ्त राशन योजना के विरोधी हैं योगी आदित्यनाथ, नहीं मानते तो पढ़िए…

Sachchi Baten

योगी आदित्यनाथ आरक्षण के भी हैं घोर विरोधी

-योगी आदित्यनाथ की वेबसाइट http://yogiadityanath.in पर अपलोड ‘आरक्षण की आग में सुलगता देश’ लेख हर जागरूक को पढ़ना जरूरी

-योगी के लेख का अंशः किसी व्यक्ति या समाज को बिना कर्म किए कुछ भी देना उनमें बढ़ाता है निकम्मापन

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। हाथी के दांत दिखाने और खाने के अलग-अलग। यह कहावत भारतीय जनता पार्टी पर सटीक  बैठ रही है। जिस पांच किलो मुफ्त राशन देकर देश के 80 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को लाभार्थी घोषित करके  नरेंद्र मोदी तीसरी बार केंद्र की सत्ता में आने के लिए हर वह उपाय कर रहे हैं, जो कर सकते हैं। लेकिन उनकी ही पार्टी के एक कद्दावर नेता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विचार से यह निकम्मापन बढ़ाने वाली योजना है। योगी आदित्यनाथ उस आरक्षण के भी घोर विरोधी हैं, जिसके लिए मोदी और उनके सलाहकार यह कहते नहीं अघा रहे हैं कि आरक्षण की व्यवस्था पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।

योगी के इस विचार पर सोशल मीडिया में खूब चर्चा हो रही है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें योगी आदित्यनाथ के एक लेख को लेकर बातें कही गई हैं। ये बातें योगी आदित्यनाथ की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख से ही ली गई हैं। वेबसाइट का नाम http://yogiadityanath.in/ है। आप भी आसानी से वेबसाइट खोलकर उसमें लेख वाले कॉलम में जाकर ‘आरक्षण की आग में सुलगता देश ‘ को पढ़ सकते हैं।

योगी आदित्यनाथ की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख का अंश।

 

वेबसाइट में जाकर आर्टिकल को पढ़ा तो साबित हो गया कि भाजपा वह नहीं है, जो दिखती है। यह वह हाथी है, जिसके खाने के दांत और, दिखाने के और हैं। लेख की शुरुआत ही इस तरह से हुई है-  ‘किसी समाज  या व्यक्ति के अकर्मण्य अथवा निकम्मान बनाना हो तो उसे बिना कर्म किए सुविधा प्रदान करते जाइए। निश्चित ही एक समय के बाद अकर्मण्यता और निकम्मापन उस जाति और समाज में सर्वत्र दिखाई देगा।’

इसका तो सीधा मतलब है कि योगी जी के विचार से किसी को कुछ भी मुफ्त नहीं देना चाहिए। हालांकि यह बात उन्होंने आरक्षण के परिप्रेक्ष्य में कही है, लेकिन पांच किलो राशन भी तो मुफ्त मेंं ही दिया जा रहा है। इसके दायरे में मोदी की यह योजना भी आ गई। योगी ने अपने इस आलेख के जरिए तरह-तरह के तर्कों के माध्यम से आरक्षण का भी विरोध किया है।

बता दें कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने देश के गरीबों को पांच किलो मुफ्त राशन योजना शुरू की थी। इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है। लोकसभा चुनाव 2024 में इसका जमकर प्रचार-प्रसार  भी भाजपा द्वारा किया जा रहा है। योगी जी के विचार यदि सही हैं तो देश के 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन देकर निकम्मा और अकर्मण्य बनाया जा रहा है। आरक्षण भी अकर्मण्यता और निकम्मापन को बढ़ावा देता है, योगी जी ऐसा ही मानते हैं।


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