July 24, 2024 |

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चुनार के पक्का पुल के लिए जिला प्रशासन ही पैदा कर रहा खतरा

Sachchi Baten

नियमों को धता बताते हुए 500 मीटर के अंदर ही दे दिया रेत निकालने  का पट्टा

-तहसील दिवस में पहुंची शिकायत तो अधिकारियों के कान हुए खड़े

-जिला खनन अधिकारी से मांगी गई आख्या, चुनार तहसील की टीम ने मौके पर जाकर की मापी

राजेश पटेल, चुनार (सच्ची बातें)। लंबे इंतजार के बाद चुनार में गंगा नदी पर पक्का पुल बना। इसके कारण सीखड़ ब्लॉक केे लोगों को चुनार तहसील मुख्यालय आना-जाना आसान हो गया। चुनार से बनारस की भी दूरी कम हो गई। लेकिन, अब प्रशासन ही इस पुल के लिए खतरा पैदा कर रहा है।

 

 

सारे नियम-कानूनों को धता बताते हुए पुल से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर ही रेत निकालने का पट्टा दे दिया गया है। अब पट्टेदार धड़ल्ले से भारी मशीनों से रेत निकालने में जुटा है। इसकी शिकायत जब तहसील दिवस में की गई तो अधिकारियों के कान खड़े हो गए। जिला खनन अधिकारी से आख्या मांगी गई है। नौ अक्टूबर को तहसील की एक टीम नायब तहसीलदार संजय सिंह के नेतृत्व में पैमाइश करने मौेक पर पहुंची थी।

 

 

तहसील दिवस में यह शिकायत बीते पांच अगस्त को की गई थी। जाहिर सी बात है कि यह पट्टा इस तारीख के पहले ही दिया गया होगा। उस समय जिले की मुख्या दिव्या मित्तल थीं। खनन विभाग के इस प्रस्ताव पर गौर किए बिना ही उन्होंने हस्ताक्षर कर दिया। कोई भी खनन पट्टा बिना जिलाधिकारी के हस्ताक्षर के जारी नहीं होता।

क्या है नियम

गंगा नदी में रेत निकालने के लिए पट्टा देने के नियम सख्त हैं। पुल के पास तो और सख्त हैं। पुल के नीचे जिधर से पानी की धारा आ रही है, उस ओर ढाई सौ मीटर के बाद तथा जिधर धारा जा रही है, उस ओर का मानक पांच सौ मीटर है। इसके अंदर पट्टा नहीं दिया जा सकता। चुनार पुल के पास पट्टा देने में इस नियम का उल्लंघन करने के पीछे जिला खनन विभाग और जिलाधिकारी की क्या मंशा थी, यह तो वही जानें। लेकिन पुल के लिए यह बड़ा खतरा बन गया है।

शिकायतकर्ता का आरोप

सीखड़ ब्लॉक के बसारतपुर निवासी ब्रजेश सिंह ने आरोप लगाया है कि मेड़िया गांव निवासी करतार सिंह के खेत गाटा संख्या 563मि. रकबा 1.460 हेक्टेयर पर गंगा से रेत निकालने का अनुज्ञा पत्र जारी किया गया है। यह स्थल पक्का पुल से उत्तर तरफ 500 मीटर की दूरी के अंदर है। प्राइमरी स्कूल व नव निर्मित मिनी स्टेडियम से 300 मीटर तथा शवदाह गृह स्थल से 200 मीटर की दूरी के अंदर है। पट्टा लेने वाले ने गलत तथ्यों को पेश करके कृषि भूमि में रेत खनन के लिए पट्टा हासिल कर लिया।

तहसील दिवस में शिकायत मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। जिला खनन अधिकारी से सात दिन के अंदर आख्या मांगी गई। उन्होंने आख्या दी या नहीं, यह तो नहीं पता। हां, नौ अक्टूबर को तहसील से एक टीम मौके की पैमाइश करने जरूर पहुंची थी। इस टीम का नेतृत्व नायब तहसीलदार संजय सिंह कर रहे थे। यह टीम अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन के माध्यम से डीएम को भेजेगी। इसके बाद ही कोई कार्रवाई संभव है।

 

 

 

 

 

 


Sachchi Baten

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