July 23, 2024 |

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20 लाख रिश्वत लेते ईडी का अफसर गिरफ्तार

Sachchi Baten

तमिलनाडु पुलिस की कार्रवाई, राज्य में ईडी अफसर की गिरप्तारी पहली बार

-अभी हाल ही में राजस्थान में भी रिश्वत लेने के आरोप में ईडी अफसर को किया गया था गिरफ्तार

नई दिल्ली (सच्ची बातें)। तमिलनाडु पुलिस ने ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी को घूस मांगने और फिर उसे लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारी का नाम अंकित तिवारी है। इस मामले में कार्रवाई डायरेक्टर ऑफ विजिलेंस एंड एंटी करप्शन (डीवीएसी) की मदुरई शाखा ने की है। तिवारी की गिरफ्तारी डिंडीगुल-मदुरई हाईवे से की गयी है।

पहले गुजरात और मध्य प्रदेश में काम कर चुके तिवारी को रंगे हाथों 20 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया। पैसा देने वाले शख्स का नाम डिंडीगुल है। यह गिरफ्तारी उस समय सामने आयी है जब ईडी के वरिष्ठ अधिकारी तमिलनाडु के मंत्रियों और नौकरशाहों के खिलाफ मामलों की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं। तकरीबन सुबह 9 बजे तिवारी के पैसे लेने के बाद डीवीएसी ने उनकी गाड़ी को घेर लिया।

सूत्रों ने बताया कि एक पेंडिंग केस में जिसकी जांच चल रही है, तिवारी ने कथित तौर पर कार्रवाई न करने का भरोसा दिलाया था।

हाल के दिनों में दक्षिण भारत में संभवत: यह पहली कार्रवाई है जो दिल्ली और राजस्थान में ईडी के बड़े अफसरों के खिलाफ चलने वाले हाईप्रोफाइल मामलों से बिल्कुल विपरीत है। यह पहला मौका है जब तमिलनाडु राज्य में किसी ईडी अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है.

मद्रास हाईकोर्ट में राज्य बनाम ईडी

अंकित तिवारी की गिरफ्तारी तब हुई है जब राज्य सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसी पांच जिला कलेक्टरों को समन जारी करने को लेकर आमने-सामने हैं। यह मामला अवैध रेत खनन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के प्रशासन को राहत देते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने इस सप्ताह समन पर तीन सप्ताह के लिए रोक लगा दी। हालांकि मामले की जांच पर रोक नहीं लगी है।

अरियालुर, वेल्लोर, तंजावुर, करूर और तिरुचिरापल्ली जिलों से तलब किए गए कलेक्टरों और राज्य सरकार को ईडी को जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया गया है।

हालांकि, तमिलनाडु ने तर्क दिया था कि ईडी के पास ऐसी मांग करने का अधिकार नहीं है और पांच कलेक्टरों को ईडी का समन संघवाद की भावना के खिलाफ है।

यह भी तर्क दिया गया कि केंद्रीय एजेंसी को इस तरह के ब्यौरे, यदि जरूरी हों तो केवल राज्य सरकार के जरिए मांगना चाहिए। ईडी राज्य सरकार की सहमति के बिना जांच नहीं कर सकती है।

आईआईटी के एक विशेषज्ञ के सर्वे का हवाला देते हुए ईडी ने दावा किया है कि दो साल में पूरे तमिलनाडु में 4500 करोड़ रुपये का अवैध रेत खनन हुआ है।

DMK के मुखपत्र में ED की आलोचना

ईडी अधिकारी की गिरफ्तारी उस दिन हुई है, जब सत्तारूढ़ DMK के मुखपत्र ‘मुरासोली’ ने केंद्र में सत्तासीन बीजेपी पर उसकी छवि खराब करने के लिए एजेंसी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। अखबार ने ईडी के भ्रष्टाचार के दावे पर सवाल उठाया था और कथित “मनमाने” आंकड़े के आधार को चुनौती देते हुए सबूत की मांग की थी।

Sachchi Baten

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