July 24, 2024 |

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जमालपुर विद्युत उपकेंद्रः अधिशासी अभियंता ने आश्वासन तो दे दिया, पूरा कैसे करेंगे

Sachchi Baten

 

ट्रांसफार्मर बदल जाने मात्र से आपूर्ति की समस्या खत्म होने वाली नहीं है, जानिए कैसे मिलेगी स्थाई निजात

काम का पता नहीं, आश्वासन में आगे हैं बिजली विभाग के अभियंता

किसानों ने  सोमवार को उपकेंद्र पर दिया धरना तो अधिशासी अभियंता ने ट्रांसफार्मर बदलने के लिये  20 सितंबर दी डेडलाइन

मंगलवार से हर फीडर को 18 घंटे आपूर्ति का आश्वासन

जमालपुर, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। भारतीय किसान यूनियन ने सोमवार को विद्युत उपकेंद्र पर जमालपुर (घरवाह) पर धरना दिया। शाम को विद्युत वितरण खंड चुनार के अधिशासी अभियंता ने बात की। कहा कि आने वाले 20 सितंबर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि कर दी जाएगी। मंगलवार 5 सितंबर से हर फीडर को 18 घंटे आपूर्ति मिलेगी। इसके बाद किसानों का धरना समाप्त हो गया।

विभाग के अधिशासी अभियंता को पता तो होगा ही कि जमालपुर विद्युत उपकेंद्र की स्थिति क्या है। मंगलवार से कौन कहे, ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि के बाद भी वह लगातार किसी फीडर को 18 घंटे बिजली नहीं दे सकते। आश्वासन जरूर मिल गया।

इसके कारण भी हैं। इस समय उपकेंद्र में 5-5 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर है। बदल जाने के बाद एक 10 एमवीए का तथा दूसरा 5 एमवीए का हो जाएगा। यानि अभी कुल मिलाकर 10 एमवीए की क्षमता है। आगे चलकर 15 एमवीए की हो जाएगी। दरअसल 18 घंटे लगातार हर फीडर को विद्युत आपूर्ति करने का आश्वासन भरोसे लायक इसलिए नहीं है कि यहां के हर फीडर ओवरलोड चल रहे हैं। क्षमता वृद्धि के बाद भी ओवरलोड रहेंगे।

उपकेंद्र से चार फीडर संचालित होते हैं। जमालपुर, बहुआर, चरगोड़ा तथा ओड़ी। इनमें सबसे ज्यादा लोड जमालपुर तथा बहुआर फीडर पर है। क्षमता है 160 एम्पियर की। लोड  190 से 200 एम्पियर तक। जमालपुर फीडर से विद्युत आपूर्ति फत्तेपुर टोल प्लॉजा से पश्चिम तरफ दो किलोमीटर के दायरे के गावों तक की जाती है।

इसकी भी अलग ही कहानी है। दरअसल अहलहाट फीडर के जब अहरौरा से आपूर्ति की जाती थी तो उस पर हमेशा ओवरलोड बताया जाता था। इसके लिए हाजीपुर में उपकेंद्र स्थापित किया गया। वहां 5-5 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर हैं। इनकी क्षमता कुल मिलाकर 520 एम्पियर की है। लोड 200 एम्पियर ही है। जब तक हाजीपुर विद्युत उपकेंद्र का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक अदलहाट के 32 गांवों को जमालपुर उपकेंद्र के जमालपुर फीडर से जोड़ दिया गया। वादा किया गया कि हाजीपुर का शुरू हो जाएगा तो इन गांवों को फिर जमालपुर से अलग कर दिया जाएगा। लेकिन फिर से ओवरलोड बताते हुए निर्माण के तीन वर्ष बाद भी इन गांवों को जमालपुर से अलग नहीं किया जा सका। यह भी तो आश्वासन ही था अधिशासी अभियंता का। कुल मिलाकर 200 एम्पियर ही लोड है।

बहुआर फीडर चंदौली जिले की सीमा पर स्थित डंवक गांव तक है। इस पर भी ओवरलोडिंग की समस्या है। ओड़ी और चरगोड़ा फीडर की भी यही स्थिति है।

जागरूक किसान महेंद्रनाथ सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि का मतलब लोड कम करना कत्तई नहीं है। लोड तो फीडर पर पड़ना है। फीडर ओवरलोड अवस्था में ज्यादा देर तक चलेंगे तो जम्पर उड़ेगा ही, तार टूटेगा ही। 160 एम्पियर के स्थान पर 200 एम्पियर लोड रहेगा तो तारों का गल कर टूट जाना स्वाभाविक है। इसके लिए फीडर की क्षमता वृद्धि की भी जरूरत है। जब तक बहुआर और चरगोड़ा फीडर को बांटा नहीं जाएगा, तब तक क्षमता नहीं बढ़ेगी। बहुआर में एक और फीडर तथा चरगोड़ा में भी एक और फीडर बनाया जाए। उपकेंद्र पर कुल छह फीडर हो जाएंगे। इसके साथ ही जमालपुर फीडर में जो अदलहाट के क्षेत्र जुड़े हैं, उनको अलग कर दिया जाए।

सोमवार को भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत व धरना प्रदर्शन  के दौरान किसानों के बीच एसडीएम नवनीत सेहारा, विद्युत वितरण खंड चुनार के अधिशासी अभियंता सुपुष्प कुमार, सहायक अभियंता अंशु पांडेय तथा अवर अभियंता दयाशंकर प्रजापति घंटों रहे। जिलाधिकारी को संबोधित पत्रक किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने एसडीएम चुनार नवनीत सेहारा को सौंपा। इसमें उपकेंद्र के ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि किए जाने, जर्जर तार को बदलने तथा जनपद को सूखाग्रस्त किए जाने एवं अहरौरा में अवैध टोल प्लाजा को तत्काल बंद किए जाने की मांग की गई है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि अधिशासी अभियंता द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार यदि 20 सितंबर तक विद्युत उपकेंद्र के ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि नहीं हुई तो पुनः 21 सितंबर को उपकेंद्र पर किसान महापंचायत करने की जाएगी।

महापंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि सिंचाई मंत्री के पैतृक क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है, जो चिंता का बिषय है। 2007 में उपकेंद्र की स्थापना की गई एवं समय बीतने के साथ ही बिजली की खपत दूनी हो गई। लेकिन ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि नहीं की जा सकी। बिजली न मिलने से पानी के अभाव में किसानों की फसल सूख रही है। सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने का दावा खोखला साबित हो रहा है। 18 सितंबर को लखनऊ में आयोजित किसान महापंचायत में किसानों से बड़ी संख्या में चलने का आह्वान किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह, प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह, जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी एवं अन्नदाता मंच के संरक्षक रमेश सिंह ने भी किसानों को संबोधित किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्षेत्राधिकारी चुनार उमाशंकर सिंह भी पुलिस एवं पीएसी बल के साथ डटे रहे।
इस दौरान वीरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, प्रधान संघ जमालपुर के अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, सतीश सिंह, सुशील पटेल, सुधीर सिंह, पिन्टू सिंह, अवदेश सिंह, शशि सिंह, सत्येन्द्र त्रिपाठी, सावित्री देवी, वीरेंद्र यादव, गुड्डू सिंह, अशोक सिंह, सारनाथ तिवारी ईत्यादि किसान मौजूद रहे।


Sachchi Baten

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