July 24, 2024 |

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लोकसभा चुनाव 2024ः झारखंड में दलबदलुओं की बहार

Sachchi Baten

इस बार का मुद्दाः लोकतंत्र बचाओ बनाम भ्रष्टाचार

-श्याम किशोर चौबे

इस बार के लोकसभा चुनाव का मोटामोटी मुद्दा है, लोकतंत्र बचाओ बनाम भ्रष्टाचार। इंडिया ब्लाॅक लोकतंत्र ‘बचाने’ में लगा है तो एनडीए भ्रष्टाचार ‘मिटाने’ में। उसकी डिक्शनरी में भ्रष्ट वे ही हैं, जो उसके साथ नहीं हैं, जबकि इंडिया वाले मोदी-शाह को तानाशाही का प्रतीक बताते चल रहे। झुंझुनू के भाजपा प्रत्याशी शुभकरण चौधरी महोदय यहां तक कहते देखे-सुने गये कि जो हिंदू है, जो धार्मिक है, वह अगर मोदी के खिलाफ वोट डालता है तो वह देशद्रोही है। घोषणापत्रों और राजनेताओं की बोली-ठिबोली को एक ओर रख, यही मौका है, आप राष्ट्र के पहरूओं को सवालोें के घेरे में खड़े करें। इससे कोई अंतर नहीं पड़ता कि लोकसभा चुनाव में विधायक या राज्य के मंत्री से सवाल क्यों? आखिर वे भी तो अपने दल के लोकसभा प्रत्याशी के लिए वोट मांगने आते हैं। इस मणिकांचन योग में उनसे अपने क्षेत्र, राज्य और देश के सवाल कर लीजिए। अपने व्यक्तिगत जीवन में आये बदलावों पर भी सवाल दागें। वोट चाहे जिसे दें, हर वोट-मंगुआ से सवाल जरूर करें। वे दलों के बंधन में बंधे हैं, आप तो नहीं। अपने प्रत्याशी को परखने का इससे बेहतर मौका नहीं मिलनेवाला। क्या आपने नहीं देखा कि कई साल किसी दल में रहकर सीखने और अपना महत्व बढ़ाने के बाद पल भर में वे पाला बदल लेते हैं। बात आगे बढ़े, इसके पहले कुछ खबरों पर गौर कर लें…

-3 अप्रैल : रांची में देह व्यापार में गिरफ्तार एनएसयूआई का राष्ट्रीय सचिव भेजा गया जेल।

– 4 अप्रैल : बस से गया से कोलकाता ले जाया जा रहा 1.09 करोड़ कैश बगोदर में जब्त।

-5 अप्रैल : 2.70 करोड़ रुपये मूल्य के 1600 किलो डोडा के साथ राजस्थान के दो अफीम तस्कर रांची में गिरफ्तार, 11.50 लाख कैश और कार जब्त। रांची के अलग-अलग क्षेत्रों में ढाई लाख के गांजा, 300 ग्राम गांजा, ब्राउन शुगर और पिस्टल संग पांच गिरफ्तार। पलामू के चैखड़ा-छतरपुर में 50 लाख रुपये मूल्य की 1000 पेटी अवैध शराब जब्त।

– 6 अप्रैल : रांची में 1.2 किलो अफीम के साथ दो गिरफ्तार।

– आठ अप्रैल : रांची के हरमू चौक से दो लाख का गांजा जब्त, दो बंदी। चतरा जिले के महुदा-ईटखोरी में 10 करोड़ रुपये मूल्य की 204 किलो अफीम जब्त। राजपुर थाना के मंझौली-बाराबागी गांव में ब्राउन शुगर बनाने की फैक्ट्री मिली, जिसमें ब्राउन शुगर बनाने वाला 25 किलो पाउडर भी मिला, दो गिरफ्तार। इसके पहले 2 अप्रैल को कुंदा व लावालौंग में 41 किलो अफीम और 105 किलो डोडा जब्त, चार बंदी। पांच मार्च को चतरा सदर थाना के ऊंटा गांव में तीन किलो अफीम जब्त, दो बंदी।

-खबर यह भी है कि झारखंड में साल भर में सात करोड़ रुपये की प्रतिबंधित नशीली दवाएं जब्त की गईं और साल भर में ही साइबर अपराधियों ने राज्य के 10,040 लोगों से 6,788 लाख रुपये ठगे।

ये घटनाएं सुर्खियां बनी। बहुतेरी घटनाएं तो पता ही नहीं चल पातीं। ये घटनाएं समाज में अपराध और नशे की कहानी हैं। सिविल सोसाइटी, पुलिस, नौकरशाह और राजनेता लंबी ताने रहते हैं।

भाजपा के राज्य प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी धनबाद में दागी प्रत्याशी बनाने के सवाल पर 6 अप्रैल को जमशेदपुर में यूपी के दल विशेष की मां-बहन पर उतर आये। विकसित कहे जाने वाले गुजरात के राजकोट में भाजपा प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला द्वारा राजपूत समाज पर विवादित टिप्पणी की गई। बाद में उन्होंने माफी मांगी। इधर झारखंड में धनबाद से लगातार तीन बार के सांसद पीएन सिंह और चतरा से दो बार के सांसद सुनील सिंह का टिकट काटकर अन्य जाति के उम्मीदवार देने से राजपूतों में नाराजगी। राजनीतिक घटनाओं में जातिवादी बू भी आती है। सार्वजनिक रूप से बात इसके ठीक उलट की जाती है। इसलिए चुनावी मौके पर प्रत्याशियों से सवाल जरूर करना चाहिए, शायद उनकी आंख खुले।

महज 14 सीटों वाले झारखंड की चुनावी कहानी। छह सीटों पर आठ विधायक उतारे गये। दो अन्य, निर्दलीय सरयू राय धनबाद से और झामुमो के लोबिन हेम्ब्रम बागी बन राजमहल से ताल ठोंकने के मूड में। दुमका और हजारीबाग में इंडिया ब्लाॅक और एनडीए से एक-एक विधायक दिये गये, जो हाल-हाल तक एक ही दल में थे। दुमका में आपस में उलझाए गये नलिन सोरेन और सीता सोरेन झामुमो में थे, जबकि हजारीबाग में उतारे गये जेपी पटेल और मनीष जायसवाल भाजपा में थे। सात मर्तबा मंत्री रह चुकीं जोबा मांझी को झामुमो ने सिंहभूम सीट से टिकट दिया है, तो झामुमो के प्रथम पुरुष शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन मंत्री नहीं बनाये जाने के संताप में भी भाजपा का दामन थाम दुमका में चुनौती पेश कर रही हैं। इतने सारे विधायकों को सांसद का चुनाव लड़वाने का मतलब क्या है? उनको तरक्की दी जा रही है या सभी दलों में योग्य प्रत्याशियों का टोटा है? संगठन चलानेवाले जवाब दें। इस बार के चुनाव में दलबदलुओं की बहार है, जबकि सिंहभूम से गीता कोड़ा, दुमका से सीता सोरेन, हजारीबाग से जेपी पटेल और पलामू से ममता भुइयां ताजा-ताजा दल बदलकर मैदान में हैं। पांच सीटों पर इंडिया ब्लाॅक के प्रत्याशी अभी बाकी ही हैं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत लोहरदगा में और पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ताला मरांडी राजमहल में किस्मत आजमा रहे हैं। देखते हैं, किसकी अध्यक्षी में दम था।

 

 

 

 

(लेखक श्यामकिशोर चौबे वरिष्ठ पत्रकार हैं तथा दैनिक जागरण के झारखंड स्टेट ब्यूरो चीफ रह चुके हैं। रांची में रहते हैं।)


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