July 23, 2024 |

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जानिए क्या होती है Z श्रेणी की सुरक्षा, जो अनुप्रिया पटेल को मिली है…

Sachchi Baten

चार से छह कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षाकर्मियों के घेरे में रहेंगी मिर्जापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल

-एक बूलेट प्रूफ सहित कम से कम पांच वाहन चलेंगे साथ में, 16 लाख रुपये प्रतिमाह से ज्यादा आता है खर्च

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। मिर्जापुर की सांसद केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री अनुप्रिया पटेल को केंद्र सरकार ने जेड श्रेणी का सुरक्षा कवच प्रदान किया है। इसके पहले उनको वाई प्लस कैटेगरी सुरक्षा प्राप्त थी।

आइए जानते हैं कि भारत में वीवीआइपी और वीआइपी को किस-किस तरह की सुरक्षा मिलता है। किस श्रेणी में कितने कमांडों व अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। अनुप्रिया पटेल के साथ अब कितने सुरक्षा कर्मी रहेंगे।

दरअसल, सुरक्षा व्यवस्था की श्रेणियों की अगर बात करें तो यह प्रमुख तौर पर छह तरह की होती हैं। ये सभी सुरक्षा केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मुहैया करवाई जाती है। इसे बोलचाल की भाषा में एक्स श्रेणी, वाई और वाई प्लस श्रेणी, जेड श्रेणी और जेड प्लस श्रेणी के तौर पर जानते हैं। इसके अलावा एसपीजी सुरक्षा होती है। लेकिन, इन अलग-अलग श्रेणियों में कितने जवानों की तैनाती होती है, ये जानना भी बेहद महत्वपूर्ण है।

1. एक्स श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था- एक्स श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था के तहत दो कमांडों जवानों की तैनाती वीआईपी के साथ की जाती है। इस व्यवस्था के बारे में कहा जा सकता है कि ये एक तरह से पहले स्तर की सुरक्षा व्यवस्था है, लेकिन अगर अलर्ट गंभीर हो तो इस श्रेणी को छोड़कर वाई श्रेणी या अन्य दूसरे श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाती है।

2. वाई श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था- वाई श्रेणी के तहत वीआईपी नेता या अन्य शख्स की सुरक्षा में कुल 11 जवान तैनात किए जाते हैं। इसमें आमतौर पर दो कमांडो और दो पीएसओ (PSO) भी शामिल होते हैं।

3. वाई प्लस की सुरक्षा व्यवस्था- वाई प्लस की व्यवस्था के तहत वीआईपी या संबंधित शख्स की सुरक्षा में 11 कमांडों की तैनाती की जाती है। ये विशेष हथियारों के साथ लैस होते हैं. हालांकि उन 11 कमांडों में से करीब पांच जवान स्टेटिक पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए वीआईपी के आवास सहित आसपास रहते हैं, जो तीन शिफ्ट में कार्य करते हैं।

4. जेड श्रेणी सुरक्षा व्यवस्था- जेड श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत वीआईपी शख्स की सुरक्षा में 22 जवानों की तैनाती होती है। इस श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था में धारक की सुरक्षा में एक एस्कॉर्ट कार भी शामिल होती है, जो किसी भी लोकेशन पर जाने के दौरान सुरक्षा धारक वीआईपी की कार के आगे-आगे चलती है और तमाम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती है। जेड श्रेणी के अंतर्गत सुरक्षा घेरा काफी मजबूत और सख्त होता है, और इसके जवान आधुनिक हथियारों के साथ-साथ आधुनिक संचार के साधनों से लैस होते हैं।

5. जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था- जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत 36 जवानों की तैनाती होती है। ये सुरक्षा व्यवस्था सबसे बड़े स्तर का माना जाता है, क्योंकि आज के दौर में बहुत कम ही ऐसे वीआईपी हैं जिन्हे जेड प्लस की सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की गई है। जेड प्लस श्रेणी के अंतर्गत केंद्रीय मंत्री, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जस्टिस, हाईकोर्ट के जज, राज्यों के राज्यपाल या उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों सहित अन्य वीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था का आंकलन करने के बाद ही उन्हें जेड प्लस की सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाती है।

6. एसपीजी सुरक्षा- एसपीजी देश की सबसे एडिट सुरक्षा श्रेणी है. यह सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री को प्राप्त है। पीएम की सुरक्षा कई लेयर में होती है और इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी जा सकती।

एक नजर में…

  • एसपीजी एक विशिष्ट बल है जिसका विवरण वर्गीकृत किया जाता है और केवल भारत के प्रधान मंत्री को प्रदान किया जाता है ।
  • Z+ श्रेणी में 55 कर्मियों की सुरक्षा होती है, जिसमें 10+ NSG कमांडो और पुलिस कर्मी शामिल होते हैं।
  • Z श्रेणी में 22 कर्मियों की सुरक्षा होती है, जिसमें 4-6 एनएसजी कमांडो और पुलिस कर्मी शामिल होते हैं।
  • Y+ श्रेणी में 11 कर्मियों की सुरक्षा होती है, जिसमें 2-4 कमांडो और पुलिस कर्मी शामिल होते हैं।
  • Y श्रेणी में 8 कर्मियों का सुरक्षा विवरण होता है, जिसमें 1 या 2 कमांडो और पुलिस कर्मी शामिल होते हैं।
  • एक्स श्रेणी 2 कर्मियों का एक सुरक्षा विवरण है, जिसमें कोई कमांडो नहीं बल्कि केवल सशस्त्र पुलिस कर्मी होते हैं।
    वर्ग कमांडो की संख्या कुल कार्मिक व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) काफिले बजट  वर्तमान आवरण
    एसपीजी   वर्गीकृत  वर्गीकृत  वर्गीकृत  वर्गीकृत ₹592 करोड़ (वित्तीय वर्ष 20-21 के लिए) नरेंद्र मोदी ( भारत के प्रधान मंत्री के रूप में )
    जेड+ 10+ 55 वर्गीकृत 5+ बुलेटप्रूफ वाहन (ज्यादातर कार/वैन)   33 लाख/महीना 2023 तक लगभग 40 सुरक्षा प्राप्त लोग। 
    जेड 4-6 22 3+ (9+/8 घंटे की शिफ्ट) कम से कम 1 बुलेटप्रूफ़ वाले 5+ वाहन   16 लाख/महीना विभिन्न श्रेणियों से संबंधित लगभग 300 सुरक्षाकर्मी। (2023 तक) 
    वाई+ 2-4 11 3 (9/8 घंटे की शिफ्ट) 2-3 वाहन  15 लाख/महीना
    वाई 1-2 8 2 (6/8 घंटे की शिफ्ट) 1-2 वाहन   12 लाख/महीना
    एक्स शून्य 2 2 (6/8 घंटे की शिफ्ट) 0-2 वाहन

Sachchi Baten

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