July 19, 2024 |

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नरायनपुर को छोड़ दिया गया नारायण के ही हवाले

Sachchi Baten

वाराणसी-मिर्जापुर मार्ग पर नरायनपुर बाजार में पुरानी सड़क पर जानलेवा बने गड्ढे

-लगता है कि जनसमस्याओं से कोई सरोकार नहीं है जनप्रतिनिधियों को

-नरायनपुर बाजार में हनुमान मंदिर, मोटर मार्केट से लेकर बनारस की ओर फोर लेन तक सड़क में गड्ढों को गिनते-गिनते थक जाएंगे आप

राजेश पटेल, नरायनपुर/मिर्जापुर (सच्ची बातें)। वाराणसी-मिर्जापुर मार्ग पर प्रमुख बाजार पड़ता है नरायनपुर। यहीं से शक्तिनगर के लिए भी स्टेट हाईवे है। बनारस की ओर से शक्तिनगर तथा नरायनपुर बाजार जाने वाले लोग एनएचएआइ की फोर लेन सड़क से नीचे उतरना पड़ना है। यहां से नरायनपुर मोटर मार्केट में हनुमान मंदिर तक सड़क में कितने गड्डे हैं, आप गिनते-गिनते थक जाएंगे। बार-बार ध्यान आकृष्ट कराने के बाजवूद न तो विभाग और न ही जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं रेंग रही है। कोई जीत के जश्न में मगरूर है तो कोई हार का गम भुला रहा है। रो रहे हैं इस रास्ते से आने-जाने वाले लोग।

लगता है कि जनप्रतिनिधि बरसात होने का इंतजार कर रहे हैं। गड्ढों में पानी भर जाएगा। पता ही नहीं चलेगा कि गहराई और चौड़ाई कितनी है। स्कूटी, स्कूटर और बाइक वाले उसमें गिर कर घायल होंगे, कुछ की मौत भी हो सकती है। फिर भी शर्म नहीं आएगी। बहुत ज्यादा करेंगे तो घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त कर देंगे। उनके दलाल खीस निपोरकर दलील देंगे कि बरसात में सभी सड़कों की स्थिति ऐसी हो ही जाती है। बरसात बाद ही मरम्मत हो पाएगी। सत्ता के इन दलालों को इस समय ये गड्ढे नहीं दिखाई दे रहे हैं। इसी समय ये गड्ढे दिख जाएं तो बरसात के पहले सड़क की मरम्मत के लिए विभाग पर दबाव बना सकेंगे।

विभाग की बेशर्मी का आलम यह है कि इंजीनियर प्रवीण कुमार सिंह ने पीडब्ल्यूडी के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर इस सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठाया तो जवाब मिला कि यह एनएचएआइ के अधीन है।

यह बताने वाला कोई और नहीं, बल्कि मिर्जापुर में नेताओं के सहयोग से लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-2 के पूर्व अधिशासी अभियंता देवपाल हैं, जिनके कार्यकाल में अनियमितता की सारी सीमाएं तोड़ दी गई थीं। लोग हतप्रभ हैं कि पीडब्ल्यूडी का जवाब ऐसा कैसे हो सकता है।

खैर, सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन हो या एनएचएआइ के। ठीक होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि बरसात के पहले सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाएं होंगी ही। मोटर मार्केट से उत्तर तरफ फोर लेन मार्ग के अंडर पास तक की सड़क की स्थिति इस समय ऐसी है, मानो किसी माइनिंग एरिया का पहाड़ी मार्ग हो। सड़क के नीचे दबे बड़े-बडे बोल्डर ऊपर आ गए हैं।

 

आलम यह है कि बनारस की ओर से शक्तिनगर की ओर जाने वाली बसें अब शेरपुर से नीचे उतरकर नरायनपुर त्रिमोहानी से होकर जा रही हैं। स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों से इस मार्ग पर ध्यान देने की अपील की है। कहा कि जैसे 2019 के चुनाव के पहले सांसद अनुप्रिया पटेल ने विशेष व्यवस्था के तहत मोटर मार्केट की क्षतिग्रस्त सड़क की ढलाई कराकर नरक को दूर किया था, कुछ इसी तरह के प्रयास की जरूरत है।

 

 


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