July 24, 2024 |

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डीएम मैम! जिम्मेवारों ने इस सड़क पर खड़े कर दिए हैं यमराज को

Sachchi Baten

रानीबाग-जैपट्टी-जलालपुर मार्ग से कभी भी आ सकती है दुःखद खबर

-सड़क के बीच बिजली के खंभे और पेड़ खड़े हैं यमराज की तरह

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया के बीच में मिर्जापुर जिले में रानीबाग-जैपट्टी-जमालपुर-जलालपुर मार्ग पर लगता है जिले की मुखिया की नजर नहीं पड़ी है। सड़क निर्माण में जो अनियमितता हो रही है, उसकी विजिलेंस जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने भी चिट्ठी लिखी थी। यह सड़क फिलहाल मौत का मुकम्मल परवाना लिए खड़ी है। सड़क पर स्पीड तो बढ़ गई, लेकिन पेड़ और बिजली के खंभे यमराज की तरह खड़े ही हैं। कब किसके प्राण को उसके शरीर से खींच लेंगे, किसी को नहीं पता।

ये सभी पेड़ सड़क पर ही हैं। इनके चारो तरफ से लेपन हो गया है। इनके अलावा भी और पेड़ हैं सड़क पर।

 

इस सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण निर्माण खंड-2 लोक निर्माण विभाग मिर्जापुर द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण में देर कोई मुद्दा ही नहीं है। लेकिन देर से आने पर दुरुस्त आना चाहिए। कहते हैं न कि देर आए-दुरुस्त आए। यहां ठीक उल्टा है। देर तो हो ही रही है, अनियमितता भी जमकर। अनियमितता की इतनी शिकायतें मिलीं कि मंत्री आशीष पटेल ने लोक निर्माण विभाग के अपने समकक्ष जितिन प्रसाद को चिट्ठी लिखकर विजिलेंस जांच कराने की मांग कर डाली थी।

जांच हुई या नहीं। हुई तो क्या निकला। विजिलेंस जांच हो रही है या विभागीय अधिकारियों ने मिलकर मामले को निपटा ही दिया। या मंत्री के पत्र को ही दबा दिया गया। यह तो नहीं पता। लेकिन, यह पता है कि किसी दिन पत्रकारों को दुःखद खबर लिखनी पड़ सकती है। जिसका शीर्षक होगा- रानीबाग-जैपट्टी-जलालपुर मार्ग पर सहिजनी गेट के सामने सड़क के बीच बिजली के खंभे से टकराकर बाइक सवार एक की मौत, एक या दो की स्थिति गंभीर। यह भी खबर लिखनी पड़ सकती है कि विद्युत खंभे या पेड़ से टकराने से कार सवार दो की मौत, तीन की स्थिति गंभीर।

प्रकृति से प्रार्थना है कि इस तरह से खबर न लिखनी पड़े। लेकिन पीडब्ल्यूडी ने तो इसका पूरा इंतजाम कर रखा है। सड़क पर रफ्तार बढ़ गई है। पहले जमालपुर से रानीबाग जाने में आधा घंटा से ज्यादा समय लग जाता था। अब 15 मिनट में ही यह दूरी तय कर ली जा रही है। इसी रफ्तार के कारण दुर्घटना की आशंका है। चौड़ीकरण की जद में आए बिजली के खंभे और पेड़ जस के तस हैं। दिन में तो ठीक है। लेकिन रात में सामने से आते वाहन की दूधिया रौशनी में बाइक और कार चालकों की आंखें चौंधिया जाती हैं। अंदाज से ही काम चलाना पड़ता है। स्थानीय लोगों को तो फिर पता है कि कहां पर सड़क में पेड़ हैं और कहां पर विद्युत खंभे। लेकिन, यदि कोई बाहर से आ रहा है तो उसे तो यही लगेगा कि पूरी सड़क चौड़ी और चिकनी है। दुर्घटना का कारण यही बन सकता है।

इसका दूसरा पहलू यह है कि जब सड़क बन जाएगी, यदि तब पेड़ और खंभों को हटाया जाएगा तो उस खाली स्थान पर पेटिंग कैसे होगी। जैपट्टी गांव में अभी नाली का निर्माण नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों ने सड़क को काटकर फिर पानी बहाना शुरू कर दिया है। खैर निर्माण की प्रक्रिया अभी जारी है। लेकिन पेड़ और खंभे सड़क से नहीं हटाए जा रहे हैं, जनता को इसका जवाब नहीं मिल रहा है। पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं का कहना है कि वन और विद्युत विभाग को इसके लिए भुगतान किया जा चुका है। यह कार्य उनको ही करना है। पीडब्ल्यूडी का भी कहना ठीक ही है, लेकिन यह कोई बता दे कि जिस दिन पेड़ और खंभों के कारण दुःखद खबर लिखनी पड़ेगी, उस दिन कोई जिम्मेदारी लेगा या फिर इसी तरह से फेंकाफेंकी की जाएगी।

क्षेत्र के संभ्रांत लोगों ने जिलाधिकारी से इस ओर ध्यान देने की मांग की है। लोगों को पक्का विश्वास है कि जिलाधिकारी के संज्ञान में यह मामला नहीं होगा। हाल के दिनों में उनका इस रोड से जमालपुर आना-जाना भी नहीं हुआ। उनके संज्ञान में मामला आने पर वह जरूर पेड़ और खंभों को हटाने के लिए संबंधित को निर्देशित करेंगी।

 


Sachchi Baten

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