July 24, 2024 |

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मंडलीय खरीफ गोष्ठी में सिंचाई की समस्याओं से अवगत कराया किसान नेताओं ने

Sachchi Baten

जरगो बांध से नल-जल योजना के लिए पानी देने पर किसानों ने जताई नाराजगी

– नरायनपुर पंप कैनाल से हुसेनपुर बीयर को पानी देने की मांग

जमालपुर, मिर्जापुर (सच्ची बातें) । संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन पद्म विभूषण गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल भवन, चौकाघाट वाराणसी में 30 जून को हुआ। इसमें प्रयागराज, विंध्याचल व वाराणसी मंडल से कुल मिलाकर 11 जिलों के किसान, कृषि विभाग के अधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त कृषि निदेशक, कृषि आयुक्त व वैज्ञानिक गण उपस्थित रहे। इसकी अध्यक्षता कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने की। इसमें मिर्जापुर जनपद के किसानों अहरौरा तथा जरगो बांध से सिंचाई सुनिश्चित कराने की मांग की।

इस गोष्ठी में मिर्जापुर से भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति), किसान कल्याण समिति जरगो कमांड तथा भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर से नल-जल योजना के कारण सिंचाई की अनदेखी किए जाने के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया।

किसान कल्याण समिति जरगो कमांड के कार्यवाहक अध्यक्ष बजरंगी सिंह कुशवाहा ने कहा कि सूखे के कारण वैसे ही जरगो बांध में पानी कम है। नल-जल योजना के लिए इस बांध से पानी लेना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। पानी के अभाव में किसान धान की नर्सरी के लिए परेशान हैं, उधर नल-जल योजना की टेस्टिंग के नाम पर अधिकारी पानी बेकार में बहा रहे हैं। अहरौरा बांध तो पूरी तरह से सूख चुका है। किसान कल्याण समिति जरगो कमांड द्वारा एक मांगपत्र भी सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपा गया। इसमें नरायनपुर पंप कैनाल के पानी को गंगा-गरई बेसिन बनाकर गरई में गिराने, फिर गरई से हुसेनपुर बीयर में गिराने की मांग प्रमुखता से की गई है।

बता दें कि सिंचाई खंड चुनार अंतर्गत अहरौरा बांध से जमालपुर विकास खंड क्षेत्र के 175 गांवों की लगभग 15000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई आधी-अधूरी ही हो पाती है। बांध भरा होने के बावजूद रवि की सिंचाई भी भरपूर नहीं हो पाती। बांध का पानी समाप्त हो जाता है।

बाणसागर परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री जी द्वारा 15 /07/2018 को किया जा चुका हैं। बाणसागर के पानी से जरगो जलाशय को भरे जाने की बात किसानों ने कही। जरगो जलाशय से गड़ई प्रणाली (हुसैनपुर बियर) को बाणसागर परियोजना से जोड़ने के लिए लगभग 141 करोड़ रुपये की परियोजना सिंचाई विभाग द्वारा स्वीकृति के लिए भेजी गई है, इसका निर्माण अति आवश्यक है।

नीलगाय सहित अन्य समस्याओं को भी गोष्ठी में उठाया गया। इनमें धान बिक्री पर बोनस के रूप में 500 रुपये प्रति कुंतल देने, नहरों व राजवाहों की मरम्मत कराने, फसल बीमा का का भुगतान कराने आदि संबंधी मांगें प्रमुख रहीं। बैठक में भारतीय किसान यूनियन से सिद्धनाथ सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष, वीरेंद्र सिंह जिला महासचिव, स्वामी दयाल सिंह जिला कोषाध्यक्ष, सुखनंदन दुबे, अवधेश नारायण सिंह जिला उपाध्यक्ष, राजेश कुमार सिंह उर्फ गुड्डू, परशुराम मौर्या मंडल कार्यकारिणी सदस्य, राम सिंगार सिंह, राम सूरत सिंह, डॉ. पंचम सिंह, विश्वनाथ सिंह, धर्मेंद्र सिंह, रामबृक्ष सिंह, रामप्यारे सिंह आदि उपस्थित थे।


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