July 24, 2024 |

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मिर्जापुर में किसान आंदोलनः अहरौरा टोल प्लाजा तक किसानों को जाने से रोका

Sachchi Baten

प्रशासन से वार्ता के बाद 19 जनवरी तक आंदोलन स्थगित, नहीं हटा टोल प्लाजा तो किसान लड़ेंगे आर पार की लड़ाई

– वाराणसी शक्तिनगर राजमार्ग पर 43 दिनों से टोल प्लाजा हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं किसान
– शासन, उपसा से कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन ने मांगी थी 20 दिन की मोहलत भी रही बेनतीजा तो किसानों ने किया प्रदर्शन

-मौके पर भारी संख्या में पुलिस व पीएसी बल की रही तैनाती

अहरौरा, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर वनस्थली महाविद्यालय के पास बने अस्थाई टोल प्लाजा को अवैध मानते किसानों ने हटवाने की मांग को लेकर बुधवार की दोपहर प्रदर्शन मार्च निकाला, जिसे पुलिस तथा प्रशासन ने बीच रास्ते में ही बलपूर्वक रोक दिया।

किसानों ने कहा “हम टिकैत के सिपाही हैं। लड़ेंगे, मगर पीछे नहीं हटेंगे” देर तक चले हंगामा प्रदर्शन के बाद एडीएम वित्त शिव प्रसाद शुक्ला की मौजूदगी में धरना स्थल पर हुई पंचायत के बाद 19 जनवरी तक आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

वनस्थली महाविद्यालय पर बुधवार की सुबह जुटे किसानों ने पंचायत के दौरान शासन, जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग उपसा के प्रति नियमों के विपरीत टोल प्लाजा से अवैध वसूली कराने को लेकर नाराजगी जताई।

आंदोलनरत किसानों ने दोपहर में जैसे ही मार्च प्रदर्शन के लिए राजमार्ग का रुख किया, तभी प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से प्रदर्शन मे शामिल किसानों के मार्च को बलपूर्वक रोक लिया।

टोल प्लाजा हटाने की मांग को लेकर जिद पर अड़े किसान धरना स्थल पर वापस लौटे तथा पंचायत शुरू कर दी। इसी दौरान किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि अस्थाई टोल प्लाजा के नाम पर मानक के विपरीत अवैध टोल प्लाजा का निर्माण किया गया है।

हाड़ कंपाने वाली ठंड के बावजूद किसान धरना स्थल पर शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं, परंतु शासन तथा जिला प्रशासन इन किसानों के आंदोलन का संज्ञान नहीं ले रहा है, जो न्यायोचित नहीं है।

भाकियू के प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों तथा जिला प्रशासन को पत्र भेज कर अवैध टोल प्लाजा हटाने के संबंध में कार्रवाई की मांग की गई, परंतु उपेक्षात्मक रवैया ने हम किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया। अब किसान आर पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

मानक के विपरीत चल रहे इस अवैध टोल प्लाजा को हर हाल में हटाना ही होगा। किसान इस अवैध टोल प्लाजा के अन्याय को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। किसान पंचायत के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त शिव प्रसाद शुक्ल ने किसानों से कहा कि उपसा के लोगों से किसानों के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता कराई जाएगी, तब तक धरना स्थगित रखा जाय।

जिला प्रशासन का प्रतिनिधित्व कर रहे एडीएम के आश्वासन पर किसानों ने 19 जनवरी तक धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। इस संबंध में किसानों ने अपनी मांग को लेकर पत्रक एडीएम वित्त शिव प्रसाद शुक्ला को सौंपा है।

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ओपी सिंह, क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन अनिल कुमार पांडेय, तहसीलदार शक्ति प्रताप सिंह, चुनार, अदलहाट, मड़िहान की पुलिस तथा पीएसी के जवान पंचायत स्थल पर मौजूद रहे।

किसान प्रदर्शन तथा मार्च में प्रमुख रूप से अनिल सिंह, कंचन सिंह फौजी, चौधरी रमेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, स्वामी दयाल सिंह, अवधेश नारायण सिंह, शिव प्रसाद सिंह, पंचम सिंह, परशुराम मौर्य, मुकुटधारी सिंह, अमरनाथ चौहान, किस्मत कुशवाहा, सुजिन्द्र मौर्य सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।


वनस्थली महाविद्यालय के पास धरना स्थल पर एडीएम वित्त शिव प्रसाद शुक्ला को पत्रक देते भाकियू के किसान।

बता दें कि इस टोल प्लाजा को हटाने के लिए 26 अक्टूबर से वनस्थली महाविद्यालय के पास धरना शुरू है। किसान रात-दिन धरना स्थल पर डटे हुए थे। इस बीच जिलाधिकारी ने पांच नवंबर को किसानों से बातचीत करने के लिए अपर जिलाधिकारी को भेजा। अपर जिलाधिकारी ने समस्या के समाधान के लिए 20 दिन का समय मांगते हुए किसानों से धरना समाप्त करने की अपील की थी। उनकी अपील पर किसानों ने धरना इस शर्त के साथ स्थगित किया कि यदि 20 दिनों के अंदर टोल प्लाजा नहीं हटाया गया तो 21वें दिन से फिर धरना शुरू हो जाएगा। 20 दिन बीत गए। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो फिर 26 नवंबर से किसानों ने धरना शुरू कर दिया। जो बारिश व जाड़े के बावजूद जारी रहा। इसी बीच एक प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि 27 दिसंबर को टोल प्लाजा तक मार्च किया जाएगा। इसी कड़ी में 27 दिसंबर को मार्च निकाला गया था।

 

 


Sachchi Baten

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