July 24, 2024 |

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वाह रे शिक्षा विभाग! अब पूरे दिन टैब से बच्चों की हाजिरी ही भरेंगे शिक्षकगण

Sachchi Baten

मिड-डे मील में छिपकली गिरने पर प्रधानाध्यापक को जिम्मेदार मानने वाले विभाग का एक और फरमान

-ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की पर्याप्त अनुपब्लधता और नेटवर्क की समस्या से शिक्षकों को करेगी परेशान

-खुद की फोटोयुक्त हाजिरी तो ठीक है, लेकिन सभी बच्चों की ऐसी हाजिरी में बीतेगा पूरा दिन

-टैब के लिए न सिम दे रहा विभाग न रिचार्ज के रुपये, शिक्षकों पर पड़ेगा आर्थिक भार

राजेश कुमार दुबे, जमालपुर/मिर्जापुर (सच्ची बातें)। मिड-डे मील में छिपकली गिर जाने पर मिर्जापुर जिला के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक को सस्पेंड कर दिया। इसी विभाग ने एक और अव्यावहारिक फरमान जारी किया है। शिक्षकों के लिए टैब अनिवार्य किया जा रहा है। इसके माध्यम से ही शिक्षक अपनी तथा हर बच्चे की फोटोयुक्त हाजिरी विभाग को प्रतिदिन समय से भेजेंगे। आश्चर्य की बात यह है कि टैब के लिए विभाग की ओर से सिम दिया जा रहा है और न ही रिचार्ज कराने के लिए रुपये। हालांकि शिक्षक इसे मान-सम्मान की बात मानते हुए विरोध करने लगे हैं। चार मार्च को ही जिले के हर बीआरसी पर ज्ञापन सौंपा गया। जमालपुर में बहुआर तथा फत्तेपुर बीआरसी में ज्ञापन दिया गया।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जमालपुर ब्लॉक संयोजक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग का नित नया फरमान जारी होता रहता है। जबकि शिक्षकों की मांगों को कोई नहीं सुनता। काफी दिनों से मांग की जा रही है कि शिक्षकों को भी राज्य कर्मचारियों की तरह एक कैलेंडर वर्ष में 31 दिन का उपार्जित अवकाश दिया जाए। द्वितीय शनिवार का अवकाश तथा अर्ध आकस्मिक अवकाश अनुमन्य किये जाएं। जैसे अन्य राज्यकर्मियों के लिए है।

बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के मिर्जापुर जिला महामंत्री डॉ. शिशुपाल सिंह ने कहा कि शिक्षक रिचार्ज के लिए राशि कहां से लाएंगे। विभाग इसे बताए। डॉ. सिंह ने कहा कि टैब में अपने ही ई-मेल से काम करना है। सिम के लिए अपनी आइडी देनी है। विभाग सिम मुहैया कराए। वह विभाग के नाम से हो। ई मेल विभागीय बने। सबसे बड़ी समस्या नेटवर्क की है। बिजली नहीं रहती। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी कारण से टैब की बैटरी चार्ज नहीं हो सकी या इंटरनेट के नेटवर्क की समस्या आ जाएगी तो  उस दिन कैसे हाजिरी भेजी जाएगी। फिर बच्चों की हाजिरी कौन लेगा। एक-एक बच्चे की फोटो लेकर उसे अपलोड करके भेजने में समय लगेगा। फिर पढ़ाई कब होगी।

अन्य शिक्षकों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा टैब के लिए दबाव बनाया जा रहा है। धमकी दी जा रही है। अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है। शिक्षक इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मान-सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। चार मार्च को ज्ञापन देते समय विनोद शर्मा, प्रभाकर सिंह पटेल, ज्योति प्रकाश पाण्डेय, विरंजय यादव, कुंदन सिंह, अजय विक्रम सिंह, सूर्य नारायण सिंह, दिनेश कुमार, काशी नाथ, बालेश्वर सिंह, रामाश्रय सिंह आदि थे।

 


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