नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने छात्रों और अभिभावकों को सतर्क किया है। अपनी वेबसाइट पर उसने 20 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करके आगाह कर दिया है।

यूजीसी ने छात्रों और अभिभावकों से कहा है कि वह जांच परख के बाद ही किसी संस्थान में दाखिला लें, क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसे फर्जी संस्थान सक्रिय हैं, जो छात्रों को फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट प्रदान करते हैं। जिसके चलते छात्रों का पूरा करियर खराब हो जाता है।

यूजीसी ने छात्रों और अभिभावकों को सतर्क करते हुए जारी एक सूचना में कहा है कि वह किसी भी संस्थान में दाखिला तभी लें, जब वह यूजीसी से संबद्ध या उसके नियमों के तहत कोर्स संचालित कर रहा है। इस दौरान देश के सभी निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों की सूची यूजीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

यूजीसी ने कहा, छात्र खुद होंगे जिम्मेदारआए दिन उनके पास फर्जी संस्थानों और उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली फर्जी डिग्री को लेकर खबरें आती रहती हैं। ऐसे यदि कोई बगैर जांचे परखे ऐसे संस्थानों में दाखिला लेता है, तो वह उसके लिए खुद ही जिम्मेदार होगा। उन डिग्रियों के आधार पर उन्हें कहीं नौकरी नहीं मिलेगी।गौरतलब है कि यूजीसी की ओर से पूर्व में देश में सक्रिय 20 फर्जी संस्थानों की एक सूची भी जारी की गई थी।

दिल्ली के फर्जी विश्वविद्यालयआल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंसेज,  कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज

यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, वोकेशनल यूनिवर्सिटी, एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी, भारतीय विज्ञान एवं इंजीनियरिंग संस्थान, विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फार सेल्फ-इम्प्लायमेंट, आध्यात्मिक विश्वविद्यालय।

उत्तर प्रदेश के फर्जी विश्वविद्यालयगांधी हिन्दी विद्यापीठ, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्योपैथी, नेताजी सुभाषचंद्र बोस विश्वविद्यालय, भारतीय शिक्षा परिषद।

आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के फर्जी विश्वविद्यालयक्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी, बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया, भारतीय वैकल्पिक चिकित्सा संस्थान,  वैकल्पिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान।

अन्य राज्यों के फर्जी विश्वविद्यालयबदगानवी सरकार वर्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी एजुकेशन सोसाइटी (कर्नाटक), सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी (केरल), राजा अरबी विश्वविद्यालय (महाराष्ट्र), श्री बोधि उच्च शिक्षा अकादमी (पुडुचेरी)।