July 24, 2024 |

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शिक्षा के संसाधन जुटाने के साथ स्पर्धा की भावना भी बढ़ा रहीं अनुप्रिया पटेल

Sachchi Baten

गत वर्ष की हाईस्कूल-इंटर की विद्यालयवार टॉपर बेटियों को मिलेगी एक-एक साइकिल

-अनुप्रिया पटेल फाउंडेशन के कार्यक्रम में दो मार्च को राज्यपाल मेधावी बच्चियों को देंगी साइकिल

-मिर्जापुर की सांसद की नजर विकास के हर पहलू पर

-कुल 326 मेधावी बच्चियों को मिलेंगी साइकिलें, इनमें 143 हाईस्कूल में विद्यालय की टॉपर, शेष इंटर की

 

मिर्जापुर (सच्ची बातें)। मिर्जापुर की सांसद महिला हैं। नाम क्या बताना। सभी जानते हैं। बेटियों को पढ़ाई में क्या दिक्कतें आती हैं, महिला होने के नाते जानती हैं। इसलिए उनमें स्पर्धा की भावना जगाने के लिए अभिनव मुहिम की शुरुआत करने जा रही हैं। संसाधन के लिए तो सतत प्रयासरत हैं। गत वर्ष बोर्ड परीक्षा में अपने-अपने विद्यालय की हाईस्कूल और इंटर की टॉपर बेटियों को साइकिल देने का फैसला किया है। ताकि सबसे ज्यादा नंबर लाने के लिए उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना जगे।

महिलाओं के बीच सांसद केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल (फाइल फोटो)।

इसके लिए दो मार्च शनिवार को मिर्जापुर आइटीआइ परिसर में स्वयंसेवी संस्था अनुप्रिया पटेल फाउंडेशन के तत्वावधान में भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल होंगी।

अनुप्रिया पटेल फाउंडेशन के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार कुल 326 बच्चियों को साइकिलें दी जाएंगी। इनमें 143 बच्चियां पिछले साल हाईस्कूल पास की हैं। शेष इंटर की परीक्षा पास की है। ये अपने-अपने विद्यालय की टॉपर हैं। बता दें कि मिर्जापुर की सांसद केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मिर्जापुर में शिक्षा के प्रसार के लिए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना कराई। ज्यादातर विद्यालयों में वाटर कूलर लगवाया। विंध्य विश्वविद्यालय की स्वीकृति का श्रेय भी उनको ही जाता है। मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज भी शिक्षा के विकास की ही कड़ी हैं। ताजा मामला जमालपुर का है। इस क्षेत्र में राजकीय बालिका महाविद्यालय की स्थापना से लेकर प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति तक जी-जान से जुटी रहीं। प्रयास सफल रहा। इसके लिए प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने साधुवाद भी दिया है।

स्कूलों के विकास के लिए वह निरंतर चिंतनशील रहती हैं। उनका सपना है कि जिले में एक सैनिक स्कूल की स्थापना हो जाए। इसके लिए सतत प्रयासरत हैं। बता दें कि इस आयोजन से मेधावी बच्चियों का सम्मान होगा तो उनका मनोबल और बढ़ेगा। साथ ही अन्य बच्चियों में भी इनकी तरह मन लगाकर पढ़ाई करने की ललक बढ़ेगी।


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