July 24, 2024 |

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उज्जैन के पास पुलिस की मौजूदगी में लौह पुरुष की प्रतिमा ढहाई गई

Sachchi Baten

पहले ट्रैक्टर से ढहाया, फिर ईंट-पत्थरों व लाठियों से प्रतिमा तोड़ी

-माकड़ौन थाना प्रभारी सस्पेंड, एसपी पहुंचे घटनास्थल पर

महाकाल की नगरी उज्जैन (सच्ची बातें)। अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के तीन दिन बाद और गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले देश का सिर शर्म से झुक गया। देश के एकीकरण के शिल्पी सरदार पटेल की प्रतिमा को ढहा दिया गया। यह घटना भाजपा शासित मध्य प्रदेश में महाकाल की नगरी उज्जैन के पास माकड़ौन की है। आश्चर्य की बात यह है कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। हालांकि माकड़ौन थाना के प्रभारी भीम सिंह देवड़ा को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है।

इतिहास के पन्नों ने 25 जनवरी 2024 का दिन काला अध्याय बन कर जुड़ गया। जिस सरदार ने अपनी सूझ-बूझ और दृढ़ निश्चय की बदौलत साढ़े पांच सौ से ज्यादा देसी रियासतों को एक कर भारत संघ का निर्माण किया। उसकी प्रतिमा के साथ ऐसा होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था। माकड़ौन के पास एक मैदान में सरदार पटेल की आदमकद प्रतिमा पाटीदार समाज ने लगाई। 25 जनवरी को भीड़ ने सबसे पहले लौहपुरुष की प्रतिमा को ट्रैक्टर से ढहा दिया। इसके बाद भी मन नहीं भरा तो गिरी प्रतिमा पर ईंट-पत्थर और लाठियां बरसाईं। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। वे भी क्या करते। संख्या कम होने के कारण भीड़ का मुकाबला नहीं कर सके।

घटनास्थल की दूरी उज्जैन से करीब 50 किलोमीटर है।  एडिशनल एसपी गुरु प्रसाद पाराशर ने बताया कि घटना के बाद इस पूरे मामले में माकड़ौन थाना प्रभारी की लापरवाही सामने आई है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि इस घटना में माकड़ौन थाने के सब इंस्पेक्टर को भी चोट आई है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

पूरा मामला कुछ इस प्रकार है कि माकड़ौन के मंडी गेट और बस स्टैंड के पास एक विवादित जमीन है, जहां पर एक पक्ष संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाना चाहता है तो दूसरा वर्ग लौह पुरुष सरदार पटेल की प्रतिमा लगाने के लिए वर्षों से प्रयासरत है। 25 जनवरी की सुबह मंडी गेट स्थित इस जगह पर उस समय विवाद हो गया, जब क्षेत्र के लोगों को पता चला कि कुछ लोगों ने यहां पर सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा लगा दी है।

जब लोग यहां पहुंचे तो इस जगह पर सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति लगी हुई थी, जिसे देखकर लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने इस मूर्ति को तोड़फोड़ करते हुए इस पर ट्रैक्टर चला दिया। देखते ही देखते स्थिति यह बनी कि दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और कुछ देर यहां पथराव और लाठियां भी चलीं।

उग्र भीड़ ने कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। कुछ गाड़ियाें को जला दिया। साथ ही कई दुकानों में पथराव भी किया। विवाद की जानकारी लगते ही माकड़ोन के अलावा उज्जैन और तराना से भी भारी तादाद में पुलिस बल मौके पर पहुंचा है। दोनों पक्षों को पुलिस ने समझाकर फिलहाल मामला शांत करवाया है। एहतियात के तौर पर अभी यहाँ पुलिस फोर्स तैनात है।

घटनास्थल पर पहुंचे एसपी – कहां घबराने की जरूरत नहीं अब स्थिति सामान्य
थाना माकड़ोन क्षेत्र में दो पक्षों (मालवीय, पाटीदार समाज) मे विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश भार्गव, अनुविभागीय अधिकारी, थाना प्रभारी माकड़ोन पहुंचे और दोनों पक्षों से घटना के संबंध में जानकारी ली। एसपी ने बताया कि दोनों पक्षों के द्वारा बतायी गई घटना को संज्ञान में लेकर गंभीरता से जांच की जा रही है।

वीडियो से की जा रही हुड़दंगियों की पहचान
एडिशनल एसपी नितेश भार्गव ने बताया कि इस मामले में दोनों ही पक्षों की ओर से कार्रवाई के लिए आवेदन मिले हैं, लेकिन हम वीडियो से पहले ऐसे लोगों को चिन्हित कर रहे हैं, जो हुड़दंग में शामिल थे। 15 से अधिक लोगों से पूछताछ जारी है। जांच के बाद ही प्रकरण दर्ज किया जाएगा। माकड़ौन में अभी स्थिति सामान्य है।


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