July 24, 2024 |

BREAKING NEWS

- Advertisement -

करो या मरो: मतदान का चौथा चरण सभी दलों के लिए भारी

Sachchi Baten

96 सीटों पर भाजपा को विपक्ष की कड़ी चुनौती

– आंध्र प्रदेश व उड़ीसा में विधानसभा चुनाव के लिए संग होगा मतदान

– चौथे चरण में 96 लोकसभा सीटों पर आमने सामने पक्ष- विपक्ष

– मोदी मैजिक से ‘मैजिक’ की आस के भरोसे बैठी है भाजपा

हरिमोहन विश्वकर्मा, नई दिल्ली। 18वीं लोकसभा के गठन के लिए लोकसभा चुनाव का कारवां चौथे चरण तक आ पहुंचा है। 13 मई को चौथे चरण में 10 राज्यों की कुल 96 सीटों पर मतदान होने जा रहा है। चौथे चरण में आंध्रप्रदेश और तेलंगाना की सभी सीटों के साथ ही बिहार की 5, झारखण्ड की 4, मध्य प्रदेश की 8, महाराष्ट्र की 11, ओडीसा की 4, उत्तर प्रदेश की 13, पश्चिम बंगाल की 8 और जम्मू कश्मीर की 1 सीट पर मतदान होना है। आंध्र प्रदेश में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा का चुनाव भी हो रहा है। इसमें तेलगूदेशम पार्टी,😂 बीजेपी और पवन कल्याण की जनसेना का गठबंधन एक तरफ है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस, सीपीएम और सीपीआई का गठबंधन है। इन दोनों गठबंधनों की चुनौती का सामना सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के सीएम जगनमोहन रेड्डी कर रहे हैं। जगनमोहन रेड्डी अपनी 9 रत्न वेलफेयर स्कीम्स के भरोसे हैं, वहीं चंद्रबाबू नायडू सुपर सिक्स वेलफेयर स्कीम्स और मोदी मैजिक के दम पर सत्ता में आने की उम्मीद कर रहे हैं। लोकसभा सीटों पर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को 13 से 15 और टीडीपी और बीजेपी गठबंधन को 10 से 11 सीटें मिल सकती है। जगन मोहन की बहन वाईएस शर्मिला के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद भी कांग्रेस का खाता खुलना मुश्किल है।

वहीं आंध्र प्रदेश से टूटकर बने तेलंगाना में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच दिख रहा है। हालांकि विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हारकर सत्ता से बाहर हुए बीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनके एक दो सीट से ज्यादा जीतने की संभावना नजर नहीं आती है। भाजपा का वोट शेयर बढ़कर 18 से 38 फीसदी हो सकता है जिसके साथ वह 7 से 8 सीटें जीत सकती है। विधानसभा में 40 फीसद वोट पाने वाली कांग्रेस भी 7 से 8 सीट जीत सकती है। बीआरएस को एक सीट मिलती दिख रही है। मध्यप्रदेश की 8 सीटों देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा में भी चौथे चरण का मतदान होना है। मालवा क्षेत्र से आने वाली इन सीटों पर भाजपा की पकड़ मजबूत है। इंदौर से कांग्रेस प्रत्याशी ने नाम वापस लेकर भाजपा को वाकओवर दे दिया है। रतलाम सीट पर कांग्रेस मैदान में दिख रही है। बाकी सीटों पर एकतरफा चुनाव है। चौथे चरण में महाराष्ट्र की 11 सीटें औरंगाबाद, नंदुरबार, जलगांव, रावेर, जालना, मावल, पुणे, शिरूर, अहमदनगर, शिर्डी और बीड में मतदान होगा। यहां भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिव सेना का मुकाबला उद्धव ठाकरे की शिवसेना और कांग्रेस से है। यहां उद्धव भारी पड़ते दिख रहे हैं। मराठा आरक्षण का असर इन सीटों पर दिखना तय है। ओबीसी भी इन सीटों पर प्रभावशाली है। ऐसे में भाजपा के सामने मराठा और ओबीसी दोनों को साधने की चुनौती होगी। उड़ीसा में चौथे चरण में पहली बार मतदान हो रहा है। उड़ीसा की 4 सीटें कालांहाडी, नवरंगपुर, बेहरामपुर और कोरापुट शामिल हैं। ये सभी नवीन पटनायक की मजबूत पकड़ वाली सीटें हैं लेकिन इस बार भाजपा पटनायक की पार्टी को कड़ी चुनौती पेश कर रही है। नवीन पटनायक के कुछ नेताओं के पाला बदलने से भाजपा को लाभ मिल रहा है लेकिन फिर भी पलड़ा नवीन का ही भारी है। उड़ीसा में भी लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। विधानसभा चुनाव में नवीन पटनायक का फिर से लौटना तय है।चौथे चरण के चुनाव में उत्तर प्रदेश की 13 सीटों शाहजंहापुर, खीरी, धौरहरा, सीतापुर, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फरूखाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर और बहराइच में चुनाव होना है। कन्नौज से खुद अखिलेश यादव मैदान में हैं। यहां कुछ सीटों पर भाजपा को बसपा और सपा से चुनौती मिल रही है लेकिन मोदी और योगी की लोकप्रियता सब पर भारी पड़ती दिख रही है। सपा कन्नौज, शाहजंहापुर, खीरी और हरदोई में चुनौती पेश कर रही है। बसपा के उम्मीदवार उतारने के बाद भी भाजपा के लिए इस बार जीत की राह 2019 जैसी आसान नहीं है। कुछ सीटों पर हार जीत का मार्जिन 5 प्रतिशत से भी कम रह सकता है। चौथा चरण राष्ट्रीय पार्टियों के साथ साथ क्षेत्रीय पार्टियों के लिए भी बेहद महत्व का है। कांग्रेस को तेलंगाना से उम्मीद है, वहीं भाजपा को भरोसा है कि वह उड़ीसा विधानसभा चुनाव में सरकार बना सकती है। बहरहाल कम मतदान के बीच चौथा चरण सभी दलों के लिए करो या मरो का संघर्ष बना हुआ है।


Sachchi Baten

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.