July 24, 2024 |

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केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की एक और चिट्ठी आई, इसमें ऐसा क्या है कि जिला प्रशासन में हड़कंप

Sachchi Baten

मिर्जापुर में विश्वविद्यालय का शिलान्यास शीघ्र होने की संभावना

पत्र में क्या कहा है केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने

-अन्य जिलों से तुलनात्मक रूप से मिर्जापुर जनपद कम विकसित

-जनपद की समस्याओं का समाधान विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से ही संभव 

-विकास के लिए घोषित योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन से ठोस प्रयास अपेक्षित

मिर्जापुर (सच्ची बातें)। जनपद के लिए खुशखबरी है। राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास शीघ्र होने वाला है। 12 सितंबर 2023 को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन द्वारा इसके लिए देवरी कलॉ गांव में जमीन का निरीक्षण किया गया। अगले दिन 13 सितंबर को जिले की सांसद व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का इसी मुद्दे पर एक पत्र जिलाधिकारी को भेजा गया। इससे प्रतीत हो रहा है कि जिले की बहुप्रतीक्षित मांग अब पूरी होने ही वाली है। इस जिले को भी विश्वविद्यालय वाला जिला कहलाने का गौरव हासिल होगा।

 

 

इसमें कोई दोराय नहीं है कि योजनाबद्ध तरीके से विकास योजनाओं का क्रियान्वयन हो तो कोई जिला पिछड़ा नहीं रह सकता। मिर्जापुर का दुर्भाग्य है कि यहां घोषित योजनाओं का भी क्रियान्वयन समय से नहीं किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा अपेक्षित प्रयास न किए जाने को लेकर सांसद व केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री की चिंता जायज है।

श्रीमती पटेल के अतिरिक्त निजी सचिव अखिलेश कुमार ने जिलाधिकारी को एक पत्र भेजा है। जिसके माध्यम से मिर्जापुर जिले में विकास योजनाओं के लंबित रहने पर चिंता जताई है। लिखा है कि मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र तुलनात्मक रूप से उत्तर प्रदेश के कम विकसित क्षेत्रों में से एक है। जनपद के अधिकांश भूभाग लगातार आधारभूत एवं मूलभूत सुविधाओं जैसे रोजगार, शिक्षा एवं प्रत्येक वर्ष पड़ने वाले सूखे आदि की समस्याओं से निरंतर जूझ रहे हैं।

इन समस्याओं का समाधान विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से ही सुनिश्चित किया जा सकता है। समय-समय पर भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकास योजनाओं की घोषणा भी की जाती रही है। जनपद के विकास कार्यों हेतु घोषित कार्यों के कार्यान्वयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा ठोस प्रयास अपेक्षित है।

सांसद की ओर से कहा गया है कि राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारका मई 2023 में की गई है। किंतु इसकी स्थापना के लिए भूमि का चिह्नीकरण करना तथा चिह्नित भूमि को उच्च शिक्षा विभाग को हस्तांतरित किया जाना अभी तक लंबित है। इसके कारण शिलान्यास नहीं हो पा रहा है।

एक और परियोजना की याद दिलाई गई है। कहा है कि जिले में इंडियन ऑयल कारपोरेशनन लिमिटेड द्वारा टर्मिनल की स्थापना हेतु भूमि का चिह्नांकन किए जाने के बावजूद कार्य प्रारंभ करने के लिए जिला प्रशासन से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने का कार्य करीब एक वर्ष से लंबित है। लिहाजा इस परियोजना के दूसरे जनपद में स्थानांतरित होने की संभावना बढ़ गई है।

जिले में एक औद्योगिक पार्क का भी निर्माण होना है। इसकी घोषणा पूर्व में सरकार ने की है। इस पार्क के बन जाने से जिले के युवकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकता है।

 

विश्वविद्यालय के लिए जमीन देखने 12 सितंबर को देवरी कलॉ गांव गईं डीएम प्रियंका निरंजन।

 

बता दें कि  जिले की डीएम प्रियंका निरंजन ने गत 12 सितंबर को ही  देवरी कलॉ गांव में जाकर राज्य विश्वविद्यालय के लिए जमीन का निरीक्षण किया। मड़िहान एसडीएम को निर्देशित किया था कि 13 सितंबर तक जमीन की पूरी स्थिति का विवरण उपलब्ध कराएं। यदि अतिक्रमण हो तो उसे हटवाने के साथ ही संबंधित के खिलाफ भू-माफिया के तहत कार्रवाई की जाए।

इस पत्र के जारी होने और इसके एक दिन पहले जिला प्रशासन की सक्रियता को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास शीघ्र ही होगा।

 

 


Sachchi Baten

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