July 24, 2024 |

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सूखा के संकट से उबारने की कोशिश, चलिए किसान मेला में…

Sachchi Baten

विशेषज्ञों की सलाह के साथ मिले तोरिया व सरसो बीज के मिनी किट भी

जिला कृषि विभाग द्वारा सीखड़ में आयोजित कृषि निवेश मेला सह गोष्ठी में मुख्य अतिथि थीं सांसद केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल

सीखड़, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। शुक्रवार 15 सितंबर को सीखड़ ब्लॉक में कृषि निवेश मेला सह गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमेंं किसानों को सरकार की ओर से खेती संबंधी मुफ्त सलाह देने के साथ ही सूखे से उबरने के लिए सरसो व तोरिया के बीज का मिनी किट भेंट किया गया। इसका आयोजन जिला कृषि विभाग द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिले की सांसद केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्य मंंत्री अनुप्रिया पटेल उपस्थित थीं।
श्रीमती पटेल ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के दो मुख्य विषय हैं। पहला हमारे जनपद में वर्षा कम होेने के कारण से धान की रोपाई नहीं हो पाई है और अधिकांश खेत खाली पड़े हैं। खाली खेतों में तोरिया और सरसो के बीज का उपायोग करके मात्र दो महीने में आमदनी ले सकते हैं।
दूसरा विषय पराली जलाने का अत्यंत ज्वलंत है। उसका पूसा इंस्टीट्यूट द्वारा समाधान निकाला गया है। कुछ किसानों को विशेषज्ञों ने बताया भी कि डिकंपोजर का उपयोग करके कृषि के अवशेष उपयोग में लाया जा सकता है। इसे खेतो में ही सड़ा देने से उत्पादकता बढ़ेगी और इस पर्यावरण का संरक्षण भी हो सकेगा।
सांसद ने किसान सम्मान निधि पर कहा कि जनपद में कुल 3 लाख 50 हजार 573 कृषकों को अब तक 762 करोड़ 437  रुपये वितरित किए चुके हैं। जो भी किसान अब तक पीएम किसान योजना के लाभ से वंचित हैं, वे पंजीकरण कराकर इसका लाभ पात्रता के आधार पर ले सकते हैं।
श्रीमती पटेल ने कहा कि पीएम कुसुम योजना अन्तर्गत जनपद में लगभग एक हजार सोलर पम्प स्थापित कराये जा चुके हैं। इससे किसानों की डीजल पर व्यय होने वाली धनराशि की बचत होने से आमदनी में वृद्धि होती है। श्रीमती पटेल ने बीज का मिनी किट जीउती देवी, नागेन्द्र सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, बृजपाल सिंह, सतीश कुमार व सोहन सिंह को दिया। सभी सेे अनुरोध किया कि वह अपने फसलों के अवशेषों को जलायें नहीं। बल्कि उन्हें सड़ा कर खेतों में खाद के रूप में प्रयोग करें. या फसलों के अवशेषों को पराली के रूप में निराश्रित गोआश्रय स्थल को दान करें।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अपना दल एस इंजीनियर राम लौटन बिंद, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन व अन्य जनप्रतिनिधि/अधिकारी उपस्थित रहे। मेले में लगायी गयी प्रदर्शनी एवं स्टालों का मुख्य अतिथि एवं जिलाधिकारी श्रीमती निरंजन द्वारा अवलोकन किया गया। इस मेले में जनपद के विकास खण्ड से आये हुए कृषकों के साथ कृषि, पशुपालन, उद्यान सहकारिता, समाज कल्याण, बाल विकास पुष्टाहार व अन्य विभाग के अधिकारियों द्वारा भाग लिया गया।
गोष्ठी के प्रारम्भ में उप कृषि निदेशक विकेश कुमार पटेल द्वारा कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं यथा पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कुसुम सोलर पम्प योजना, एग्रीजंक्शन, यंत्रीकरण इत्यादि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। कृषि विज्ञान केन्द्र बरकछां के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रो. श्रीराम सिंह द्वारा फसल अवशेष प्रबन्धन पर विस्तृत रूप से कृषकों को बताया गया। वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक सुरेश मिश्र ने अपने विभाग की योजनाओं के साथ-साथ पौधे लगाने की विधि की जानकारी दी।

 

वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबन्धक, इफको आशीष श्रीवास्तव द्वारा नैनो टेक्नोलाजी यूरिया व नैनो डीएपी पर विस्तृत रूप से    कृषकों का जानकारी दी गयी। दलहनी फसलों हेतु नैनो यूरिया का छिड़काव दो एमएल प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर व अन्य फसलों में चार एमएल प्रति लीटर पानी घोल बनाकर छिड़काव करने हेतु बताया गया।
इससे दानेदार यूरिया पर होने वाले व्यय को काफी हद तक कम किया जा सकता है। क्षेत्रीय प्रबन्धक, इफको द्वारा कुछ कृषकों को नैनो यूरिया प्रयोग हेतु अनुदानित पावर स्प्रेयर मशीन का वितरण कराया गया। विषय-वस्तु विशेषज्ञ  कृष्ण कुमार सिंह द्वारा प्राकृतिक खेती पर बल देते हुए किसानों को जीवामृत व घन जीवामृत बनाने व इसके उपयोग के तरीके के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। इसके लाभ एवं महत्व के बारे में भी किसानों को बताया गया।
जनपद सलाहकार डॉ. सुधीर कुमार श्रीवास्तव द्वारा श्रीअन्न (मिलेट्स) की खेती के महत्व एवं लाभ पर जानकारी दी गयी। श्री श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि खरीफ सत्र 2023-24 में जनपद में श्रीअन्न (मिलेट्स) के यथा सावां, कोदो, मड़ुआ, ज्वार व बाजरा के मिनीकिट बीज वितरण कराकर श्रीअन्न (मिलेट्स) क्षेत्रफल में आशातीत वृद्धि की गयी।
जागरुक कृषक योगेन्द्र सिंह द्वारा जैविक खेती पर किसानों को अपने अनुभवों को किसानों के बीच साझा किया गया तथा जैविक खेती से होने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। अन्त में जिला कृषि अधिकारी अवधेश यादव द्वारा मेले में आये हुए समस्त कृषक, अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रति आभार करते हुए गोष्ठी का समापन किया गया। संचालन प्राविधिक सहायक ग्रुप पंकज मिश्रा द्वारा किया गया।

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