July 19, 2024 |

BREAKING NEWS

- Advertisement -

मिर्जापुर डीएम के फरमान से पीएम मोदी के बनारस में मचेगा हाहाकार

Sachchi Baten

मिर्जापुर जनपद से बाहर भूसा ले जाने पर प्रतिबंध लगाने का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश

-डीएम के इस निर्देश से किसान अचरज में, भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने जताया विरोध

मिर्जापुर (सच्ची बातें)। मिर्जापुर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने ऐसा आदेश दिया है, जिससे पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में हाहाकार मचना तय है। मिर्जापुर के किसानों की आय पर जो चोट लगेगी, वह तो लगेगी ही। डीएम के इस निर्णय से किसान अचरज में हैं। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने मिर्जापुर डीएम के इस आदेश का विरोध जताया है।

क्या है आदेश

मिर्जापुर की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है कि जनपद के बाहर भूसा ले जाने पर प्रतिबंध लगाया जाए। इसी एक आदेश से मिर्जापुर, सोनभद्र सहित पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस दहल गया। मिर्जापुर तथा सोनभद्र के किसानों की आय पर गहरी चोट तो लगेगी ही, बनारस शहर और आसपास के पशुपालक अपनी गायों और भैंसों को क्या खिलाएंगे, अहम सवाल यही है।

बता दें कि बनारस में भूसा की मंडी कई स्थानों पर लगती है। इन मंडियों में सबसे ज्यादा भूसा मिर्जापुर तथा सोनभद्र जिले से पहुंचता है। जिस दिन मंडी में भूसा कम पहुंचता है, उस दिन भाव आसमान चढ़ जाता है। यदि मिर्जापुर से ही भूसा का जाना बंद हो जाए तो बनारस  शहऱ तथा आसपास के मवेशियों के लिए चारा मुश्किल हो जाएगा। मिर्जापुर में रोक के असर से सोनभद्र जिला भी प्रभावित होगा। क्योंकि सोनभद्र से जो भी भूसा बनारस की मंडी में पहुंचता है, उसका रास्ता मिर्जापुर जनपद से ही है। लिहाजा वहां का भूसा भी बनारस नहीं पहुंच पाएगा।

बनारस मंडी में गुरुवार को गेहूं के भूसा का रेट 825 से लेकर 850 रुपये प्रति कुंतल रहा। पुआल की कुट्टी भी 700 रुपये प्रति कुंतल बिकी। किसानों के खेत या खलिहान में गेहूं का भूसा 700 रुपये कुंतल बिक रहा है। पुआल की कुट्टी भी 600 रुपये प्रति कुंतल के आसपास। लेकिन यहां, सबसे बड़ी समस्या यह है कि अब खेत-खलिहान में भूसा बचा ही नहीं है। आंधी-तूफान में उड़ने के डर से किसानों ने या तो बेच दिया या गोदामों में भर लिया। अब बरसात होने पर जब महंगा होगा, तभी बेचेंगे। यदि जिलाधिकारी का आदेश कायम  रहेगा तो किसान बरसात में भूसा बेचकर जो कमाई करने की योजना बना रखे हैं, उस पर पानी फिर जाएगा।

क्या कहा भाकियू (लोकशक्ति) के प्रमुख प्रदेश महासचिव ने

भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के प्रमुख प्रदेश महासचिव बजरंगी सिंह कुशवाहा ने जिलाधिकारी के इस आदेश पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि भूसा को गैरजनपद ले जाने पर रोक लगाने से किसानों की आय बढ़ाने की मोदी-योगी की योजना कैसे फलीभूत होगी। बनारस में तो पशु चारा बिना मरने लगेंगे। डीएम को शायद नहीं पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में मवेशी जो भूसा खाते हैं, उसमें मिर्जापुर की भागीदारी ज्यादा होती है। डीएम के आदेश से मिर्जापुर, बनारस तथा सोनभद्र के किसान और पशुपालक प्रभावित होंगे। यह निर्णय किसानों के हित में नहीं है।

आखिर डीएम ने क्यों दिया ऐसा आदेश

डीएम की मंशा है कि जिले में गो आश्रय स्थलों  के लिए पर्याप्त मात्रा  मेे भूसा खरीद कर उसका भंडारण कर लिया जाए, ताकि आश्रय स्थलों में रह रहे गोवंश को चारे की दिक्कत न हो। डीएम ने कहा कि शासन की मंशानुरूप 650 रुपये प्रति कुन्तल की दर से भूसा क्रय किया जाए तथा ढुलान एवं लोडिंग/अनलोडिंग का चार्ज अलग निर्धारित कर दिया जाए। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुये कहा कि जनपद से बाहर भूसा ले जाने पर प्रतिबन्ध लगाया जाए।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गौवंश स्थलों की स्थापना एवं संचालन हेतु गठित जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्याकंन समिति की बैठक कर रही थीं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुुमार, सभी उप जिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सभी पशु चिकित्साधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी व नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के अधिकारी उपस्थित रहे।

डीएम ने कहा कि जिस विकास खण्ड अन्तर्गत अधिक संख्या में गौ आश्रय स्थल हों, वहां पर अतिरिक्त कैटल कैचर क्रय किया जाए। एफएससी पूलिंग भी बढ़ायी जाए। उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों यथा-तहसील/ब्लाक व पशु चिकित्सालय से सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि अपने से सम्बन्धित क्षेत्रो में स्थित गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण करें तथा वहां पर आने वाली सम्भावनाओं व समस्याओं का निस्तारण भी सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि गौ आश्रय स्थलों के आस पास चारागाह चिन्हित कर उसमें हरे चारे की बोआई सुनिश्चित करें तथा वर्षा ऋतु दृष्टिगत आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शेड व अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित पशु चिकित्साधिकारियों व खण्ड विकास अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र के बड़े किसानों व गणमान्य लोगों से सम्पर्क कर भूसा दान हेतु भी अपील की जाए।

 

 

 


Sachchi Baten

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.