July 24, 2024 |

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नाम गिनते-गिनते थक जाएंगे भाजपाई बलात्कारियों के, गिनिए…

Sachchi Baten

कुलदीप सेंगर व रामदुलार गोंड जैसों की कमी नहीं है भाजपा में

-मिर्जापुर के लालगंड में युवती के साथ रेप का आरोपित विजय गुप्ता था पिछड़ा वर्ग मोर्चा का मंडल स्तरीय पदाधिकारी

-छतरपुर में एक भाजपाई ने चलती कार में भतीजी के साथ ही की हैवानियत

-रेप के मामले में ही दोष सिद्ध होने पर भाजपा के दो विधायकों को मिल चुकी है सजा

राजेश पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)। भारतीय जनता पार्टी को बहुत ही संस्कारी माना जाता है। इसके कार्यकर्ता पूरे देश में रामराज लाने के लिए रात-दिन मेहनत कर रहे हैं। अभिवादन में जै श्रीराम बोलते हैं। भाषण शुरू करने के पहले और अंत में भारत माता की जय जरूर बोलते हैं। लेकिन इस पार्टी में बलात्कारियों की संख्या भी कम नहीं है। कहते हैं न कि हर मुसलमान आतंकी नहीं होता, लेकिन पकड़ा जाना वाला हर आतंकी मुसलमान जरूर होता है। ठीक इसी तरह से भारतीय जनता पार्टी में सभी को दुष्कर्मी कह देना कहीं से भी ठीक नहीं है, लेकिन यह भी सच है कि दुराचार के आरोप झेल रहे अधिकतर नेता भाजपाई ही हैं।

बनारस में बीएचयू परिसर में रात में टहल रही आइआइटी की छात्रा के साथ गत नवंबर की रात में जो हुआ, आप सभी वाकिफ हैं। करीब दो माह बाद इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों के बारे में भी जानकारी हो गई। तीनों के तीनों भाजपा प्रचार तंत्र के सदस्य रहे। इनमें एक आइटी सेल का संयोजक, दूसरा सह संयोजक तथा तीसरा आइटी सेल कार्यसमिति का सदस्य रहा।

उत्तराखंड के चंपावत में 31 दिसंबर को नाबालिक के साथ रेप के मामले में एक गिरफ्तारी हुई। उसका नाम कमल रावत है। वह भाजपाई था। गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया।

इसी साल मिर्जापुर के लालगंज में एक युवती के साथ गैंग रेप के मामले में जिस विजय गुप्ता का नाम सामने आया था, वह पिछड़ा वर्ग मोर्चा का मंडल स्तरीय पदाधिकारी था। हालांकि बाद में इसे भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। संत कबीर नगर जिले में पिछले सितंबर में एक युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इसमें आरोपित मासूम रजा राही भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का जिलाध्यक्ष था। इसे बचाने की बहुत कोशिश की गई। इसे बचाने के मामले में 14 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था, पांच को सस्पेंड।

आगरा में भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष ठाकुर हरेंद्र सिंह के खिलाफ भी दुष्कर्म का मामला एक महिला ने दर्ज कराया था। बाद में इसकी गिरफ्तारी हुई।

दुष्कर्म के मामले में भाजपा से जुड़े नेताओं के नाम सिर्फ उत्तर प्रदेश में सामने नहीं आ रहे, अन्य प्रदेशों में भगवा ओढ़े हैवानों की हैवानियत सामने आई है। बीते मई में भोपाल में भारतीय जनता युवा मोर्चा नेता प्रतीक पारासर, कटनी में भाजपा नेता अनिल दुबे के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज हुआ है। वर्ष 2017 में जयपुर में भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी हुकुम सिंह राव के खिलाफ दुराचार की एफआइआर दर्ज हुई। 2021 में जबलपुर में संदीप गौड़ पर दुराचार के आरोप लगा। महाराष्ट्र के चंद्रपुर में चलती बस में एक महिला के साथ बलात्कार का आरोप भाजपा नेता रवींद्र बावनथड़े पर लगा था। इसका वीडियो भी वायरल किया गया था।

फेहरिश्त पढ़ते रहिए…

छतरपुर का नाम तो सुना ही होगा। यहां भाजपा के एक मोर्चा के पदाधिकारी संतोष पारासर पर चलती कार में उसकी भतीजी ने ही अपने साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। जशपुर में भाजपा नेता सरयू पैकरा के खिलाफ एक महिला ने रेप का आरोप लगाया था। बीते अगस्त में प. बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिला में दिव्यांग महिला ने बीजेपी नेता गोपाल दास पर बलात्कार का आरोप लगाया। राजस्थान के पाली में बीजेपी महामंत्री मोहन जाट पर अगस्त 2023 में रेप का आरोप लगा। मध्य प्रदेश के निवाड़ी में बीजेपी नेता केशव यादव के खिलाफ बलात्कार की एफआइआर दर्ज कराई गई। बैतूल में भाजपा नेता रमेश गुलहान पर तीन जनवरी 2023 को एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया। बलात्कार के आरोपित भाजपा नेताओं की सूची काफी लंबी है।

भाजपा के दो विधायकों को दुष्कर्म के मामले में हो चुकी है सजा

उन्नाव कांड को कोई कैसे भूल सकता है। वहां के दबंग भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप सिद्ध हो चुका है। इसी तरह से सोनभद्र जिले की दुद्धी विधानसभा से विधायक रामदुलार के खिलाफ भी बलात्कार का आरोप अदालत में सिद्ध हो चुका है। दोनों को सजा सुनाई गई है। विधानसभा की सदस्यता रद कर दी गई है।

इन मामलों के कारण यह कत्तई नहीं कहा जा सकता कि भाजपा में बलात्कारी ही हैं। जैसा कि विपक्ष तंज कसता है कि इसका नाम भारतीय जनता पार्टी की जगह बलात्कारी जनता पार्टी कर दिया जाए। भारतीय जनता पार्टी के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से राष्ट्रवाद की सीख मिलती है। संस्कार सिखाए जाते हैं। लेकिन सवाल तो बनता ही है कि जितने भी नेताओं पर बलात्कार के आरोप लगे हैं, उनमें अधिकतर भाजपाई ही क्यों हैं। हालांकि इस तरह का मामला सामने आने पर पार्टी द्वारा आरोपित को बाहर का रास्ता तुरंत दिखाया जाता है।

करीब छह वर्ष पहले एक रिपोर्ट सामने आई थी। उसमें बताया गया था कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में 48 सांसद और विधायक आरोपी हैं। इनमें 45 विधायक और 3 सांसद हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआए) और नेशनल इलेक्शन वॉच के मुताबिक, सबसे ज्यादा महाराष्ट्र के 12 विधायक और सांसदों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के केस दर्ज हैं। पार्टी की बात करें तो इसमें भाजपा के सबसे ज्यादा 12 विधायक-सांसद हैं। इसके बात शिवसेना (7) और फिर टीएमसी (6) का नंबर आता है। कांग्रेस के 4 विधायक और सांसदों के खिलाफ ऐसे ही केस दर्ज हैं।


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