July 23, 2024 |

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जमालपुरः सूखा में बिजली विभाग को भी लगा करंट, नहीं बदले जा रहे महीनों से खराब पड़े ट्रांसफार्मर

Sachchi Baten

48 घंटे में खराब ट्रांसफार्मर बदलने का दावा साबित हो रहा झूठा

-जमालपुर ब्लॉक के किसान परेशान, रेंड़ा में सिंचाई बिना सूख रही धान की फसल

-एलआइयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) ने लखनऊ भेजी रिपोर्ट

जमालपुर, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। जमालपुर विकास खंंड के किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। प्रकृति का प्रकोप तो है ही,यह क्षेत्र सरकार और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का भी शिकार है। महीनों से बिजली के ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। विभाग बदल नहीं रहा है। इससे रेंड़ा में आ चुकी धान की फसल सूखनी शुरू हो गई है।

सरकार का दावा है कि विद्युत ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायत के बाद 48 घंंटे के अंदर उसे बदल देना है। हकीकत इसके ठीक उलट है। जमालपुर और भुइली विद्युत उपकेंद्र के पोषक क्षेत्र में कहीं 10 दिन से तो कहीं दो-तीन माह से ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। कहीं पर जल चुके हैं तो किसी में तेल ही नहीं है। किसी किसी में तेल का रिसाव तेजी से हो रहा है।

जलालपुर में 25 KVA, मनई  में  63 एवं 25 KVA के ट्रांसफार्मर दस दिन से ज्यादा समय से खराब पड़े हैं। डोहरी बगीचा में २५ kva का ट्रांसफार्मर करीब डेढ़ माह से जला हुआ है। सिकंदरपुर में 25 kva का ट्रांसफार्मर एक महीने से खराब पड़ा है। लोढ़वां में 10 KVA के ट्रांसफार्मर  में आयल नहीं है। यह कभी भी जल सकता है। मनऊर में 25 kva के तीन ट्रांसफार्मर लगभग तीन महीने, एक महीने एवं दो दिन से किसी काम लायक नहीं है।

बेलहर में 25 केवीए का काफी दिनों से खराब पड़ा है। करजी में भी 25 केवीए के ट्रांसफार्मर की यही स्थिति है। भुइली के पास रामपुर में 25 केवीए का ट्रांसफार्मर डेढ़ माह से जला हुआ है। भभौरा में 10 केवीए के एक ट्रांसफार्मर से आयल लीक हो रहा है। हनुमान पुर मे 63 kva का ट्रांसफार्मर दिवस शुक्रवार को ही जल गया इसकी भी शिकायत नियमानुसार दर्ज  करा दी गई है.

इसके अलावा भी कई गांवों में ट्रांसफार्मर खराब हैं। ऐसा नहीं है कि इनकी शिकायत नहीं की गई है। बाकायदा शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन पता नहीं क्यों इनको बदला नहीं जा रहा है। इसके कारण क्षेत्र में बढ़ रहे असंतोष के चलते आंदोलन की संभावना के मद्देनजर एलआइयू ने इस बाबत एक रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ मुख्यालय भेजी है।

बता दें कि जमालपुर ब्लॉक मिर्जापुर जनपद का प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्र है। इसे धान का कटोरा भी कहा जाता है। इस साल कम बारिश के कारण सूखा की स्थिति है। बांधों में पानी न होने के कारण नहरों का भी संचालन ठीक से नहीं  हो सका। कुल मिलाकर सिंचाई निजी नलकूपों के ही भरोसे है। जहां-जहां के ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं, वहां धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है।

इस समय धान में जीव पड़ गया है। यानि रेंड़ा में फसल आ गई है। ऐसी स्थिति में फसल को पानी चाहिए  ही। न मिलने पर सारे किए-धरे पर पानी फिर जाता है। मतलब फसल सूख जाती है। कहा गया है- काले फूल न पाया पानी, धान मरा अधबीच जवानी। इस समय धान की फसल की जवानी है। भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के प्रदेश महासचिव बजरंगी सिंह कुशवाहा और अन्नदाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह ने खराब ट्रांसफार्मर्स को शीघ्र बदलने की मांग की है, ताकि धान की फसल को बचाया जा सके। इसमें जितनी देर हो रही है, किसानों का आक्रोश उसी हिसाब से बढ़ता जा रहा है, जो किसी भी दिन किसी भी रूप में फूट सकता है।

ट्रांसफार्मर के खराब होने के मुख्य कारण 

आमतौर पर बिजली के ट्रांसफार्मर के खराब होने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे कई बार ओवरलोड होने के कारण ट्रांसफार्मर गर्म होकर भी जल जाता है। अन्य कारण की बात करें तो ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग पुरानी हो जाने के कारण इंसुलेशन के घिस जाने के कारण भी भी ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग मे शॉर्ट – सर्किट हो जाता है। आयल लीक हो जाने से ट्रांसफार्मर गर्म होकर जल जाता है।

ट्रांसफार्मर खराब होने पर क्या करें

ग्रामींण उपभोक्ता 1912 टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर अपने क्षेत्र के खराब ट्रांसफार्मर की जानकारी दे सकते हैं। सरकार का दावा है कि शिकायत के 48 घंटे के अंदर खराब ट्रांसफार्मर को बदल दिया जाएगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए टोल फ्री नंबर 18001803023 भी जारी किया  गया है।


Sachchi Baten

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