July 23, 2024 |

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मिर्जापुर में कौन बनेगा महारथी ? दो दिग्गज पटेल होंगे आमने-सामने

Sachchi Baten

लोकसभा चुनाव-2024

कुर्मी मतदाता तय करेंगे चुनाव का परिणाम

 

राजेश पटेल


मिर्जापुर संसदीय सीट के लिए समाजवादी पार्टी ने अपनी चाल चल दी है। यह सीट नरेश उत्तम पटेल के हवाले करीब-करीब कर दी गई है। नरेश उत्तम पटेल पर निर्भर होगा कि वह स्वयं ताल ठोंक कर मैदान में उतरते हैं या अपने परिवार के किसी सदस्य को उतारते हैं।

मिर्जापुर संसदीय सीट से केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री अनुप्रिया पटेल लगातार दो बार से सांसद हैं। अपने पहले कार्यकाल में भी वह केंद्र में स्वास्थ्य राज्य मंत्री थीं। आजादी के बाद कुर्मी समाज में राजनैतिक चेतना जगाने वाले डॉ. सोनेलाल पटेल की बेटी होने के नाते उनको अपने समाज का भरपूर समर्थन मिल रहा है। सिर्फ उत्तर प्रदेश में नहीं, दूसरे राज्यों में उनके संगठन अपना दल एस का प्रभाव है।

पिछले चुनावों की बात करेंं तो अनुप्रिया पटेल को 2014 के लोकसभा चुनाव में चार लाख 36 हजार 536 मत मिले थे। निकटतम प्रतिद्वंदी बहुजन समाज पार्टी की समुंद्र बिंद को दो लाख 19 हजार 79 मत मिले। 2014 में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल अनुप्रिया पटेल को टक्कर भी नहीं दे पाए थे।

अनुप्रिया पटेल के कार्यकाल के दौरान मिर्जापुर में विकास कार्य तेजी से हुए। केंद्रीय विद्यालय, फोरलेन सड़क, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज की स्वीकृति सहित कई बड़े कार्य हुए। विकास के कारण अनुप्रिया पटेल के प्रति जिले में सकारात्मक परसेप्शन बनने लगा। सिर्फ कुर्मी नहीं, हर जाति व धर्म के लोग उनको पसंद करने लगे। यही कारण रहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में अनुप्रिया पटेल के मत बढ़े। उनको पांच लाख 91 हजार 564 मत मिले। जबकि समाजवादी पार्टी के रामचरित्र निषाद को तीन लाख 59 हजार 556 मत मिल सके।

2014 के चुनाव के मुकाबले अनुप्रिया पटेल को 2019 में ज्यादा मत मिले और जीत का अंतर भी बढ़ा। अपने दूसरे कार्यकाल में भी 2019 से 2024 तक श्रीमती पटेल ने इंडियन ऑयल टर्मिनल, विश्वविद्यालय, चुनार में कृषि उत्पाद निर्यात केंद्र के साथ ही तमाम ऐसे कार्य कराए, जो किसी भी सांसद की विकास के प्रति उत्कृष्ट सोच व योजना के द्योतक हैं।

सामाजिक न्याय की बात करने वाली अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल एस एनडीए गठबंधन का अभी तक भरोसेमंद साथी रहा है। एनडीए गठबंधन के तहत चार चुनाव अपना दल एस लड़ चुका है। इसे चारों में उत्तरोत्तर सफलता मिलती गई। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद तो यह पार्टी सदन में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई। इसे राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा भी मिल गया।

लोकसभा चुनाव 2024 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अधिसूचना कभी भी जारी हो सकती है। अभी तक तो यही माना जा रहा था कि अनुप्रिया पटेल ही फिर जीतेंगी। उनकी टक्कर का कोई संभावित उम्मीदवार सामने नहीं था। हां, कभी नीतीश तो कभी अनुप्रिया पटेल की ही बड़ी बहन डॉ. पल्लवी पटेल के चुनाव लड़ने की अफवाहों का झोंका आता रहा। यह झोंका जितनी तेजी से आता, उतनी ही तेजी से निकल भी जाता रहा।

अब समाजवादी पार्टी ने अपना पत्ता खोल दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र का प्रभारी बनाया है। माना जाता है कि जिसे प्रभारी बनाया जाता है, उसी को आम तौर पर प्रत्याशी भी बना दिया जाता है।

इस लिहाज से यदि नरेश उत्तम पटेल मिर्जापुर से समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न साइकिल से मैदान में उतरते हैं तो चुनाव एकतरफा नहीं होगा। जीतने के लिए अनुप्रिया पटेल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। हालांकि वह इसमें पीछे कभी नहीं रहीं। उनकी मेहनत का हर कोई कायल है। लेकिन जब कोई लहर चलती है तो विकास और परिश्रम दोनों एक तरफ दुबक जाते हैं।

सामाजिक न्याय की डगर पर चलते हुए जिले का सर्वांगीण विकास, केंद्र की गरीब कल्याण योजनाएं, धर्म निरपेक्ष छवि अनुप्रिया पटेल की जीत के प्रमुख आधार हैं। इन सबसे अलग वह कुर्मी जाति की सबसे बड़ी नेता मानी जाती हैं। मिर्जापुर का चुनार तथा मड़िहान विधानसभा क्षेत्र कुर्मी बाहुल्य है।

दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के करीब-करीब घोषित उम्मीदवार नरेश उत्तम पटेल के सामने बड़ी चुनौती है। सपा के रणनीतिकारों का मानना है कि पिछले चुनाव में अनुप्रिया पटेल ने सपा के उम्मीदवार रामचरित्र निषाद को करीब दो लाख 32 हजार मतों से पराजित किया था। इस बार सत्ता के खिलाफ आक्रोश है। ओबीसी नाराज है। रोजी-रोजगार के मुद्दे को ठीक से युवा वर्ग के बीच ले जाया जाए तो इतने मतों के अंतर को पाटना मुश्किल नहीं है। कुर्मी कुछ तो टूटेंगे। हालांकि सपाई भी मानते हैं कि लड़ाई आसान नहीं है। अनुप्रिया पटेल को हराना आज की तारीख में नामुमकिन नहीं तो मुश्किल जरूर है। नरेश उत्तम का खेमा एक और विकल्प पर काम कर रहा है। हो सकता है कि श्री उत्तम अपनी पतोहू प्रतिष्ठा सिंह पटेल को मैदान में उतार दें। प्रतिष्ठा का मायका मिर्जापुर के पास मवैया में ही एक प्रतिष्ठित परिवार में है। महिला के सामने महिला।

(लेखक राजेश पटेल sachchibaten.com के प्रधान संपादक हैं।)


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