July 24, 2024 |

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OBCReservation : ग्राम पंचायत अधिकारी पद के लिए फिर से निकाला जाए विज्ञापन : अनुप्रिया पटेल

Sachchi Baten

अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने सीएम योगी को लिखा पत्र

 

कहा, UPSSSC द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी के विज्ञापित पदों में ओबीसी के लिए आरक्षण संविधान के अनुसार दिया जाए

मुख्यमंत्री से संशोधित विज्ञापन प्रकाशित कराने की मांग की केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री ने

लखनऊ, 20 मई 2023 (सच्ची बातें)। उत्तर प्रदेश राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग UPSSSC द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी के पदों के लिए प्रकाशित विज्ञापन में ओबीसी के लिए आरक्षण के मानक का पालन नहीं किया गया है। इसको लेकर एनडीए के प्रमुख सहयोगी अपनी दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आपत्ति जताई है।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर संशोधित विज्ञापन प्रकाशित कराने की मांग की है। देखने वाली बात यह होगी कि प्रमुख सहयोगी दल की इस मांग को सीएम योगी कितनी तवज्जो देते हैं।

बता दें कि हाल में ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी के 1468 पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। 21700 से 69 हजार सौ रुपये तक के वेतनमान वाले इस पद के लिए निकाले गए 1468 पदों में से सामान्य के लिए 849, अनुसूचित जाति के लिए 356, अनुसूचित जनजाति के लिए सात, अन्य पिछड़े वर्ग के लिए 139 तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 117 पद आरक्षित किए गए हैं।

ज्यादा विरोध ओबीसी के लिए आरक्षित पदों की संख्या है। संविधान के अनुसार सरकारी सेवाओं में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है, लेकिन यहां मात्र 9.5 फीसद दिया गया है। यदि 27 फीसद आरक्षण दिया जा रहा होता तो ओबीसी के लिए आरक्षित पदों की संख्या 139 के बजाए 396 होती।

इसी का विरोध हो रहा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसका विरोध किया है। शुक्रवार 19 मई को ट्विटर पर ओबीसी आरक्षण बचाओ ट्रेंड कर रहा था। प्रदेश भर के ओबीसी युवा उद्वेलित हैं। पूरे दिन ओबीसी आरक्षण बचाओ ट्रेंड करता रहा, लेकिन शाम को जैसे 2000 रुपये के नोट को बंद करने की घोषणा हुई, यह चर्चा दब गई। नोट बंद करने की चर्चा इस पर हावी हो गई।

देखें तस्वीरों में…

18 मई को अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी इस विसंगति को दूर करने के लिए सीएम योगी को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने तमाम प्रावधानों का हवाला देते हुए इस विज्ञापन को निरस्त कर आरक्षण के मानक के अनुसार नए सिरे से विज्ञापन जारी कराने की मांग की है। देखना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एनडीए के प्रमुख घटल दल अपना दल एस की इस मांग को किस हद तक स्वीकार करते हैं।

 

 


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