July 19, 2024 |

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PWD MIRZAPUR : नवीनीकरण की राशि 96 लाख, मुहाने की स्थिति ऐसी

Sachchi Baten

भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस-3

अदलहाट-ममोलापुर-कैलहट मार्ग के नवीनीकरण के लिए जारी हुए 96 लाख

-सामग्री बचाने के लिए हॉट मिक्स के बजाए काम कराया मजदूरों से

-लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता पर अधिकार का दुरुपयोग करने का आरोप

-सोनू मिश्रा कंस्ट्रक्शन पर कुछ ज्यादा ही नजरें इनायत हैं अधिशासी अभियंता की

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-2 मिर्जापुर के अधिशासी अभियंता देवपाल को सरकार ने ऐसे ही अनिवार्य सेवानिवृत्ति नहीं दी होगी। इनके कृत्य दाल में नमक बराबर नहीं, नमक में दाल डालने जैसे हैं। समाजसेवी राम सिंह वागीश ने मुख्यमंत्री के पास शिकायतों की जो फेहरिश्त भेजी है, वह चौंकाने वाली है। सच का पता तो जांच के बाद ही लगेगा।

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वागीश ने अपने शिकायती पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा है कि मिर्जापुर जिले में अदलहाट-कैलहट वाया ममोलापुर मार्ग 11 किलोमीटर लंबा है। इसका नवीनीकरण करने के लिए स्वीकृत धनराशि 96 लाख रुपये के सापेक्ष निविदा आमंत्रित की गई। कार्य हॉट मिक्स प्लांट से कराना था। किंतु, ठीकेदार ने सामग्री बचाने के लिए हॉट मिक्स के बजाए बिहारी मजदूरों से जैसे-तैसे कार्य करा दिया। यह निविदा की शर्तों के विपरीत है। क्योंकि निविदा में बता दिया गया था कि कार्य हॉटमिक्स प्लांट से कराना है।

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देखें टेंडर की फोटो, जिसमें बिंदु पांच में हॉटमिक्स प्लांट से काम कराने की शर्त है..

बता दें कि हॉटमिक्स प्लांट से नवीनीकरण करने में 4200 घनफीट गिट्टी लगती है। जबकि हाथ से लेपन कार्य कराने में मात्र 2600 घनफीट। 1600 घनफीट गिट्टी प्रति किलोमीटर बचाई गई। कुल मिलाकर करीब 40 फीसद सामग्री की चोरी की गई। इसमें विभाग का हाथ न हो, ऐसा हो नहीं सकता। क्योंकि नियमतः लेपन कार्य अवर अभियंता की निगरानी में किया जाना है।

सामग्री चोरी करने का नतीजा यह है कि नवीनीकरण के दो माह के अंदर ही सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। किलोमीटर 11 तो पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। पैदल भी आने-जाने लायक नहीं बचा है। किलोमीटर 1, 2, 3 व 5 में भी सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

राम सिंह वागीश ने आरोप लगाया है कि सोनू मिश्रा कंस्ट्रक्शन पर अधिशासी अभियंता की मेहरबानी खूब बरसी है। दरअसल लोक निर्माण विभाग में अधिशासी अभिंयता को 10 लाख रुपये तक का बांड बनवाने का अधिकार है। मिर्जापुर लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता देवपाल ने अपने इस अधिकार का दुरुपयोग किया है। उच्च न्यायालय द्वारा अपनी अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर स्थगन आदेश लेने के बाद सोनू मिश्रा कंस्ट्रक्शन के नाम करीब 150 बांड बनवाए हैं। हाल के दिनों में तो इसमें काफी तेजी आई है। क्योंकि फरवरी में ही अधिशासी अभियंता देवपाल को रिटायर होना है।

पिछले सात अक्टूबर को प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद ने अष्टभुजा डाक बंगले में विभागीय समीक्षा बैठक की थी। मंत्री ने अधिशासी अभियंता को काफी फटकार लगाई थी। डीएम को आदेश दिया था कि टीम बनाकर सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। जांच रिपोर्ट आने के पहले किसी भी ठीकेदार काे भुगतान न किया जाए। टीम गठित हुई या नहीं। यह तो पता नहीं, लेकिन अधिशासी अभियंता की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं देखा जा रहा है। वह झाड़ू लगाने में जुटे हैं।

नोट- मिर्जापुर लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता देवपाल जी यदि इन आरोपों के बारे में कोई सफाई देना चाहते हैं तो स्वागत है। वह मेरे मोबाइल नंबर 7909081514 पर ह्वाट्सएप के माध्यम से भेज सकते हैं। उनकी पूरी बात प्रकाशित की जाएगी।


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