July 23, 2024 |

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चैत मासे चुनरी रंगा दे हो रामा…..

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सांस्कृतिक कार्यक्रम में सतरंगी छटा बिखेर कर छात्राओं ने किया मंत्रमुग्ध

-लालता सिंह राजकीय महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में अतरंगी कार्यक्रम का हुआ समापन

डॉ. राजू पटेल, अदलहाट (मिर्जापुर)। लालता सिंह राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय का शुक्रवार को वार्षिकोत्सव व पुरस्कार वितरण समारोह रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच मनाया गया। छात्राओं ने संगीत के जादू से मंत्रमुग्ध कर दिया।

बतौर मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय डीएलडब्लू की प्राचार्य प्रो. शुभलक्ष्मी त्रिपाठी व प्राचार्य डॉ. नीलम टंडन ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ कराया।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहाकि महिलाओं को अपनी शक्ति पहचाननी होगी। जीजाबाई न होती तो शिवाजी को आज कोई नहीं जानता। हमारी भारतीय संस्कृति को दुनिया अपना रही है। हमें भी अपनी संस्कृति को संजोकर आगे बढ़ना होगा।

कहा कि शिक्षण संस्थानों का कार्य केवल नौकरियों के लिए युवाओं को तैयार करना नहीं, बल्कि सुशिक्षित, संस्कारवान एवं चरित्रवान नागरिक बनाना है। अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय की प्राचार्य ने आदर्श चरित्र निर्माण में संस्कार व गुणों की भूमिका को रेखांकित किया।

इससे पहले डा. जितेंद्र कुमार सिंह, डॉ. अरुंधती राय, डॉ. प्रदीप मिश्रा ने अतिथियों का बैज लगाकर स्वागत किया।प्राचार्य डॉ. नीलम टंडन ने स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र प्रदान कर अथियों को सम्मानित किया। छात्रा सोनी विश्वकर्मा, मोनी विश्वकर्मा, प्रीति विश्वकर्मा, अंकिता त्रिपाठी, नंदिनी, जूही ने आप आए हमें एक निधि मिल गई… गीत के साथ स्वागत किया।

डॉ. हेरंभ पांडे ने महाविद्यालय का प्रगति आख्या प्रस्तुत की। इसके बाद मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य डॉ. नीलम टंडन ने छात्राओं को पुरस्कार वितरित किया। डॉ. मनोज कुमार गौतम ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रणव कुमार एवं संचालन डॉ. प्रेम सुंदरी ने किया।इ स अवसर पर डॉ. अशोक यादव, डॉ. प्रदीप मिश्रा, डॉ. प्रणव कुमार, डॉ. अरुंधती राय, अखिलेश सिंह, अनीता सिंह, ममता चौहान सहित आदि मौजूद रहे।

छात्राओं ने वादन,गायन व नृत्य की बहाई त्रिवेणी

छात्राओं ने संगीत शिक्षक डॉ. सुमिता बनर्जी के संचालन में वादन, गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी बहाई। कार्यक्रम का आगाज शिवानी सिंह के ‘मोहे रंग दो लाल’ गीत के साथ हुआ। अनीता विश्वकर्मा के साउथ इंडियन सांग प्रणवालय नृत्य कर खूब वाहवाही लूटी। रश्मि ने अपनी साथी अनिशा के साथ 20 वीं शदी की दबी याद को ताजा कर दिया ‘खातून की खिदमत में सलाम अपुन का’ ने दर्शकों पर जादू कर दिया। मोनी विश्वकर्मा के ‘श्याम रंग बूमरो’, ‘काहे छेड़े मोहे’ नृत्य पर लोग झूम उठे। मुस्कान ने गुजराती नृत्य परिधान तो प्रीति विश्वकर्मा ने ‘कोई कितनो दुलार करे माई ना होई’ गीत प्रस्तुत किया।

मुस्कान गुप्ता के ‘जय जय हे महिषासुर’ की रोचक प्रस्तुति ने लोगों को भावविभोर कर दिया।छात्रा अंकिता त्रिपाठी, आंचल मौर्या, शिवानी, सविना, रूबी, संतोषी चौरसिया, मुस्कान गुप्ता ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ एकांकी के जरिये सौंदर्य को नहीं, बल्कि चरित्र को महान बनाने का संदेश दिया।

संगीत शिक्षक डॉ. सुमिता बनर्जी ने अपनी टीम मोनी विश्वकर्मा, सोनी विश्वकर्मा, प्रीति, अंकिता त्रिपाठी, नंदिनी, जूही के साथ चैता गीत ‘चैत मासे चुनरी रंगा दे हो रामा…’ प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। भावना विश्वकर्मा के नृत्य ‘याद पिया की आने लगी’ व अलका ने ‘ तेरे मोटे मोटे नैन कजरारे सी… पर नृत्य प्रस्तुत कर समां बांधा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए मुस्कान गुप्ता को ट्राफी देकर पुरस्कृत किया गया।


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