July 23, 2024 |

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राम लला को 11 किलो सोने का मुकुट देना चाहता है देश का दूसरा नटवर लाल

Sachchi Baten

नटवर लाल के बाद दूसरा सबसे बड़ा ठग है सुकेश चंद्रशेखर

-मुकुट दान करने के लिए जेल से बाकायदा चिट्ठी लिखी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख को

नई दिल्ली (सच्ची बातें)। ठगी के आरोप में दिल्ली की जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने अयोध्या मंदिर में रामलला की मूर्ति के लिए सोने का मुकुट दान करने की अनुमति मांगी है। इसके लिए उसने बाकायदा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख को दो पेजों की चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उसने लिखा है कि वो राम लला की मूर्ति के लिए एक मुकुट दान करना चाहता है।

11 किलो वजन 101 डायमंड का बना है मुकुट
सुकेश चंद्रशेखर ने अपने वकील के माध्यम से ट्रस्ट को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्टी में उसने बताया है कि वो जो मुकट देना चाहता है, उसका वजन 11 किलो है और वो ठोस 916.24 कैरेट सोने से बना है। इसके अलावा इस मुकुट में 101 हीरे भी लगे हैं, हर एक हीरा का वजन 5 कैरेट है। इसके साथ ही मुकुट के बीच में पन्ना पत्थर लगा है, जो 50 कैरेट का है। राम लला के लिए इस मुकुट को दक्षिण भारत के एक मशहूर ज्वैलर्स ने तैयार किया है।

मुकुट दान करना था एक सपना
इस चिट्ठी में लिखा है कि भगवान श्री राम के प्रति चन्द्रशेखर और उसके परिवार की अटूट भक्ति ने उन्हें यह शानदार भेंट देने के लिए प्रेरित किया है। पत्र में कहा गया है कि वह मुकुट दान करने के अवसर को एक सपने के सच होने और एक गहन आशीर्वाद के रूप में मानते हैं। सुकेश ने कहा, उसके जीवन में सब कुछ भगवान राम के आशीर्वाद का परिणाम है, इससे यह योगदान उनके और उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गया है।

सुकेश के वकील दान करेंगे मुकुट
दान के लिए, चन्द्रशेखर ने अपने स्टाफ सदस्य और अपने कानूनी सलाहकार अनंत मलिक को अधिकृत किया है, जो ट्रस्ट को मुकुट भेंट करेंगे। वे सुनिश्चित करेंगे कि ताज से संबंधित आवश्यक बिल, रसीदें और प्रमाण पत्र प्रदान करने सहित सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएं। सोने का मुकुट दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरा होने की उम्मीद है।

जानिए कौन है सुकेश चंद्रशेखर

34 वर्षीय महाठग सुकेश चंद्रशेखर कर्नाटक के बैंगलोर का रहने वाला है। उसने एक्ट्रेस लीना मारिया पॉल से शादी की थी, जोकि इसके ठगी के खेल में साथी भी थी। सुकेश ने बिशॉप कॉटन बॉयज स्कूल, बैंगलोर से पढ़ाई की और मदुरे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही ये बेहद जल्द रईस बनना चाहता था। सुकेश को पहली बार 17 साल की उम्र में धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, जब उसने एक जाने-माने वरिष्ठ राजनेता के बेटे का दोस्त होने का दावा करके एक पारिवारिक मित्र को 1.5 करोड़ रुपये का चूना लगाया था।

सूत्रों के मुताबिक, एक बार सुकेश ने बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त के जाली हस्ताक्षर कर एक प्रमाण पत्र प्रकाशित किया, जिसमें दावा किया गया था कि वह कर्नाटक में कहीं भी गाड़ी चला सकता है। हालांकि उस समय वो नाबालिग था। कई सालों तक सुकेश ने एक पूर्व मुख्यमंत्री के पोते के रूप में अपने आपको पेश किया और सैकड़ों लोगों को धोखा देकर कई करोड़ रुपये कमाए। बाद में उसने किंग इन्वेस्टमेंट नाम से एक कंपनी शुरू की और निवेशकों से 2000 करोड़ रुपये ठगे।

साल 2017 में चंद्रशेखर को अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के उप महासचिव टीटीवी दिनाकरन का बिचौलिया होने का दावा कर दो पत्ती चुनाव चिन्ह दिलवाने का झांसा देने के मामले में दक्षिण दिल्ली के फाइव स्टार होटल से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह के धोखाधड़ी मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था, जब वो दो पत्ती मामले में अंतरिम जमानत पर था। दिल्ली पुलिस ने चंद्रशेखर को एक न्यायाधीश के आवास पर देखे जाने के बाद आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। दो पत्ती मामले में सुकेश चंद्रशेखर ने 50 करोड़ रुपये चुनाव आयोग के अधिकारियों को अपने पक्ष में करने के लिए मांगे थे।

सुकेश और तिहाड़ जेल अधिकारियों के बीच सांठ-गांठ
साल 2021 में सुकेश चंद्रशेखर को पांच अन्य जेल अधिकारियों के साथ 200 करोड़ रुपये के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। ये पैसा उसने कारोबारी शिवेंद्र मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से उनके पति की इस मामले में जेल से रिहाई के तौर पर मांगे थे। आरोप लगा था कि तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे बैठकर उगाही का पूरा नेक्सस तिहाड़ अधिकारियों की मदद से ही चलाया जा रहा था। पैसे के दम पर सुकेश तिहाड़ में ऐशो आराम की जिंदगी जी रहा था। जेल के अंदर से ही सुकेश अपना ठगी का पूरा धंधा चला रहा था। खुलासा होने पर सुकेश को ठगी में इस्तेमाल में एक आईफोन 12 प्रो मैक्स और एक सैमसंग फोन इजरायली फोन नंबर के साथ गिरफ्तार किया गया था।

तिहाड़ की रोहिणी जेल में वार्ड नम्बर 3 और बैरक नम्बर 204 में सुकेश को बंद किया गया था। वहां लगे 10 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद सुकेश और जेल अधिकारियों के बीच के नेक्सस का खुलासा हुआ था। आरोप है कि पैसे के दम पर तिहाड़ की रोहिणी जेल में सुकेश को एक पूरी बैरक अकेले रहने के लिए दे दी गई थी। कुछ महीनों पहले तिहाड़ में ऐशो आराम की जिंदगी जीने से सबंधित इसका एक सीसीटीवी भी सामने आया था, जिसमें पूरी बैरक को पर्दों से ढक कर सुकेश तमाम सुविधाओं के साथ सजा काटता दिख रहा था।

जेल कर्मियों को हर महीने देता था 1 से डेढ़ करोड़ रुपये
तिहाड़ प्रशासन पर आरोप लगा था कि ये तमाम सुविधाएं उसे करोड़ों रुपये तिहाड़ प्रशासन को बतौर रिश्वत दिए जाने के बदले मिल रही हैं। सुकेश ने खुद आरोप लगाया था कि वो करीब साढ़े 9 करोड़ रुपये DG संदीप गोयल के ऑफिस तक पहुंचा चुका है। इस मामले में भी कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने FIR दर्ज की थी, जिसके बाद तफ्तीश में करीब 35 जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोप था कि जेल में खुलेआम फोन इस्तेमाल करने, बिना पहले से वक़्त लिए कभी भी अपने परिचितों से मिलने, जेल मेनुअल का उल्लंघन कर इसी जेल में बंद अपनी पत्नी मरिया पॉल से किसी भी वक्त मिलने, बैरक में तमाम सुविधाएं मुहैया करवाने की एवज में सुकेश इन जेल कर्मियों को हर महीने एक से डेढ़ करोड़ रुपये देता था।

इतना ही नहीं, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में  नवंबर 2021 में रोहिणी जेल के 5 अधिकारियों को गिरफ्तार किया था जो सुकेश चंद्रशेखर को पैसे के बदले जेल में तमाम सुविधाएं मुहैया करवा रहे थे। इनकी पहचान रोहिणी जेल के सुप्रीटेंडेंट सुनील कुमार सुरंदर चंद्र, डिप्टी सुप्रीटेंडेंट महेंद्र प्रसाद लक्ष्मी दत्त और असिटेंट सुप्रीटेंडेंट प्रकाश चंद के रूप में हुई थी। आरोप था कि सुकेश के ठगी के नेक्सस में पूरी तरह से सक्रिय थे। इसके अलावा एक मामले में कुछ अन्य जेल कर्मियों की गिरफ्तारी और की गईं थी यानी करीब एक दर्जन गिरफ्तारी हो चुकी है और करीब 35 जेल कर्मियों को जांच पूरी होने तक सस्पेंड किया गया था।

उस दौरान रोहिणी जेल के एक सहायक अधीक्षक धर्म सिंह मीणा के मोबाइल से पता चला था कि कुल 82 जेल अधिकारी और कर्मी हैं, जिन्हें सुकेश हर महीने तमाम सुविधाओं के बदले करोड़ों रुपये दे रहा था। जिन 82 जेल कर्मियों पर आरोप लगा था उनके नाम थे-

रोहिणी जेल के इन 82 अधिकारियों व कर्मियों पर दर्ज है केस
जेल अधिकारी जसवंत सिंह, सहायक अधीक्षक विकास डागर, सहायक अधीक्षक नवीन दहिया, सहायक अधीक्षक प्रकाश चंद, सहायक अधीक्षक अशोक मल्होत्रा, सहायक अधीक्षक धर्मबीर सिंह, सहायक अधीक्षक सनी चंद्रा, सहायक अधीक्षक मोहित, सहायक अधीक्षक मोहित अंतिल, सहायक अधीक्षक योगेश

जेल वार्डन- जोगिंदर-विनय-विनय कुमार-दलीप कुमार-हरदीप-राकेश-यशपाल-सुनील-देवेंद्र-बलराम-संदीप-समर्पण-प्रवीण -भूपेंद्र-दीपक-अजय मलिक-राजीव-अरुण कुमार-अमन-अमित-रवि कुमार-दिनेश -पूनम-नितिन-रेणु-गुलवीर-मनोज डबास-प्रतिभा-विक्रम-कुलदीप-सुमित खत्री-राहुल-सुमित-संदीप-विजय पाल-विनोद कुमार-जगवीर-रोहित-नवीन-परवीन -ऋषि प्रकाश-योगेश-नीरज-शत्रुघ्न-राकेश-कुलदीप-राजीव-सतेंद्र -सुनील -नवीन-संजा मीना-ऋषभ मलिक -सुभाष चंदर -विक्की -प्रदीप -अंकुर -अजय कुमार -संदीप -वकील सिंह -रमेश डागर -योगेश -शिवानी-रवि कुमार-विवेक-अतुल खत्री-अविनाश-अंकित-विशाल-दीपक-पवन-सुनील दाहिया

सुकेश के मामले में जैकलीन, नोरा का नाम क्यों आया?
इनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, आपराधिक साजिश रचने व मकोका समेत 18 धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इन तमाम आरोपों के बाद सुकेश को कोर्ट के आदेश पर तिहाड़ की रोहिणी जेल से मंडोली जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। तिहाड़ जेल में स्पूफिंग के जरिए न केवल सुकेश ने 200 करोड़ रुपये की ठगी अपनी आवाज बदलकर की, बल्कि बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन और नोरा से नजदीकियां भी बढ़ाई। जैकलीन फर्नांडिस को सुकेश ने करोड़ों रुपये के गिफ्ट्स दिए थे। इनमें 52 लाख का एक अरबी घोड़ा, 9-9 लाख रुपये की 3 पर्शियन बिल्लियां, डायमंड सेट्स जैसे महंगे गिफ्ट हैं। तिहाड़ जेल में बंद रहते हुए भी सुकेश फोन पर जैकलीन से बात किया करता था।


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