July 16, 2024 |

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राजकीय कन्या महाविद्यालय जमालपुरः गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं

Sachchi Baten

श्रेय लेने की होड़ के बीच सीएम से शीघ्र शिलान्यास का अनुरोध किया सांसद अनुप्रिया पटेल ने

-महाविद्यालय की स्थापना का श्रेय लेने के लिए चुनार विधायक अनुराग सिंह ने जमालपुर में निकाला जुलूस

-स्वीकृति के अगले ही दिन से सांसद और विधायक के कार्यकर्ताओं के बीच लेटर वार

-नेताओं को भ्रम है कि जनता नहीं जानती कि जमालपुर के लिए अति महत्वपूर्ण इस काम की स्वीकृति किसने कराई

जमालपुर/मिर्जापुर (सच्ची बातें)। ये पब्लिक है। सब जानती है। इसको बताने की जरूरत नहीं है। फिर भी लोग बताए जा रहे हैं। जमालपुर में राजकीय महिला महाविद्यालय की स्वीकृति का श्रेय लेने की जिस कदर होड़ मची है, उससे जग हंसाई ही हो रही है। जिस दिन जिले की सांसद अनुप्रिया पटेल के माध्यम से जानकारी आई कि जमालपुर में राजकीय महिला महाविद्यालय के लिए वित्तीय तथा प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है, उसी दिन से सांसद और विधायक के कार्यकर्ताओं में लेटर वार शुरू हो गया, जो अभी भी जारी है।

यह सच है कि जमालपुर में राजकीय महिला महाविद्यालय की सख्त जरूरत थी। चुनार के विधायक अनुराग सिंह ने बीते विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था कि इसके लिए वह प्रयासरत हैं। लेकिन दो साल में इसको लेकर किसी भी तरह की प्रगति प्रकाश में नहीं आई। न तो विधायक अनुराग सिंह ने कोई बात कही।

इस बीच सांसद अनुप्रिया पटेल इसकी स्वीकृति कराने में जुटी रहीं। उनकी कार्यशैली ही है कि वह ज्यादा शोर नहीं मचाती हैं। काम करने में विश्वास करती हैं। हालांकि शोर अनुराग सिंह भी नहीं मचाते। एक दिन रात में खबर आई कि जमालपुर में राजकीय महाविद्यालय के लिए वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। सांसद ने तुरंत इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त कर दिया। यह आभार सोशल मीडिया में उसी समय से तथा प्रिंट मीडिया में अगले दिन प्रकाशित हुआ।

इस खबर के बाद जमालपुर इलाके में जैसे जश्न का माहौल हो गया। हर तरफ से अनुप्रिया पटेल की जय-जयकार होने लगी। शायद यही बात अनुराग सिंह के कार्यकर्ताओं को अच्छी नहीं लगी। वे सोशल मीडिया में तरह-तरह के पत्र डालकर इसका श्रेय अनुराग सिंह को देने लगे। अब भला अपना दल एस के कार्यकर्ता पीछे क्यों रहते। वे भी सोशल मीडिया में पोस्ट करने लगे कि जमालपुर में राजकीय महिला महाविद्यालय की स्थापना का श्रेय सांसद अनुप्रिया पटेल को जाता है। उनके ही प्रयास से इसकी वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति मिल सकी है।

इधर सांसद अनुप्रिया पटेल ने श्रेय लेने की इस होड़ से खुद को अलग रखते हुए बीते तीन मार्च को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पहले ही इसका शिलान्यास करने का निवेदन कर डाला। ज्यादा संभावना है कि अधिसूचना जारी होने के पहले विंध्य विश्वविद्यालय तथा जमालपुर में राजकीय महिला महाविद्यालय की आधारशिला मुख्यमंत्री रख देंगे।

देखें पत्र…

इधर गुरुवार को विधायक अनुराग पटेल ने जमालपुर बाजार में समर्थकों संग जुलूस निकालकर जनता को बताने का प्रयास किया कि इसकी स्थापना उन्होंने ही कराई है। उनके आज के इस जुलूस को लेकर सोशल मीडिया में जो लिखा गया है, वह इस प्रकार है -07 मार्च 2024 को चुनार विधानसभा क्षेत्र के जननायक युवाओं के कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले विकास पुरुष मा0 लोकप्रिय एवं यशस्वी विधायक श्री अनुराग सिंह जी के अथक प्रयास से जमालपुर में राजकीय कन्या महाविद्यालय की स्थापना की स्वीकृति माननीय पूज्यनीय मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदान किए जाने पर अपने जननायक माननीय विधायक जी का भारतीय जनता पार्टी मंडल जमालपुर में प्रथम आगमन पर समस्त सम्मानित पार्टी पदाधिकारी गणों व समस्त सम्मानित कार्यकर्ता बंधुओं एवं समस्त सम्मानित क्षेत्रवासियों की ओर से जोरदार स्वागत वंदन अभिनंदन किया गया। एक बार पुनः माननीय विधायक जी को भाजपा मंडल जमालपुर की ओर से कोटि-कोटि बधाई एवं आभार। यह हूबहू है।

जमालपुर विकासखंड के लोग बहुत जागरूक हैं। हर चीज पर पैनी नजर रखते हैं, बोलें भले न। इस स्थिति में उनको बताना कि महिला महाविद्यालय की परिकल्पना किसके प्रयास से धरातल पर उतरी है, लोग इसे उचित नहीं बता रहे हैं। प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि गठबंधन के दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच इसी तरह का शीतयुद्ध लोकसभा चुनाव तक जारी रहा तो परिणाम पर असर जरूर पड़ेगा।


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