July 16, 2024 |

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2019 के चुनाव में भाजपा को एक सीट पड़ी थी 4.17 करोड़ में

Sachchi Baten

2019 के चुनाव में बीजेपी ने खर्चे 12 अरब 64 करोड़, जीते 303

-2014 के चुनाव में सात अरब 14 करोड़ खर्च कर बीजेपी ने जीती थीं लोकसभा की 282 सीटें

-2014 के मुकाबले 2019 में खर्च किया दोगुना से कुछ ही कम, उपलब्धि मात्र छह फीसद मतों का, सीटों के रूप में 21 की

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। 2014 में 282 सीट से 2019 में 303 सीट पाने के लिए भाजपा ने अकूत धन का इस्तेमाल किया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पर्टी ने 12 अरब 64 करोड़ 33 लाख 5779 रुपये खर्च किए। यह खर्च पार्टी का है। प्रत्याशियों ने जो किया, वह इसके अलावा है। एक प्रत्याशी लोकसभा चुनाव में 70 लाख रुपये तक अपने प्रचार में खर्च कर सकता है।

भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जो विवरण दर्ज है, उसके अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सात अरब 14 करोड़ 28 लाख 57 हजार 813 रुपये खर्च किए। प्रत्याशियों ने अलग से चुनाव आयोग के निर्देश के आलोक में खर्च किए। 282 सीटें मिली थीं।

इस बार 400 प्लस की बात हो रही है तो जाहिर है पार्टी का खर्च भी उसी हिसाब से बढ़ेगा। जैसे 2014 में 282 सीटों से 2019 में 303 सीटों को जीतने में बढ़ा। 21 सीट ज्यादा जीतने में 2014 के मुकाबले करीब 5 अरब रुपये ज्यादा खर्च करने पड़े थे।

यदि प्रति सीट 4.17 करोड़ रुपये ही मान लिए जाएं तो इस बार 400 सीटों के जीतने का मतलब 16 अरब से ज्यादा रुपये खर्च होंगे। भारतीय जनता पार्टी 400 पार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 370 से ज्यादा की बात कर रहे हैं, उससे प्रतीत होता है कि इस बार के चुनाव में भी भाजपा तिजोरी खोलने वाली है।

लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी को 70 लाख रुपये तक खर्च करने की सीमा निर्वाचन आयोग ने निर्धारित की है। इसके अंदर का ही हिसाब-किताब दिया जाता है। पर्यवेक्षक को यदि कहीं पर लगता है कि निर्धारित सीमा से अधिक खर्च हुआ है तो आयोग संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई करता है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 2019 का चुनाव प्रति सीट के हिसाब से बहुत महंगा पड़ा था। इसने 8 अरब 20 करोड़ 89 लाख रुपये खर्च किए थे। सीटें मिली थीं मात्र 59। इस हिसाब से कांग्रेस एक सीट औसतन 13 करोड़ 91 लाख रुपये की पड़ी। 2014 में कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की थी। खर्च किए थे 5 अरब 16 करोड़ से ज्यादा। 11 करोड़ 72 लाख रुपये की एक सीट पड़ी थी।

इस बार के लोकसभा चुनाव में भी राष्ट्रीय स्तर पर इन्हीं दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबला है। छोटे-छोटे दल इन्हीं दोनों के पाले में हो गए हैं। एक पाला का नाम है एनडीए, दूसरे का इंडिया। हां, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ रही है। उत्तर प्रदेश में बसपा भी एकला चलो की ही राह पर है।

 

 

 


Sachchi Baten

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