July 19, 2024 |

BREAKING NEWS

- Advertisement -

LOKSABHA ELECTION-अखिलेश बन रहे अड़चन, जानिए कहां व कैसे

Sachchi Baten

लोकसभा चुनाव-2024,  INDIA v/s NDA

उम्मीदवार की जीतने की क्षमता पूछने के चलते कांग्रेस के साथ बिगड़ रही बात

-सीट शेयरिंग का मसला अभी अनसुलझा, शीघ्र सुलझाने का दावा

-राष्ट्रीय लोक दल सपा के साथ 7 सीटों पर लड़ेगा चुनाव


लखनऊ (सच्ची बातें)। खासकर उत्तर प्रदेश की बात करें तो इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग में अखिलेश यादव ही अड़ंगा बन रहे हैं। कांग्रेस व आरएलडी के साथ बैठक में बात करीब-करीब बन गई थी, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उम्मीदवार की जीतने की क्षमता पूछ लिए जाने से बिगड़ गई। कुल मिलाकर अभी अटकलें हैं। सच भी हो सकती हैं। शाम तक खबर आई कि सपा और राष्ट्रीय लोक दल के साथ सात सीटों पर समझौता हो गया हैl

उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच तीन चक्र की बैठक हो चुकी है। नतीजा अभी तक नहीं निकल सका है। अब राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव बैठक कर फाइनल फॉर्मूला तय करेंगे, लेकिन सीट शेयरिंग में सबसे बड़ी अड़चन ‘जीतने की क्षमता’ के मापदंड को लेकर हो रही है। समाजवादी पार्टी शर्त रख रही है कि सीट के साथ उतरने वाले कैंडिडेट के नाम और उसके जीतने के मानदंड भी बताए जाएं।

पता चला है कि कांग्रेस 20 सीटें मांग रही है। सपा को उसकी सूची सौंपी जा चुकी है। राष्ट्रीय लोकदल ने आठ सीटों पर दावेदारी की है। समाजवादी पार्टी इस सूची को सही नहीं मानती।

आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने जिन आठ सीटों का नाम सौंपा है, अखिलेश यादव संभावित प्रत्याशियों के नाम मांगे हैं। इसके साथ उनके चुनाव जीतने की क्षमता के मापदंड भी मांगे हैं। यही मांग कांग्रेस से भी की गई है। अखिलेश यादव द्वारा इसकी मांग किए जाने के कारण ही कांग्रेस के साथ बैठक बेनतीजा रही। हालांकि दोनों पार्टियों के नेताओँ द्वारा कहा गया कि बैठक में सद्भावपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई। अभी सीट शेयरिंग का फार्मूला तय नहीं हो सका है। कांग्रेस ने स्पष्ट कहा है कि चुनाव जीतने की क्षमता के मापदंड पूछे जाने के कारण कोई फैसला नहीं हो सका।

माना जा रहा है कि अखिलेश यादव के ही कारण अभी तक बहुजन समाज पार्टी की नेता पूर्व मुख्यमंत्री मायावती विपक्षी गठबंधन में अभी तक दूरी बनाई हुई हैं। उनको पता होना चाहिए जब गठबंधन करके लड़ रहे हैं तो जीत की क्षमता का मापदंड तीनों मिलकर तय करेंगे। सपा, कांग्रेस व आरएलडी के हर उम्मीदवार को तीनों पार्टियों के नेता बराबर मेहनत करें तो जीत मिलेगी।

 


Sachchi Baten

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.