July 24, 2024 |

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मझगावां में जुटे जब अपने तो आंखों से छलक पड़ा अपनापन

Sachchi Baten

सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मारक समिति वाराणसी के निश्शुल्क स्वास्थ्य शिविर में जुटे नामचीन डॉक्टर्स

-परंपरागत पटनवारी भोजन में पड़ी जब स्नेह की घी तो खाने के पहले ही स्वाद महसूस होने लगा

राजेश पटेल, मझगावां/चंदौली (सच्ची बातें)। चंदौली जिले की चकिया तहसील से मिर्जापुर जिला की सीमा पर स्थित एक गांव है मझगावां। रविवार 17 मार्च को सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मारक समिति अंधरापुल वाराणसी की ओर से यहां पर निश्शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में मुफ्त इलाज के साथ मौसमी बीमारियों से बचाव विषयक गोष्ठी भी हुई।

स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी का उद्घाटन करते मंत्री आशीष पटेल।

 

इसमें अपनी सेवा देने के लिए बनारस, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र जनपद से नामी-गिरामी डॉक्टर आए थे। इसमें सरदार वल्लभ भाई पटेल के अनुयायियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। गोष्ठी साईं एग्रो इंडस्ट्रीज परिसर में हुई। सामुदायिक भवन में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था। इसमें आसपास के गावों के हजारों लोगों को परामर्श के साथ मुफ्त में दवाएं भी दी गईं।

स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन करते डॉ. रामआसरे सिंह, साथ में सरदार पटेल स्मारक समिति के अध्यक्ष रमेश सिंह, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष नवल किशोर सिंह और अन्य महानुभाव।

 

स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन शिविर के संयोजक डॉ. रामआसरे सिंह ने किया। गोष्ठी की अध्यक्षता आयोजक समिति के अध्यक्ष रमेश सिंह ने की। आयोजक समिति के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष नवल किशोर सिंह ने संचालन किया।

डैसबोर्ड पर संचालक नवल किशोर सिंह, मंच पर बैठे मंत्री आशीष पटेल, रमेश सिंह, डॉ. रामआसरे सिंह, श्रीनाथ सिंह, ऋषिकेश सिंह व अन्य।

 

राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित इस संस्था द्वारा स्वास्थ्य शिविर और गोष्ठी की जानकारी मिलने पर प्रदेश के उपभोक्ता संरक्षण, प्राविधिक शिक्षा तथा बाट-माप मंत्री आशीष पटेल भी पहुंचे। अपनों के बीच जब आशीष पटेल पहुंचे तो मंत्री का प्रोटोकाल भूल से गए। हर व्यक्ति के पास जाकर उनकाे प्रणाम किया। अधिकतर से तो परिचित थे ही, जिनसे नहीं थे, उनका परिचय विस्तार से पूछा।

उनकी आंखें बता रही थीं कि वह अपनों के बीच खुद को पाकर कितना आह्लादित थे। उन्होंने सरदार पटेल की फोटो पर माल्यार्पण तथा दीप जलाकर गोष्ठी की औपचारिक शुरुआत की। मौजूद डॉ. रामआसरे सिंह, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. आदित्य सिंह, डॉ. राजन सिंह, डॉ. आरपी सिंह आदि को माला पहना कर तथा संस्था की ओर डायरी और पत्रिका देकर सम्मानित किया।

डॉ. रामआसरे सिंह को सम्मानित करते मंत्री आशीष पटेल।

 

संबोधन में आशीष पटेल ने कहा कि वह इस संस्था के संस्थापक डॉ. बलिराम सिंह को नमन करते हैं। उनकी जीजीविषा को सलाम करते हैं। जिन्होंने इस संस्था को खड़ा करने के लिए संकल्प लिया और आज इसका देश भर में एक स्थान है। उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व चेयरमैन जस्टिस रामसूरत सिंह को भी नमन किया। आयोजकों को बधाई दी। कहा कि अगले साल से इस शिविर में उनकी ओर से भी कुछ सहयोग स्वीकार करना होगा। मंत्री ने कहा कि चुनार में सरदार पटेल कृषि निर्यात केंद्र की स्थापना इसीलिए की गई है, ताकि किसानों की स्थिति में सुधार हो सके। जब केंद्र पूरी तरह से काम करने लगेगा, तब उसका फायदा यहां के किसानों को दिखेगा और मिलेगा।

शिविर में डॉ. राजन सिंह से बात करते मंत्री आशीष पटेल।

 

आजाद भारत के सबसे बड़े क्रांतिकारी चुनार के पूर्व विधायक स्व. यदुनाथ सिंह को लेकर कहा कि उनके नाम का तिराहा चुनार में बनेगा। उसका शिलान्यास हो चुका है। वह मिर्जापुर व आसपास के सभी महापुरुषों को सम्मान देना चाहते हैं। उनके नाम पर चौराहे बनवा रहे हैं। उनकी प्रतिमाओं की स्थापना कराई है। पटेल ने कहा कि समाज में एकता जरूरी है। जिस भी क्षेत्र में रहें, कोशिश करें कि अव्वल स्थान पर रहें। नंबर एक की ही चर्चा होती है।

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सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मारक समिति के तत्वावधान में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी में उपस्थित संभ्रांतजन।


गोष्ठी में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बीमारी से बचाव के उपाय बताए। शिविर में डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. राजन सिंह, डॉ. टीपी सिंह, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. आदित्य सिंह, डॉ. एमपी सिंह आदि ने अपने स्टाफ के साथ मरीजों का उपचार किया। परामर्श दिए। मंत्री आशीष पटेल ने शिविर का निरीक्षण किया और वहां पर डॉक्टर्स तथा पैरा मेडिकल स्टाफ को सम्मानित किया। कुछ मरीजों से बातचीत भी की।

पारंपरिक पटनवारी भोजन 

लंच में पारंपरिक पटनवारी भोजन की व्यवस्था थी। इसमें इस क्षेत्र का मशहूर जीराबत्तीस का भात, चने की मसालेदार दाल, मोछी, फुलौरी, तरुआ, तीन-चार किस्म की सब्जी। सभी आइटम परोसने के बाद अंत में शुद्ध देशी घी दाल में दी जाती है। इसके साथ सलाद जरूरी है। चटनी आदि समय और व्यवस्था के हिसाब से।

मंत्री आशीष पटेल को सम्मानित करते साई एग्रो इंडस्ट्रीज के सदस्यगण।

 

दूल्हे की विदाई के पहले जमालपुर और चकिया तहसील के इस क्षेत्र में यही भोजन उसे कराया जाता है। इसकी खासियत यह होती है कि स्वाद के चलते कुछ ज्यादा भी खा लिया तो आसानी से पच जाता है। पहले तो शादियां गर्मियों में ही होती थीं। लेकिन, इस भोजन से किसी का पेट खराब नहीं होता था। सिर्फ शादी नहीं, खुशी के अन्य मौकों पर भी इस इलाके में यही खाना बनता है।

स्वास्थ्य शिविर में उमड़े मरीज।

 

इस खाने का स्वाद और तब बढ़ गया, जब परोसने वालों ने अपने प्यार का तड़का लगाया। पूरी व्यवस्था में राजनाथ सिंह, नीरज सिंह, धीरज सिंह, सुनील सिंह, दिल्लू सिंह, अभिमन्यु सिंह, अमित कुमार, रंजीत कुमार आदि लगे थे। सभी को पलास के पत्तल पर भोजन कराया तथा कुल्हड़ में पानी पिलाया।

आयोजक समिति के पदाधिकारियों के साथ सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते मंत्री आशीष पटेल।

 

ये थे उपस्थित

कार्यक्रम में सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मारक समिति के उपाध्यक्ष श्रीनाथ सिंह, राजेंद्र सिंह, ऋषिकेश सिंह, राजेंद्र सिंह, मंत्री राजेश्वर सिंह, कोषाध्यक्ष श्यामसुंदर पटेल, पूर्व मंत्री पारस नाथ सिंह, जय प्रकाश सिंह, ढेबरा के रामआसरे सिंह, वाराणसी दुग्ध संघ के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण सिंह, जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन प्रभात सिंह, संजय भाई पटेल, रामनिहोर सिंह मास्टर, रामप्यारे सिंह पिपरिया, अमूल्य सिंह, रामपुर कलॉ के पूर्व प्रधान अनिल पटेल आदि उपस्थित थे।

पत्रकार राहुल सिंह के घर पर सामाजिक मुद्दों पर समाज के वरिष्ठ लोगों के साथ चर्चा करते मंत्री आशीष पटेल।

 

मंत्री आशीष पटेल यहां के बाद बाद अमर उजाला के पूर्व वरिष्ठ पत्रकार राहुल सिंह के घर पर भी उनसे मिलने गए। वहां पर भी सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई।

 

 

 

 


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