July 24, 2024 |

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पूर्व विधायक पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, डॉक्टरेट की डिग्री पर भी सवाल

Sachchi Baten

जमुना प्रसाद सरोज ने दो बार सोरांव विधानसभा से लड़ा है चुनाव

-एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक अपने शपथपत्र में नहीं किया डॉक्टरेट की डिग्री का जिक्र

-पत्नी रीता प्रसाद को बताया है हाउस वाइफ, लेकिन उनकी कमाई हर साल लाखों में

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। फर्जी कम्पनी बनाकर लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में चर्चा में आए प्रयागराज जिले की सोरांव विधानसभा के पूर्व विधायक जमुना प्रसाद सरोज की डॉक्टरेट डिग्री भी सवालों के घेरे में आ गई है। ए़डीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोकेट्रिक रिफॉर्म) की रिपोर्ट से स्पष्ट हो रहा है कि उन्होंने किसी विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट नहीं की है। सरोज ने सोरांव से दो बार चुनाव लड़ा है। 2017 और 2022 में। 2017 में जीते, 2022 में हार गए। दोनों बार अपने शपथ पत्र में डॉक्टरेट की चर्चा नहीं की है।

एडीआर की वेबसाइट myneta.info के अनुसार दोनों बार के चुनावों में उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता में लिखा है- ”वर्ष 1994 और 2002 में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से स्नातकोत्तर डबल एमए और वर्ष 1993 में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से बी.एड.”।  वेबसाइट पर 2017 के चुनाव में इनका नाम  जमुना प्रसाद सरोज लिखा है। 2022 में डॉ. जमुना प्रसाद सरोज। अन्य स्थानों पर भी वह डॉ. जमुना प्रसाद सरोज ही लिखते हैं।

स्पष्ट है कि वह या तो फर्जी तरीके से अपने नाम के पहले डॉक्टर लिखकर लोगों के बीच अपना प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं या शपथ पत्र में गलत जानकारी दी है। जब अन्य डिग्रियों का विवरण दे सकते हैं तो इसकी क्यों नहीं। यह तो और प्रतिष्ठित डिग्री है।

वैसे पूर्व विधायक जमुना प्रसाद सरोज के कारनामों की चर्चा काफी पहले से होती रही है। फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों से लाखों रुपये निवेश कराकर उनको रिटर्न के रूप में कुछ न देने की बात तो दबी जुबान से वर्षों से की जा रही थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद 30 मार्च 2024 की रात जब नैनी थाने में कई भुक्तभोगियों की एफआइआर दर्ज हुई तो बात सार्वजनिक हो गई।

सोनी देवी पत्नी विनोद निवासी महेवा पश्चिम पट्टी थाना नैनी जनपद प्रयागराज ने सोराव के पूर्व विधायक जमुना प्रसाद सरोज के खिलाफ कोर्ट में शिकायत की थी। जिसके बाद 30 मार्च को न्यायालय के आदेश पर नैनी पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। सोनी देवी के मुताबिक जमुना प्रसाद फर्जी कम्पनी बनाकर चलाते थे। उस कंपनी में ही लोगों से पैसा जमा कराते थे। पैसा जमा कराने के नाम पर धोखा देकर 45 लाख रुपये लिए थे। मांगने पर गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देने देते थे।

विनोद पुत्र रामसजीवन निवासी महेवा पश्चिम पट्टी ने बताया कि जमुना प्रसाद द्वारा फर्जी कम्पनी में पैसा जमा कराने के नाम पर धोखा किया है।  पांच लाख रुपये ले लिए थे। वापस मांगने पर गाली गलौज व जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।  कई बार थाने पर शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई थी। इसके बाद न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। शनिवार 30 मार्च को न्यायालय के आदेश पर जमुना प्रसाद पुत्र श्रीराम निवासी महेवा पश्चिम पट्टी के खिलाफ 156(3) सीआरपीसी 190/24 धारा 420/406/504/506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में नैनी इंस्पेक्टर यशपाल सिंह का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

जमुना प्रसाद सरोज की पत्नी रीता प्रसाद सरोज अकेली महिला होंगी, हाउस वाइफ होते हुए भी उनकी आय हर साल लाखों में है। इस मामले में भी पूर्व विधायक ने चुनाव आयोग को गलत जानकारी दी है। रीता प्रसाद कई कंपनियों में डायरेक्टर हैं। यह बात शपथ पत्र में छिपाई गई है।

नोट- जमुना प्रसाद सरोज के बेटे जितेंद्र प्रसाद सरोज और पत्नी रीता प्रसाद किन-किन कंपनियों में डायरेक्टर हैं। रीता प्रसाद ने इनकम टैक्स रिटर्न में अपनी आय से संबंधित क्या जानकारी दी है। इनकी कंपनियों के कार्यालय कहां-कहां हैं। इनके नाम क्या हैं। इन सबकी जानकारी के लिए अगली कड़ी का इंतजार करना होगा।

 

 

 

 

 


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