July 24, 2024 |

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OBC : ओबीसी ने भरी हुंकार, हमारे अधिकारों पर कुठाराघात अब और बर्दाश्त नहीं

Sachchi Baten

सामाजिक न्याय की मूल भावना के खिलाफ है जातिगत जनगणना बिना EWS आरक्षण

-उठी आवाजः OBC को बांटने की साजिश कामयाब नहीं होने देंगे

-69 हजार शिक्षक बहाली में आरक्षण घोटाला का जिन्न फिर बाहर निकला

-रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट सरकार ने लागू की तो होगा आंदोलन

 

राजेश पटेल, लखनऊ (सच्ची बातें)। शांत सागर में जब हलचल शुरू हो गई तो ज्वार भांटा का आना अवश्यंभावी है। ओबीसी को अपनी ताकत का अहसास हो चुका है। उसे पता चल गया है कि अपनी हकमारी रोकने के लिए उसका एकजुट रहना जरूरी है। ओबीसी को एकजुट करने की शुरुआत 30 जुलाई रविवार को लखनऊ से हो गई। स्थान था शहीद पथ के पास वृंदावन योजनना के सेक्टर सी स्थिति ए-स्वायर होम। इसमें प्रदेश भर से ओबीसी बुद्धिजीवी आए थे। ओबीसी की हकमारी रोकने के लिए सभी ने एकजुटता दर्शाई।

ओबीसी महासभा उत्तर प्रदेश के इस कार्यकर्ता सम्मेलन में वक्ताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जातिवार जनगणना जरूरी है। यह बिना कराए OBC को बांटने की साजिश के तहत रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट लागू करने की बात सरकार कर रही है। यह पिछड़ों की एकता को तोड़ने की साजिश है। अगर सरकार ने ऐसा करने की कोशिश की तो OBC महासभा पूरे देश में आंदोलन करेगी।

वक्ताओं में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, शोहरतगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय सचिव चौधरी अमर सिंह, राष्ट्रीय जनक्रांति पार्टी के अध्यक्ष हेमंत चौधरी, आम आदमी पार्टी के शिक्षक प्रकोष्ठ के कोषाध्यक्ष डॉ. मुकेश यादव, नीरज पटेल ने कहा कि लोकसभा चुनाव के ठीक पहले रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट की चर्चा कराकर सरकार पिछड़ों को बांटना चाहती है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। पहले जातिवार जनगणना जरूरी है। जो सरकार नहीं कराकर पिछड़ों के साथ बड़ा अन्याय कर रही है। इसके लिए हमें एकजुट होना होगा। अभी नहीं तो कभी नहीं। यह दौर पिछड़ों के लिए करो या मरो वाला है। अपने साथ हो रहे अन्याय का विरोध यदि अभी नहीं कर सके तो फिर हम सबकुछ गंवा देंगे।

इस मौके पर राष्ट्रीय एवं प्रदेश कोर कमेटी के सदस्यों द्वारा पदाधिकारियों की समीक्षा की गयी। उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। संगठन विस्तार हेतु व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।  जाति आधारित जनगणना, मण्डल आयोग की अनुशंसाओं को लागू कराना, देश भर में हो रही भर्ती प्रक्रिया में संविधान के अनु. 16(4) के तहत 54% आरक्षण लागू कराने, क्रीमीलेयर को समाप्त करने, कोलेजियम सिस्टम समाप्त करने, बेरोजगार भत्ता/रोजगार गारंटी बिल लाये जाने, ओबीसी समाज के विरुद्ध हो रहे अत्याचार को रोकने सहित तमाम बिन्दुओं पर व्यापक चर्चा की गई। साथ ही ओबीसी वर्ग के भविष्य की दशा-दिशा तय करने के सम्बन्ध में संगठन की भावी भूमिका पर विचार किया गया।

वर्तमान परिवेश में ओबीसी की समस्याओं एवं उन पर हो रहे अत्याचारों को रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाने का निर्णय लिया गया। प्रस्ताव पारित किया गया कि महासभा EWS आरक्षण का विरोध करती है। कहा गया कि बिना जाति-जनगणना के EWS आरक्षण लागू करना सामाजिक न्याय की मूल भावना के खिलाफ़ है। 69000 शिक्षक भर्ती मे आरक्षण घोटाला की न्यायिक जांच कराने की मांग की गई।

इस अवसर पर मुख्य रूप से राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य ओबीसी पुष्पराज सिंह, रजनीश सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अनूप पटेल, प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी रामनिवास वर्मा, का. प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी सुनील निषाद , प्रदेश महासचिव ओबीसी मिथिलेश कुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष ओबीसी ईश्वर पटेल एवं प्रदेश, मण्डल, जनपद स्तरीय तमाम पदाधिकारागण /कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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