July 23, 2024 |

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पीएम मोदी के कथित मित्र गौतम अडानी ने गुजरात सरकार को लगाया 3900 करोड़ का चूना

Sachchi Baten

गुजरात ऊर्जा विकास निगम ने अडानी पॉवर के 3900 करोड़ रुपये अतिरिक्त भुगतान कर दिया

गुजरात सरकार ने वसूली के लिए भेजा नोटिस, पैसे लौटाने में सहयोग नहीं कर रही अडानी की कंपनी

 

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी के कथित मित्र गौतम अडानी ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम को 3900 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। इस राशि को लौटाने के लिए  गुजरात ऊर्जा विकास निगम ने  अडानी  कंपनी  अडानी पॉवर को नोटिस भेजा है। आरोप है कि रुपये लौटाने  के मामले में अडानी पॉवर सहयोग नहीं कर रहा है। कहा गया है कि अडानी पॉववर ने पांच साल में 3900 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान ले लिया है। 

इस साल जनवरी में हिंडनवर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद गौतम अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई थी। अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनवर्ग रिसर्च ने गौतम अडानी ग्रुप की कंपनियों पर अनियमितता बरतने के आरोप लगाए थे। इसके बाद गौतम अडानी ने कई बार सार्वजनिक मंच पर आकर यह कहा था कि उनके ग्रुप की कंपनियों और उनके एकाउंटिंग के प्रोसेस में कोई भी गड़बड़ी नहीं है। अब एक खबर सामने आई है, जिसमें गुजरात ऊर्जा विकास निगम ने गौतम अडानी ग्रुप की अडानी पॉवर को साल 2018 से 2023 के बीच 3900 करोड़ रुपये का एक्स्ट्रा पेमेंट कर दिया है। 

वास्तव में पिछले पांच वर्षोंं में गुजरात ऊर्जा विकास निगम ने अडानी पॉवर से बिजली खरीद के लिए जो समझौता किया था, उसमें इंडोनेशिया से कोयला आयात करने की एक शर्त रखी गई थी कि अगर कोयले की कीमत बढ़ती है तो अडानी पॉवर बिजली के भाव बढ़ा सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले पांच वर्षों के दौरान कोयले के भाव में बदलाव की पुख्ता जानकारी और सबूत दिए बिना अडानी पॉवर ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम से बिजली के अधिक भाव वसूल लिए हैं। इस प्रक्रिया में उसके पास करीब 3900 करोड़ रुपये अधिक आ गए हैं।

अब गुजरात ऊर्जा विकास निगम ने अडानी पॉवर से इस पैसे की रिकवरी के लिए नोटिस भेजा है। 15 मई 2023 को लिखे एक पत्र में गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड ने कहा है कि अडानी पॉवर पैसे लौटाने के इस मामले में सहयोग नहीं कर रही है और वह इंडोनेशिया से कोयले के आयात से संबंधित विस्तृत जानकारी देने में असफल रही है।

गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड ने यह भी आरोप लगाया है कि इंडोनेशिया में वास्तव में उस समय कोयले का जो भाव था, अडानी पॉवर ने उससे महंगी दर पर कोयला आयात करने की जानकारी दी है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह भारतीय जनता पार्टी की कार्यप्रणाली का एक शानदार नमूना है। अक्टूबर 2018 से मार्च 2023 तक गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड ने बिजली शुल्क के रूप में अडानी पॉवर को 13,802 करोड़ रुपये दिए हैं, जो बिजली की वास्तविक कीमत से ₹3900 करोड़ ज्यादा है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि अडानी पॉवर इंडोनेशिया से उन ग्राहकों से कोयला खरीद रही थी, जो उसे महंगे दर पर कोयला बेच रहे थे। कोयले की बाजार कीमत इसकी तुलना में काफी कम थी। दिलचस्प तथ्य है कि अडानी पॉवर के ऑडिटर ने इस बारे में कोई सवाल नहीं उठाया. जबकि गौतम अडानी की कंपनी अडानी पॉवर के पास इसके सपोर्ट में कोई दस्तावेज भी नहीं था।

कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने आरोप लगाया है कि पूंजी बाजार नियामक सेबी भी अब तक हिंडनवर्ग रिसर्च के रिपोर्ट के आधार पर अडानी ग्रुप की जांच करने में विफल रहा है। सुप्रीम कोर्ट की एक एक्सपर्ट कमेटी ने कहा है कि सेबी अडानी ग्रुप की कंपनियों में विदेशी निवेशकों की कारगुजारियों से फायदा उठाने वाले लोगों की पहचान करने में भी असफल रहा है।


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