July 16, 2024 |

BREAKING NEWS

- Advertisement -

खुद को पीडीए की प्रबल पैरोकार कहने वाली पल्लवी को एनडीए से गुरेज नहीं

Sachchi Baten

सपा से अलग होने के बाद कहा एनडीए से ऑफर आया तो करेंगे विचार

-कहा इंडिया गठबंधन उनके साथ भी वही कर रहा, जो नीतीश कुमार के साथ किया

-सच्ची बातें ने पहले ही बता दिया था कि पल्लवी पटेल के लिए पीडीए तो सिर्फ बहाना, असली मंशा कुछ और

लखनऊ (सच्ची बातें)। अपना दल कमेरावादी की नेता समाजवादी पार्टी की विधायक पल्लवी पटेल ने सपा से गठबंधन तोड़ने के बाद 22 मार्च को पहली बार प्रेस से मुखातिब थीं। इस दौरान उनके दिल में जो बात थी, वह होठों पर आ ही गई। हालांकि सच्ची बातें डॉट कॉम ने उनके दिल की इस बात को पहले ही जगजाहिर कर दिया था।

सुनिए पल्लवी पटेल ने एनडीए को लेकर प्रेस कांफ्रेंस में क्या कहा…

पल्लवी पटेल ने कहा कि इंडिया गठबंधन हमारे साथ वही कर रहा है जो नीतीश कुमार के साथ किया। हमने तीन सीट गठबंधन के सहयोगियों से चर्चा के बाद घोषित की थी। अखिलेश ने गठबंधन खत्म होने की बात कही है, उसका स्वागत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तय करे कि अपना दल कमेरावादी इंडिया गठबंधन में है या नहीं। एनडीए से ऑफर आया तो सोचेंगे। हमें राजनीति करनी है।

सिराथू विधायक पल्लवी पटेल ने कहा कि जब से इंडिया गठबंधन बना है, हम प्रमुख अंग के रूप में बुलाए गए । प्रस्तवित सीटों पर ही हमने प्रत्याशी घोषित किया।

इसे जरूर पढ़ें…अब पल्लवी पटेल भी बनेंगी एनडीए का हिस्सा ?

उन्होंने कहा कि वह संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्यसभा चुनाव में आलोक रंजन के हारने का कतई दुख नहीं। मैं अपना दल गठबंधन की विधायक हूं, सपा की नहीं। सपा के पास मुझे निकालने का पूरा विकल्प है। निर्णय कांग्रेस और सपा को लेना है। एनडीए के साथ जाने का निर्णय संगठन करेगा। पीडीए एक मिशन है। किसी की जेब का एजेंडा नहीं।

चर्चाओं के अनुसार दल कमेरावादी की नेता तकनीकी रूप से समाजवादी पार्टी की सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल अपने पति पंकज पटेल निरंजन के लिए राज्यसभा या विधान परिषद की सीट मांग रही थीं। हालांकि उन्होंने कहा था कि वह अपनी मां कृष्णा पटेल को राज्यसभा या विधान परिषद में भेजना चाहती हैं। अखिलेश यादव ने संभवतः उनकी मांग को तवज्जो नहीं दी थी। उसी समय से माना जा रहा था पल्लवी पटेल अब और ज्यादा दिन इंडिया गठबंधन में रहने वाली नहीं हैं।

अब जब अखिलेश यादव ने औपचारिक रूप से घोषणा कर दी कि अपना दल कमेरावादी के साथ अब उनकी पार्टी का कोई गठबंधन नहीं है तो पल्लवी पटेल ने खुलकर कह दिया कि यदि एनडीए से ऑफर आएगा तो पार्टी विचार करेगी। इसका मतलब पल्लवी पटेल के लिए पीडीए सिर्फ हाथी के दिखने वाले दांत हैं। खाने वाले तो और हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि शीघ्र ही वह एनडीए का हिस्सा हो सकती हैं। हालांकि इसमें सबसे बड़ी बाधा उनकी छोटी बहन अनुप्रिया पटेल हैं, जिनके नेतृत्व वाली पार्टी अपना दल सोनेलाल एनडीए का पुराना सहयोगी है। सबसे विश्वस्त सहयोगी है। 2014 से लेकर अब तक के सभी चुनावों को साथ-साथ लड़ा है।


Sachchi Baten

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.