July 23, 2024 |

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लोस चुनाव-2024ः जानिए चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को क्या हिदायत दी

Sachchi Baten

भाषणों व प्रचार सामग्री में किसी को लूला, लंगड़ा, अंधा, काना, पागल आदि कहा या लिखा तो खैर नहीं

-दिव्यांगजन के सम्मान को लेकर चुनाव आयोग सख्त, जारी की एडवाइजरी

-आयोग के वरिष्ठ प्रधान सचिव नरेंद्र एन बुटोलिया ने पांच बिंदुओं में दी है सलाह

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्विव्यांगजन को इंगित करने वाली भाषा पर सख्त है। पांच बिंदुओं की एक एडवाइजरी जारी की है। इसे आयोग के वरिष्ठ प्रधान सचिव नरेंद्र एन बुटोलिया ने गत 20 दिसंबर जारी किया है। यह सभी राजनीतिक दलों के लिए है।

जानिए क्या है एडवाइजरी में

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में इनके अधिकारों के संरक्षण की व्यवस्था दी गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले ही एडवाइजरी कर दी गई है। इसमें साफ लिखा है कि यदि कहीं से शिकायत मिली तो आयोग इस अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सकता है।

बिंदु-3 में स्पष्ट उल्लेख है कि हाल के दिनों में राजनीतिक विमर्श में दिव्यांगजन को लेकर अपमानित एवं उनको ठेस पहुंचाने वाली भाषा का उपयोग किया गया है। किसने या किस राजनीतिक दल ने की, इसकी चर्चा के बजाए इसे दिव्यांगजन का निरादर मानना चाहिए। गूंगा, लंगड़ा, मंदबुद्धि, पागल, अंधा, काना, अपाहिज, सिरफिरा जैसे अपमानजनक शब्दों से बचने की जरूरत है। राजनैतिक विमर्श, प्रचार आदि के दौरान दिव्यांगजन को सम्मान देना आवश्यक है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधियों को दिव्यांगजन के प्रति इस तरह की भाषा में टिप्पणियों से कड़ाई से परहेज करना चाहिए, जो आक्रामक हों या रूढ़ियों व पूर्वाग्रहों को कायम रखे।

कहा गया है कि सभी राजनैतिक दलों को अपनी वेबसाइट पर इस बात की घोषणा करना चाहिए कि वह दिव्यांगजन के प्रति संवेदनशील व शिष्ट भाषा का प्रयोग करेंगे। भाषण, सोशल मीडिया पोस्ट, विज्ञापन व प्रेस रिलीज आदि के लिए भी एक आंतरिक समीक्षा होनी चाहिए। समीक्षा के बाद ही उसे बोला जाए, या कहीं जारी किया जाए।

सभी राजनितिक दलों को कहा गया है कि वे अपनी वेबसाइट या सोशल मीडिया पर विषयवस्तु को इस तरह से पोस्ट करें कि दिव्यांगजन आसानी से उससे इंटरएक्शन कर सकें। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दल इसके लिए अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध करा सकते हैं। और दिव्यांगजन से प्राप्त शिकायतों को सुनने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। यह भी कहा गया है कि राजनीतिक दल दिव्यांगजन को अपनी पार्टी में अधिक से अधिक शामिल करने का प्रयास करेंगे। चुनाव आयोग ने अपील की है कि इस एडवाइजरी का पालन अक्षरशः किया जाना चाहिए। यह हमारा सामूहिक कर्तव्य व प्रयास होना चाहिए कि हम सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें। एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहां निःशक्तता के आधार पर भेदभाव न हो।

 


Sachchi Baten

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