July 16, 2024 |

BREAKING NEWS

- Advertisement -

Twitter Trending : जयंती न पुण्यतिथि, फिर भी आज लालबहादुर शास्त्री याद आए… जानिए क्यों

Sachchi Baten

सोशल मीडिया पर छाये रहे पूर्व रेलमंत्री नीतीश कुमार व ममता बनर्जी भी

  • राजेश पटेल

बालासोर ट्रेन हादसे की खबर शुक्रवार रात से हर मीडिया प्लेटफार्म पर चल रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का घटनास्थल बालासोर पहुंचना। कई  राज्यों से भी वहां की सरकारों के प्रतिनिधि पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने घटनास्थल का दौरा किया। अस्पताल जाकर घायलों से बात की। इतनी बड़ी रेल दुर्घटना। 300 से  ज्यादा मौतें। 900 से ज्यादा घायल। इनमेंं चार-साढ़े चार सौ की हालत अभी गंभीर।

जाहिर सी बात है। हर मीडिया में इसी से संबंधित खबरें चल रही हैं। फेसबुक, ट्विटर, ह्वाट्सएप, टेलीग्राम आदि सोशल मीडिया पर भी यही छाया हुआ है। इन सबके बीच वह शख्स भी याद आ गया, जिस पर भारत नाज करता है। पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री। शास्त्री जी प्रधानमंत्री बनने के पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की सरकार में रेल मंत्री भी रहे हैं।

याद तो नीतीश कुमार और ममता बनर्जी भी आईं। ये दोनों नेता भी रेल मंत्रालय सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। लेकिन इन तीनों में सबसे ज्यादा याद शास्त्री जी आए।

घटना के 24 घंटे हो जाने के बाद भी इतनी बड़ी रेल दुर्घटना की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई। अब तक की जांच में क्या निकला, इसका भी खुलासा नहीं हो सका है। रेल मंत्री ने भी इसके लिए खुद को जिम्मेदार नहीं ठहराया। हर परियोजना को हरी झंडी दिखाने वाले पीएम भी जवाबदेही के मुद्दे पर कुछ नहीं बोले।

जहां जनता सिर्फ ‘वोट’ बनकर रह जाती है, वहां ऐसा ही होता है। जब वोट की कीमत पांच किलो चावल, कुछ नमक के साथ कुछ और रह जाती है तो अपनी जिम्मेदारियों को समझने वाले नेताओं की याद आएगी ही।

शनिवार को पूरे दिन ट्विटर पर लाल बहादुर शास्त्री ट्रेंड करता रहा। नीतीश कुमार और ममता बनर्जी को लेकर भी हजारों ट्विट किए गए हैं, लेकिन ट्रेंड नहीं हो सके। हां, फेसबुक और ह्वाट्सएप पर इन दोनों पूर्व रेलमंत्रियों की जय-जयकार होती रही।

आखिर क्यों याद आए तीनों पूर्व रेलमंत्री

1956 में महबूबनगर रेल हादसे में 112 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद तत्कालीन रेल मंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने स्वीकार नहीं किया।

इस हादसे के 3 महीने बाद ही अरियालूर रेल दुर्घटना में 114 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद शास्त्री ने फिर इस्तीफा दे दिया। इस बार नेहरू ने इस्तीफा स्वीकारते हुए संसद में कहा कि वह इस्तीफा इसलिए स्वीकार कर रहे हैं, ताकि यह एक नजीर बने। इसलिए नहीं कि हादसे के लिए किसी भी रूप में शास्त्री जिम्मेदार हैं।

बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में रेलमंत्री रहते हुए इस्तीफा दिया था। 1999 में पश्चिम बंगाल में गैसाल ट्रेन हादसे में करीब 290 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना से आहत नीतीश ने हादसे की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। वाजपेयी के ही कार्यकाल में एनडीए की रेलमंत्री ममता बनर्जी ने भी दो रेल हादसों की नैतिक जिम्मेदारी लेकर 2000 में इस्तीफा दिया था, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी ने उनका इस्तीफा अस्वीकार कर दिया था।

—————————————————————————————-

अपील- स्वच्छ, सकारात्मक व सरोकार वाली पत्रकारिता के लिए आपसे सहयोग की अपेक्षा है। आप गूगल पे या फोन पे के माध्यम से 9471500080 पर सहयोग राशि प्रेषित कर सकते हैं। 


Sachchi Baten

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.