July 24, 2024 |

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बिजली विभाग के खाते में इस मामले में नंबर एक पर लिखा है मिर्जापुर का नाम

Sachchi Baten

कनेक्शन लेने के बाद एक बार भी बिल न जमा करने के मामले में मिर्जापुर जोन के उपभोक्ता हैं सबसे ज्यादा

 

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लि. के बही-खाता में मिर्जापुर जनपद के उपभोक्ताओं का नाम नंबर एक पर लिखा हुआ है। लेकिन यह गर्व की बात नहीं है। विद्युत कनेक्शन लेने के बाद एक बार भी बिल न भरने वालों में सबसे ज्यादा संख्या मिर्जापुर के उपभोक्ताओं की है। इस मामले में सबसे कम संख्या गाजियाबाद जोन के उपभोक्ताओं की है।

विद्युत वितरण निगमवार स्थित देखा जाए तो एक बार भी बिजली बिल नहीं देने वाले करीब 20.63 फीसदी उपभोक्ता पूर्वांचल में हैं। इसी तरह 16.09 फीसदी मध्यांचल में, 10.95 फीसदी दक्षिणांचल में और 2.48 फीसदी पश्चिमांचल में हैं।

प्रदेश के 13.20 फीसदी उपभोक्ता पावर कॉरपोरेशन के लिए गलफांस बन गए हैं। इन्होंने कनेक्शन लेने के बाद एक बार भी बिजली बिल नहीं जमा किया है।

अब इनकी संख्या कम करने के लिए विभागीय अफसरों को चेतावनी मिल रही है। कॉरपोरेशन को राजस्व वसूली के लिए टीमें बढ़ानी पड़ रही हैं।

प्रदेश में 3.25 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें बीते अगस्त माह तक 42.94 लाख उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लेने के बाद एक बार भी बिजली बिल जमा नहीं किया है।

यह कुल उपभोक्ताओं की अपेक्षा करीब 13.20 फीसदी हैं। विद्युत वितरण निगमवार स्थित देखा जाए तो एक बार भी बिजली बिल नहीं देने वाले करीब 20.63 फीसदी उपभोक्ता पूर्वांचल में हैं। इसी तरह 16.09 फीसदी मध्यांचल में, 10.95 फीसदी दक्षिणांचल में और 2.48 फीसदी पश्चिमांचल में हैं।

खास बात यह है कि केस्को में इनकी संख्या शून्य है। हालांकि कानपुर जोन में ऐसे उपभोक्ता 12.52 फीसदी हैं। जोनवार आंकड़ों में सर्वाधिक 28.06 मिर्जापुर एवं सबसे कम 0.77 गाजियाबाद में हैं। अब इन उपभोक्ताओं से वसूली के लिए विभागीय अफसरों को निर्देश दिया गया है। इसके लिए बाकायदे हर माह का लक्ष्य दिया जाता है। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है। ऐसे में ये उपभोक्ता विभागीय अफसरों के गले की फॉस बने हुए हैं।

सौभाग्य के बाद बढ़े बिल न देने वाले उपभोक्ता

प्रदेश में हर घर को बिजली देने के लिए वर्ष 2017 में सौभाग्य योजना शुरू की गई। इसमें उपभोक्ताओं को निश्शुल्क कनेक्शन दिया गया। बीपीएल उपभोक्ताओं को बिजली बिल देने के बारे में विभागीय अफसर समझा नहीं पाए। तमाम उपभोक्ताओं को यह भी संदेश दे दिया गया कि उन्हें बिल नहीं देना पड़ेगा। यही वजह है कि ग्रामीण इलाके में कभी भी बिजली बिल नहीं जमा करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या अधिक है।

95 फीसदी घरेलू कनेक्शन

विभागीय अफसरों के मुताबिक कनेक्शन लेने के बाद कभी भी बिजली बिल जमा नहीं करने वाले कुल उपभोक्ताओं में 95 फीसदी घरेलू उपभोक्ता हैं। पांच फीसदी व्यवसायिक अथवा छोटे दुकानदार हैं। इन उपभोक्ताओं का बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काट देना चाहिए था, लेकिन कनेक्शन की संख्या कम न होने पाए। ऐसे में विभागीय अफसर कार्रवाई भी धीमी गति से करते हैं। वर्ष 2020 में इनकी संख्या करीब 75 लाख थी, जो अब घटकर 42 लाख पर आ गई है। इनकी संख्या घटाने के लिए हर माह जोनवार लक्ष्य दिया जा रहा है।

जोन के हिसाब से बिल न देने वाले उपभोक्ताओं का प्रतिशत

आजमगढ़ 20.08
बस्ती 24.28
गोरखपुर 20.77
मिर्जापुर 28.06
प्रयागराज 18.48
वाराणसी 18.07
अयोध्या 18.22
बरेली 17.66
देवीपाटन 24.65
लेसा सिस गोमती जोन 2.78
लेसा ट्रांस गोमती जोन 1.22
लखनऊ 15.79
आगरा प्रथम जोन 8.21
आगरा द्वितीय जोन 4.04
अलीगढ़ 5.56
बांदा 21.67
झांसी 16.16
कानपुर 12.52
गाजियाबाद 0.77
बुलंदशहर 3.12
मेरठ 0.86
मुरादाबाद 3.02
नोए़डा 2.78
सहारनपुर 3.51
( आंकड़ें जोनवार कुल उपभोक्ताओं के सापेक्ष एक बार भी बिल न देने वाले उपभोक्ताओं के आधार पर हैं)


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