July 16, 2024 |

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कुर्मी समाज की राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक स्थिति पर मंथन

Sachchi Baten

अभा. कुर्मी क्षत्रिय महासभा के 130वें स्थापना दिवस पर सम्मानित किए गए समाज के रत्न या उनके वारिस

-कैलहट के राजदीप पीजी कॉलेज में था आयोजन, दक्षिण भारत से भी काफी संख्या में लोगों ने की शिरकत

कैलहट/मिर्जापुर (सच्ची बातें)। आजादी के बाद से ही राजनीति में हासिए पर धकेल दी गई कुर्मी जाति के लोगों को भविष्य की चिंता खाए जा रही है। पूरे देश में अच्छी-खासी आबादी के बाद भी राजनीतिक रूप से काफी पिछड़े हैं। आगे क्या होगा।

कैलहट में 29 दिसंबर शुक्रवार को अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा का 130वां स्थापना दिवस मनाया गया। स्थान था- राजदीप पीजी कॉलेज। कार्यक्रम में पूरे देश से लोग आए थे। दक्षिण भारत से भी अच्ची उपस्थिति थी।

स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय लखनऊ के पूर्व कुलपति प्रो. कृपा शंकर सिंह थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ. गोपालनाथ सिंह थे।

महापुरुषों के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित तथा दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद वक्ताओं ने आजादी की लड़ाई में कुर्मी समाज के योगदान की चर्चा की। कहा कि हमारे पुरखों ने भी आजादी के लिए अपना खून बहाया है, जान गंवाई है।

आज देश में 20 फीसद से ज्यादा आबादी होने के बावजूद राजनीति में हासिए पर हैं। इसका कारण क्या है। इसे जानकर निराकरण के उपाय करने होंगे।

इसे दूर करना होगा। समाज में जितने भी महापुरुष हुए हैं, उनका इतिहास लिखा जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके जीवन संघर्षों से प्रेरणा ले सके।

वक्ताओं ने कहा कि जिस समाज का साहित्य जितना समृद्ध है, वह समाज उतना ही आगे है। दुर्भाग्य है कि इस मामले में कुर्मी समाज काफी पीछे है। समाज द्वारा समाज के लिखने-पढ़ने वाले लोगों को मदद करनी चाहिए। जब तक लेखक व विचारक पैदा नहीं किए जाएंगे, समाज आगे नहीं बढ़ सकता।

मुख्य अतिथि प्रो. कृपा शंकर सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी शिक्षा से पीछे हट रही है। जबकि उनके समय में सुविधा की कमी होते हुए भी शिक्षा के लिए प्रेरित होते थे। आज आधुनिकता के दौर में युवा पीछे रह जा रहा है। पहले के समय में गरीब किसान का बेटा जिसको पहनने के लिए चप्पल तक नहीं नसीब होती थी, वह प्रदेश में हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा फर्स्ट रैंक से पास होता है। पढ़ाई के प्रति युवकों को जागरूक करना होगा। समाज के विकास के लिए शिक्षा जरूरी है।

वरिष्ठ पत्रकार राजेश पटेल ने कहा कि चुनार क्षेत्र की ऐसी कई महान विभूतियां हैं, जिनके बारे में आज की युवा पीढ़ी नहीं जानती है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके बारे में आज के युवाओं को बताने की आवश्यकता है। उनको डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में कभी भी उनके बारे में लोग जान सकें।

किसान नेता बजरंगी सिंह कुशवाहा ने कहा कि कुर्मी, कुशवाहा दोनों जातियों की संस्कृति, आचार, व्यवहार एक है। बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी एका की जरूरत है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने की। उन्होंने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि हमारा समाज आज के समय में सबसे पीछे हो गया है। जबकि देश की आबादी का सबसे बड़ा भाग पाटीदार समाज है। हर क्षेत्र में समाज के विकास के लिए संयुक्त प्रयास करने की जरूरत है। अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इं. राज बहादुर सिंह एवं एडवोकेट मुकेश कुमार पटेल ने किया।

कार्यक्रम में विशिष्ट लोगों को सम्मानित भी किया गया। इनमें डॉ. बलिराम सिंह के सुपुत्अर मनोज कुमार सिंह, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व चेयरमैन जस्टिस रामसूरत सिंह के परिजनों में मोती सिंह, नरायनपुर ब्लॉक के पूर्व प्रमुख शिवकेदार सिंह के सुपुत्र प्रो. विजय कुमार सिंह, दानवीर प्रेम सिंह के सुपुत्र सुरेंद्र सिंह, रेहिया के किसान नेता रहे लालजी सिंह के प्रपौत्र, जनता जनार्दन इंटर कॉलेज भुड़कुड़ा के पूर्व प्रधानाचार्य रामशृंगार सिंह के पुत्र, पूर्व विधायक गांधी वादी नेता रहे राजनरायन दादा के परिजन आदि प्रमुख थे।

कार्यक्रम में रामबली सिंह, अश्विनी सिंह पटेल, प्रहलाद सिंह पटेल, प्रेम शंकर सिंह पूर्व प्रधानाचार्य, धर्मेंद्र सिंह मीडिया प्रभारी भारतीय किसान यूनियन, बसंत लाल सिंह, रमेश सिंह स्वामी जी सहित काफी संख्या में महिला व पुरुष शामिल थे।


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