July 19, 2024 |

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शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुन भक्त हुए आनंदित

Sachchi Baten

हसौली गांव में संगीतमय श्रीरामकथा के माध्यम से सनातन धर्म के लोगों को किया जा रहा जागरूक

-सोनभद्र से आए हैं कथा वाचक पंडित अरुण कृष्ण शास्त्री

जमालपुर (मिर्जापुर)। क्षेत्र के हसौली गांव में चल रहे संगीतमय श्रीराम कथा के तीसरे दिवस गुरुवार की देर शाम कथा वाचक पंडित अरुण कृष्ण शास्त्री ने शिव एवं पार्वती विवाह की कथा सुनाकर पूरे पंडाल को शिवमय कर दिया। कथा के बीच में श्रोता हर हर महादेव के जय घोष से वातावरण को शिवमय बना रहे थे।

महाराज ने सनातन धर्म के लोगों को जागृत करते हुए मानवता के विस्तार के लिए श्रीराम के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भगवान शिव पार्वती विवाह की कथा का रसपान कराया।

कथा व्यास पंडित अरुण कृष्ण शास्त्री ने बताया कि दक्ष प्रजापति ने भगवान शंकर को अपने यज्ञ में आमंत्रित नहीं किया। क्योंकि भगवान शंकर से दक्ष प्रजापति ईर्ष्या रखते थे। इसी कारण भगवान शंकर को यज्ञ में आमंत्रित नहीं किया। सती के हठ करने के बाद भगवान ने अपने गणों के साथ में सती को पिता के यहां भेज दिया।

सती जब पिता के यहां जाती हैं तो वहां केवल उनकी माता उनसे प्रेम से मिलती हैं। अन्य ने ऐसा व्यवहार किया कि ऐसा लग रहा था सती को जानते ही नहीं है। सती ने यह सब सहन किया, परंतु जब सती ने देखा कि भगवान शंकर का यज्ञ में कहीं कोई स्थान नहीं, कहीं कोई भाग नहीं तो पति के अपमान को वह सहन नहीं कर पाईं।

उन्होंने अग्नि में अपने प्राणों की आहूत कर दिया। वही सती जाकर के हिमाचल के यहां जन्म लेती हैं। नारद जी उनकी हस्तरेखा देखकर उन्हें बताते हैं कि आपको भगवान शंकर पति रूप में प्राप्त होंगे। पार्वती जी ने तपस्या की  है और भगवान शंकर के साथ में पार्वती जी का विवाह भी संपन्न हुआ है।

कथा के अंतर्गत शंकर जी का विवाह कराया गया । कथा वाचक ने बताया कि शिव एवं पार्वती विवाह की कथा परम कल्याणकारी है। इसके श्रवण से श्रोता गृहस्थ आश्रम में रहकर भी संपूर्ण परितोष को प्राप्त कर सकता है। इस कथा के श्रवण से दाम्पत्य जीवन में विसंगतियों के रहने पर भी आपसी समन्वय बेहतर होता है एवं दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है। इस दौरान अध्यक्ष रजनीश दुबे, नागेंद्र प्रसाद द्विवेदी, मोतीलाल सिंह, अनिल सिंह, राम अचल सिंह, सीतेश द्विवेदी, सीताराम दुबे, सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी, उदयनारायण सिंह, ज्योति भूषण उपाध्याय, राजकुमार सिंह, लक्ष्मण सिंह, मारूति नंदन, श्याम सुंदर दुबे, मनोज दुबे, प्रतोष दुबे आदि लोग मौजूद रहे।


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