July 20, 2024 |

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बंगाल के गवर्नर पर यौन शोषण के आरोप की जांच के लिए पुलिस टीम गठित

Sachchi Baten

राजभवन की ही एक महिला कर्मचारी ने राज्यपाल पर लगाया है यौन शोषण की कोशिश का आरोप

-जांच के लिए पुलिस की आठ सदस्यीय स्पेशल टीम गठित

-गर्वनर सीवी आनंद बोस ने कहा यह एक राजनीतिक दल की साजिश, भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने और हिंसा को रोकने का उनका अभियान जारी रहेगा

कोलकाता (सच्ची बातें)। कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में राजभवन में कांट्रैक्ट पर कार्यरत एक महिला कर्मचारी की ओर से गवर्नर सीवी आनंद बोस के खिलाफ एक जनरल डायरी एंट्री (जीडीई) रजिस्टर कराई गयी है, जिसमें कर्मचारी ने प्रोमोशन का वादा कर गवर्नर पर यौन शोषण के प्रयास का आरोप लगाया है।

सिटी पुलिस ने डिप्टी कमिश्नर (सेंट्रल डिवीजन) इंदिरा मुखर्जी के नेतृत्व में एक आठ सदस्यीय स्पेशल जांच टीम गठित कर दी है। महिला ने पुलिस में यह शिकायत गुरुवार को लिखित तौर पर दर्ज कराई है, जिसमें उसने कहा है कि बोस ने कथित तौर पर 19 अप्रैल को अपने बायोडाटा के साथ मिलने के लिए कहा था। उसने बताया कि वह बोस से उनके दफ्तर में 24 अप्रैल को तकरीबन 12.45 दोपहर को मिली थी।

टेलीग्राफ को एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने बताया कि महिला के मुताबिक 24 अप्रैल को अश्लील प्रस्ताव देने और आपत्तिजनक तरीके से उसे छूने से पहले गवर्नर ने उसके साथ औपचारिक बातचीत की थी। उसने बताया कि वह बेहद मुश्किल तरीके से बचकर कमरे से बाहर निकली।

शिकायतकर्ता का कहना है कि 2 मई को बोस ने फिर से उसे बुलाया था। अफसर ने बताया कि पिछले दिनों जो उसके साथ हुआ था, उसको ध्यान में रखते हुए उसने अपने साथ सुपरवाइजर को ले लिया। कांफ्रेंस रूम में उनकी गवर्नर के साथ मुलाकात हुई। उसने बताया कि कुछ समय बाद गवर्नर ने सुपरवाइजर को वहां से चले जाने के लिए कहा। अफसर ने बताया कि उसके बाद (महिला का कहना है) उन्होंने प्रोमोशन का वादा कर उसके साथ बातचीत को बहुत खींच दिया।

अफसर का कहना था कि उन्होंने कथित तौर पर उसे बताया कि वह उसे रात को फोन करेंगे और उन्होंने उससे इस बात को किसी से नहीं बताने के लिए कहा। महिला ने विरोध किया। उसके बाद उन्होंने कथित तौर पर उसे आपत्तिजनक तरीके से छु्आ।

टेलीविजन चैनेल एबीपी आनंदा ने शुक्रवार को महिला से पूछा कि क्या वह राजभवन फिर से लौटना चाहती है। तो उसने बताया कि मैं वहां नहीं जाना चाहती हूं। या तो वो रहेंगे या फिर मैं।

जनरल डायरी एंट्री (जीडीई) किसी एक केस के बराबर नहीं होती; जबकि एफआईआर होता है। संविधान के आर्टिकल 361 के मुताबिक राष्ट्रपति और राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान कोई भी आपराधिक कार्यवाही उनके खिलाफ नहीं संचालित की जा सकती है।

पुलिस जांच कर सकती है और रिपोर्ट को संबंधित राज्य सरकार को सौंप सकती है और उस रिपोर्ट को राज्य सरकार राष्ट्रपति को फारवर्ड कर सकती है। जो गवर्नर की नियुक्ति अथारिटी होता है।

गवर्नर बोस ने एक वायस मैसेज जारी कर इसे घृणित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि मैं सभी उदार आरोपों और हमारे आसपास कुछ राजनीतिक शक्तियों द्वारा लगातार जो हरकतें की जा रही हैं, उनका स्वागत करता हूं। मैं समझता हूं मेरे मित्र अभी और बहुत कुछ आना बाकी है। लेकिन एक चीज बिल्कुल साफ है। भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने और हिंसा को रोकने के मेरे दृढ़ प्रयासों पर इन सब चीजों का कोई असर नहीं पड़ने जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि अब मेरे पास सूचना है मेरे मित्रों कि राजभवन में एक बहुत घृणित साजिश को अंजाम दिया गया है। हम उसके लिए जिम्मेदार लोगों को जानते हैं। उनसे बचिए। मैं चकित नहीं हूं। कुछ राजनीतिक ताकतों द्वारा क्या कुछ किया जा सकता है, मुझे इसके बारे में पहले ही बता दिया गया था।

मैंने बहुत सारे तूफानों का पूरी बहादुरी के साथ सामना किया है। जो राजनीतिक दल इस साजिश को अंजाम दे रहा है, उससे हमने कहा कि यह कोई तूफान नहीं है….इस बात से चकित न होइयेगा। अगर आप इस बात को महसूस करें तो मैं खुद तूफान हूं।

गुरुवार को महिला ने पुलिस को मौखिक रूप से बताया था कि राजभवन में उसने अपने सहयोगियों द्वारा सुना था कि एक और महिला गवर्नर के खिलाफ शिकायत करने के लिए गवर्नर दफ्तर को फोन किया करती थी।

लेकिन राजभवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कथित तौर पर स्टाफ को उसका संज्ञान नहीं लेने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता ने यह बात गुरुवार को पुलिस को बतायी।

उसने पुलिस को बताया कि अब मैं महसूस करती हूं कि उसकी शिकायत निश्चित तौर पर सही होगी। अपने एक्स हैंडल पर बोस ने गुरुवार शाम को राजभवन परिसर में पुलिस के प्रवेश पर प्रतिबंध की घोषणा की थी।

लाल बाजार पुलिस हेडक्वार्टर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना था कि उन्होंने शुक्रवार की दोपहर तक राजभवन से इससे संबंधित कोई औपचारिक सूचना नहीं हासिल की।

पुलिस का कहना है कि राजभवन परिसर में स्थित पुलिस आउटपोस्ट दूसरे दिनों की तरह शुक्रवार को भी काम कर रहा था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच को शुरू करने के लिए अफसरों की एक टीम शुक्रवार को राजभवन गयी थी।

अफसर ने बताया कि हम कानूनी विशेषज्ञों से बात कर रहे हैं और सभी कदम उसी के मुताबिक उठा रहे हैं। जांच के हिस्से के तौर पर पुलिस राजभवन के दूसरे कर्मचारियों से बातचीत करेगी। पहले से ही एक सूची तैयार कर ली गयी है।

पुलिस ने बताया कि वो राजभवन परिसर से सीसीटीवी फुटेज एकत्रित करेंगे।

गवर्नर के खिलाफ आरोपों और औपचारिक पुलिस शिकायत के बाद सेंट्रल इंटेलिजेंस ब्यूरो ने शुक्रवार को बंगाल सरकार को एक एलर्ट भेज दिया था। इस बीच पीएम मोदी बंगाल के चुनावी दौरे पर थे। शुक्रवार को उन्होंने सूबे में तीन चुनावी रैलियों को संबोधित किया।

(ज्यादातर इनपुट टेलीग्राफ से लिए गए हैं।)


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