July 16, 2024 |

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अनुप्रिया पटेल से लड़ने के लिए पल्लवी ने ‘दौलत’ का लिया सहारा

Sachchi Baten

लोकसभा चुनाव 2024ः पीडीएम न्याय मोर्चा ने मिर्जापुर से दौलत सिंह पटेल को बनाया उम्मीदवार

-आजाद भारत के सबसे बडे़ क्रांतिकारी यदुनाथ सिंह के शागिर्द हैं दौलत मास्टर

-बायोमास से हाइड्रोजन बनाने वाली विश्व की प्रथम कंपनी बिज़ल ग्रीन एनर्जी के निदेशक हैं दौलत सिंह

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। असदुद्दीन ओवैसी और पल्लवी पटेल नीत पीडीएम की ओर से मिर्जापुर संसदीय सीट के लिए दौलत सिंह पटेल को उम्मीदवार घोषित किया गया है। माना जा रहा है कि दौलत सिंह मौजूदा सांसद अनुप्रिया पटेल को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।

मिर्जापुर संसदीय सीट इस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। इसका मुख्य कारण यहां की सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल हैं। मिर्जापुर में कराए गए विकास कार्यों के कारण उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। पीएम मोदी के संसदीय सीट वाराणसी से सटा होने के कारण भी मिर्जापुर चर्चा में है। पीएम मोदी के ही प्रयास से वाराणसी में विश्वनाथ कॉरिडोर बना तो मिर्जापुर के विंध्यालय में विंध्यवासिनी कॉरिडोर।

अनुप्रिया पटेल इस बार हैट्रिक लगाने के लिए प्रयास कर रही हैं। विपक्षी दल उनकी हैट्रिक को रोकना चाहते हैं। सबसे पहले सपा ने राजेंद्र एस बिंद को टिकट देकर बिंद मतों को प्रभावित करने की कोशिश की। इसके बाद बसपा ने मनीष त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाकर ब्राह्मण मतों में सेधमारी का प्रयास किया है। अब अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा पटेल और बड़ी बहन पल्लवी पटेल की पार्टी अपना दल कमेरावादी ने पीडीएम से दौलत सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है। दौलत सिंह पटेल की उम्मीदवारी से कुर्मी मतों पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह तो समय बताएगा। लेकिन दौलत सिंह बड़ी चुनौती दे सकने में सक्षम हैं।

दौलत सिंह पटेल का परिचय

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र रहे और जिले के जनता जनार्दन इंटर कॉलेज भुड़कुड़ा में गणित के प्रवक्ता के पद पर कार्यरत रहे। छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़े रहे तथा तमाम सामाजिक और राजनैतिक आंदोलनों में भाग लेते हुवे 17 बार जेल यात्रा की। वर्तमान में दौलत सिंह बायोमास से हाइड्रोजन बनाने वाली विश्व की प्रथम कंपनी बिज़ल ग्रीन एनर्जी के निदेशक हैं। दौलत सिंह अपने गांव नियामतपुर कलां के ग्राम प्रधान भी रहे तथा चुनार के शानदार विधायक स्व. यदुनाथ सिंह के विधायक प्रतिनिधि रहे। शिक्षक संघ की राजनीति में भी सक्रिय रहते हुवे शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष और मण्डल अध्यक्ष के पद पे भी कार्य कर चुके हैं। कांग्रेस में पिछड़ा वर्ग विभाग उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष रहते हुए जिले में जातिगत जनगणना आधारित सामाजिक न्याय सम्मेलन का आयोजन 18 जनवरी 2024 को किया था, जिसमें काफी भीड़ उमड़ी थी। दौलत सिंह काफी दिनों से लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लगे हैं।

ढेबरा घराने से भी इस बार अनुप्रिया पटेल को मिल सकती है चुनौती

जमालपुर ब्लॉक में पड़ने वाले ढेबरा गांव के अनिल पटेल भी इस बार चुनाव में निर्दल हाथ आजमाने की फिराक में हैं। उन्होंने जनसंपर्क भी शुरू कर दिया है। अनिल पटेल ढेबरा के उस घराने से ताल्लुक रखते हैं, जिसका कभी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से सीधा संबंध रहा।

जनसंपर्क के दौरान अनिल पटेल का स्वागत।

 

इस घराने के रमाशंकर सिंह चुनार से कांग्रेस के टिकट पर दो बार विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली। अनिल पटेल भी कांग्रेसी ही हैं, लेकिन यह सीट गठबंधन के तहत सपा के खाते में आ जाने के कारण इनको कांग्रेस से टिकट नहीं मिल सका। लिहाजा निर्दल ही लड़ने का एलान कर दिया है।

बहरहाल हार या जीत किसी की भी हो, लेकिन यह तय है कि दौलत सिंह पटेल और अनिल पटेल को जितने भी मत मिलेंगे, अनुप्रिया पटेल का उतना ही नुकसान होगा।


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