July 24, 2024 |

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सीएम योगी के अजीज अदलहाट के संगम गुरु नहीं रहे

Sachchi Baten

कर्मकांड के प्रकांड विद्वान थे पं. संगम प्रसाद द्विवेदी

-नवज्योति इंटर कॉलेज गरौड़ी में अध्यापक थे पं. द्विवेदी

-संगम गुरु की पत्नी के निधन की सूचना पर रात में घर आए थे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

-पालतू तोता को वह और तोता उनसे करता था बेपनाह मोहब्बत

राजेश कुमार दुबे, अदलहाट/मिर्जापुर (सच्ची बातें)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अभिन्न मित्र पं. संगम प्रसाद द्विवेदी नहीं रहे। 28/29 फरवरी 2024 की रात हृदयगति रुकने से उनका निधन हो गया। वह करीब 52 वर्ष के थे। संगम प्रसाद द्विवेदी अदलहाट में रहते थे। उनका पुस्तैनी गांव लालगंज ब्लॉक में नदिनी है। वह कर्मकांड के प्रकांड विद्वान थे।

पं. संगम प्रसाद द्विवेदी के निधन की सूचना पर उनके आवास पहुंचे शुभचिंतक।

 

बता दें कि स्व. पंडित विभूति नारायण द्विवेदी अपने पुस्तैनी गांव नदिनी मिर्जापुर-इलाहाबाद बार्डर से 1976 में अदलहाट के पास गरौड़ी के नवज्योति इंटर कॉलेज में संस्कृत अध्यापक के रूप में तैनात हुए थे। उस समय जो आए, यहीं के होकर रह गए। वर्ष 2005 में पंडित जी के निधन के बाद सारी जिम्मेदारी उनके पुत्र संगम प्रसाद द्विवेदी पर आ गई।

संगम प्रसाद ने सन 2008 सितम्बर माह में नवज्योति इंटर कॉलेज में अध्यापक के पद को ग्रहण किया। इसके बाद सन् 2018 से सन् 2023 तक नवज्योति इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पद को सुशोभित किया। अध्यापन के साथ ही कर्मकांड से जुड़े रहे।  इसके चलते उन्हें काफी शोहरत मिली।

इतना ही नहीं बताया जाता है कि सूबे के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ जी से उनके अच्छे सम्बन्ध थे। योगी जी व संगम गुरु जब चाहते थे, एक दूसरे से मिल लेते थें। इसकी भनक शासन प्रशासन तक को नहीं होती थी। गुरुवार को उनके निधन के बाद आवास पर इस बात की चर्चा थी कि पिछले साल इनकी पत्नी कुसुम लता द्विवेदी की मौत की सूचना पर देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ इनके आवास पर आए हुए थे।

संगम द्विवेदी तोता पालने व प्रकृति प्रेमी थे। इनके अनुयाई व शिष्य बताते हैं कि तोते को अपनी बेटी व बेटा के समान मानते थे। पंडित जी के दरवाजे पर अल सुबह से लेकर 10 बजे तक व शाम चार बजे से रात्रि के 10 बजे तक इनके चाहने वालों व विभिन्न प्रकार की समस्याओं से ग्रस्त लोगों का दरबार लगता था। सबकी पीड़ा व समस्या को तंत्र मंत्र के माध्यम से हरण करते थे। संगम प्रसाद के दो बेटे व दो बेटियों सहित दो भाई भी है। इनकी मौत की सूचना पर अवधेश त्यागी, रविप्रकाश तिवारी, बिनोद मिश्रा, नागेश कुमार सिंह, आशा पाण्डेय, शीतेश द्विवेदी, संतोष चौबे, डॉ. मृत्युन्जय पाण्डेय, सतीश चन्द्र मिश्र, जिला पंचायत सदस्य पंकज उपाध्याय, किसान नेता बजरंगी सिंह कुशवाहा, डॉ. जशवंत सिंह, प्रमोद सिंह, छेदीलाल गुप्ता, मुरारी शंकर पाण्डेय, अमरनाथ पाण्डेय, बालकृष्ण पाण्डेय सहित दर्जनों लोगों ने शोक जताया है।

दिन भर टर्र-टर्र करने वाला तोता (बेटू) भी अपने पालक संगम द्विवेदी के निदन के बाद पिंजरे में खामोश पड़ा हुआ था। तोते की आंखों से भी आंसू निकल रहे थे । संगम के बेटे दीपेन्द्र द्विवेदी ऊर्फ गोलू व विश्वकांत द्विवेदी ने बताया कि पिता जी जब घर से बाहर जाते थे तो तोते से कह कर जाते थे और आते ही सबसे पहले तोते का हाल-चाल लेते और उसे दाना पानी देने के बाद ही अन्न जल ग्रहण करते थे।


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