July 24, 2024 |

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चुनाव के बाद की झलक या राजशाही का रिहर्सल है कौशाम्बी का यह वीडीयो?

Sachchi Baten

कौशाम्बी लोकसभा सीट से निर्दलीय नामांकन करने गए छेद्दू राम को सीओ ने भगाया

-सीओ सत्येंद्र तिवारी ने कहा, तुम्हारी क्या औकात, सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा यह वीडीयो

-सिराथू से 2022 में विधानसभा का चुनाव भी निर्दल लड़ चुके हैं छेद्दू राम, वोट मिले थे कांग्रेस-आप समेत 12 उम्मीदवारों से ज्यादा

राजेश पटेल, कौशाम्बी (सच्ची बातें)। इस वीडियो को हल्के में न लें। यह 2024 का लोकसभा चुनाव के बाद देश में जो होगा, उसकी बानगी भर है। इसे आने वाली राजशाही का रिहर्सल भी कह सकते हैं। तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल यह वीडीयो आज यानि 2 मई की ही है। छेद्दू चमार कौशाम्बी लोकसभा सीट से निर्दल चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करने गए थे। सीओ सत्येंद्र तिवारी ने उनके साथ कैसा सलूक किया, यह वीडीयो में दिख रहा है।

कौन हैं छेद्दू चमार

छेद्दू राम फेरी लगाकर बर्तन बेचने का काम करते हैं। वह 2022 में भी सिराथू विधानसभा से निर्दल चुनाव लड़ चुके हैं। वह करोड़पति नहीं हैं और बाहुबली भी नहीं। फिर भी मत प्राप्त करने के मामले में 18 उम्मीदवारों में छठें स्थान पर थे। उनसे कम वोट पाने वालों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के भी उम्मीदवार थे। उनका प्रचार का तरीका लोगों को बहुत भाता था। अपनी साइकिल पर ही बर्तनों के साथ एक तासा भी रखते थे। उसे बजा-बजाकर वह अपना प्रचार करते थे।

देखें 2022 में उनका प्रचार का तरीका…

 

छेद्दू चमार को चुनाव लड़ने शौक नहीं, जुनून है। कहते हैं कि वह सुबह कभी तो आएगी जब मैं विधायक-सासंद बनूंगा। इसीलिए 24 साल से घर-घर जाकर वोट मांग रहा हूं। क्षेत्र पंचायत से लेकर लोकसभा तक के 13 चुनावों में ताल ठोक चुके हैं। एक बार कामयाबी भी मिली। इस बार फिर सांसदी लड़ने की तैयारी है।

छेद्दू चमार को चुनाव लड़ने शौक नहीं, जुनून है। कहते हैं कि वह सुबह कभी तो आएगी जब मैं विधायक-सासंद बनूंगा। इसीलिए 24 साल से घर-घर जाकर वोट मांग रहा हूं। क्षेत्र पंचायत से लेकर लोकसभा तक के 13 चुनावों में ताल ठोक चुके हैं। एक बार कामयाबी भी मिली।

वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में सिराथू सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे छेद्दू को 3,756 वोट मिले थे, जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 1,147 वोट हासिल हुए थे। इसी तरह वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में छेद्दू ने कौशाम्बी सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें 3,340 वोट मिले थे, जबकि 2019 के चुनाव में 3,566 मत प्राप्त हुए थे।

छेद्दू का कहना है कि चुनाव लड़ना उनका जुनून है। इसके लिए वह अपनी तमाम जरूरतों में कटौती करते हैं। मांस, मछली, गुटखा, खैनी, बीड़ी, सिगरेट का सेवन नहीं करते। रूखी-सूखी रोटी खाकर धन बचाते हैं ताकि चुनाव का खर्च निकल सके। छेद्दू क्षेत्र में साइकिल से घूम-घूम नगड़िया बजाकर अपना चुनाव प्रचार करते हैं।

उनके हाथ में एक बैनर होता है, जिस पर अपील लिखी रहती है कि उन्हें हर घर से बस एक वोट दे दिया जाए। वह आश्वस्त हैं कि अगर हर घर से एक वोट भी मिल गया तो वह चुनाव जीत जाएंगे। उनका कहना है कि कभी तो लोगों का दिल पसीजेगा। इस बार होने वाले लोकसभा की तैयारी में वह कई माह पहले से जुट गए थे। छेद्दू स्व. शिव सागर सिंह को अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं। शिव सागर डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव के अध्यक्ष और सिराथू तहसील के ब्लॉक प्रमुख रहे। उनकी गिनती असरदार नेताओं में होती थी। अव वह नहीं रहे।

डिप्टी सीएम केशव के सामने भी लड़ा चुनाव

2017 के चुनाव में छेद्दू ने डिप्टी सीएम केशव मौर्या के सामने भी चुनाव मैदान में थे। 2015 के पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष मधुपति को भी छेद्दू के सामने संघर्ष करना पड़ा था।

कौशाम्बी लोकसभा का चुनाव  पांचवें चरण में हो रहा है। इसके लिए नामांकन की आकिरी तारीख तीन मई है। दो मई को छेद्दू चमार नामांकन के लिए गए थे, लेकिन सीओ ने उनको भगा दिया। तीन मई का दिन बाकी है। इस दिन नामांकन हो जाएगा तो  ठीक, वरना एक गरीब आदमी चुनााव लड़ने के अपने अधिकार से वंचित कर दिया जाएगा।


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