July 19, 2024 |

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माननीय रमेश चंद बिंद जी, अब बता ही दीजिए कि आपने कितनी पढ़ाई की है?

Sachchi Baten

लोकसभा चुनाव 2024:

Loksabha Election 2024:

संसद की सांसद प्रोफाइल में बीएएमएस लिखवाकर साथी सांसदों पर भी डॉक्टर होने का पांच साल गांठा है रुआब

-तीन बार विधानसभा और दो बार लोकसभा चुनाव के लिए किया है नामांकन, हर नामांकन में शैक्षिक योग्यता अलग-अलग

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। मिर्जापुर संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रमेश चंद बिंद की शैक्षिक योग्यता में बड़ा गड़बड़झाला है। संसद की सांसद प्रोफाइल में तो शैक्षिक योग्यता के कॉलम में बीएएमएस लिखा है। नाम के पहले डॉ. लिखकर पांच साल तक साथी सांसदों पर रुआब झाड़ने वाले इस प्रत्याशी की असल शैक्षिक योग्यता को लेकर जनता में भ्रम की स्थिति हो गई है। लोग समझ ही नहीं पा रहे हैं कि ये आठवीं तक पढ़े हैं या नौवीं तक। दसवीं या बारहवीं तक। बीएएमएस तो संसद की सांसद प्रोफाइल में लिखा है, लेकिन पांच बार नामांकन में से एक बार भी इस डिग्री का जिक्र नहीं किया गया है। सिर्फ एक बार 2002 के विधानसभा चुनाव में इन्होंने मझवां से नामांकन किया था, तभी बीएएमएस वाली डिग्री को सार्वजनिक किया था। इसी वर्ष बसपा के टिकट पर मझवां से इन्होंने पं. लोकपति त्रिपाठी को हराकर चुनाव जीता था।

लोकसभा की वेबसाइट पर सांसद रमेश चंद बिंद की प्रोफाइल, जिसमें शैक्षिक योग्यता के कॉलम में बीएएमएस लिखा है।

 

रमेश चंद बिंद ने दूसरी दफा 2007 में मझवा विधानसभा से अपना नामांकन किया था। बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी थे। उस साल नामांकन के समय शपथ पत्र में अपनी शैक्षिक योग्यता आठवीं पास लिखी थी। किसी जे हाईस्कूल से। उम्मीदवारों का डाटा संकलित कर उसे अपना वेबसाइट पर प्रकाशित करने वाली संस्था एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स एडीआर Association of Democratic Reforms ADR के खुला डेटा रिपोजिटरी प्लेटफॉर्म नेशनल इलेक्शन वाच National Election Watch पर जारी आंकड़े जनता में बहुत भ्रम पैदा कर रहे हैं।

2024 के पहले जितनी बार नामांकन किया, हर बार शैक्षिक योग्यता अलग-अलग।

 

इसके अनुसार तीसरी बार जब मझवा विधानसभा से ही 2012 में बीएसपी से उम्मीदवार के रूप में रमेश चंद बिंद ने नामांकन किया तो उस समय शपथ पत्र में अपनी शैक्षिक योग्यता 12वीं पास बताया था। इसमें उस स्कूल का जिक्र हीं किया गया है, जहां से 12वीं पास की थी।

जब 2017 में बसपा से ही मझवा विधानसभा से फिर नामांकन किया तो इनकी शैक्षिक योग्यता घटकर पुनः 10वीं पास हो गई। शपथ पत्र में रमेश चंद बिंद ने घोषणा की है कि एसएबीएचएस स्कूल चंदईपुर मिर्जापुर से वर्ष 1998 में हाईस्कूल यूपी बोर्ड की परीक्षा पास की है। आश्चर्य की बात है कि इन्होंने 10वीं व 12वीं दोनों परीक्षाएं वर्ष 1998 में ही पास की हैं।

2019 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा के टिकट पर भदोही संसदीय सीट से नामांकन किया तो इसमें शपथ पत्र में हाईस्कूल तक की शिक्षा को दर्शाया। इसमें रमेश चंद बिंद ने बताया है कि हाईस्कूल की परीक्षा उन्होंने 1988 में ही पास की है। कितना विरोधाभास है।

2024 के लोकसभा चुनाव में तो भ्रम और पैदा हो गया। इस बार उन्होंने अपनी शिक्षा नौवीं पास ही बताया है। किसी भी चुनाव में अपनी बीएएमएस वाली डिग्री का जिक्र नहीं किया है, जो लोकसभा की वेबसाइट पर सांसद डिटेल में दिख रहा है। भ्रम के भंवर से बाहर निकलने के लिए भदोही सांसद और मिर्जापुर से सपा प्रत्याशी रमेश चंद बिंद से फोन नंबर 9415205711 पर बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं किया।

रमेश चंद बिंद ने पहली बार 2002 में मझवा विधानसभा से चुनाव जीता था। बसपा के टिकट पर पं. लोकपति  त्रिपाठी को शिकस्त दी थी। उस दौरान इन्होंने अपनी शेक्षणिक योग्यता बीएएमएस घोषित की थी। विधानसभा सदस्य परिचय 2002 नामक पुस्तक में इसका जिक्र है।

देखें पुस्तक के उस पेज को-

 

 

आप ही बताएं कि जनता आपको क्या समझे। आठवीं पास, नौवीं पास, 10वीं पास, 12वीं पास या बीएएमएस (डॉक्टर) ?


Sachchi Baten

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