July 16, 2024 |

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एक डॉक्टर ने समझा पीपल सृष्टि के लिए कितना जरूरी, फिर कर दिया जीवन समर्पित

Sachchi Baten

पर्यावरण संरक्षण

 

 

पटना के डॉ. धर्मेंद्र कुमार देश भर में बोधिवृक्ष लगाने-लगवाने में जुटे

वे चाहते हैं बने बोधिवृक्ष कॉरिडोर, राजगीर में जुटाया देशभर के पर्यावरण प्रेमियों को

वर्षों से देश भर में चला रहे पीपल, नीम, तुलसी अभियान

राजेश पटेल, राजगीर (सच्ची बातें) । कोरोना काल में एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा था। आपको याद होगा कि उसमें दिखाया जा रहा था कि कुछ सेकेंड ही ऑक्सीजन न होने से पूरी सृष्टि का विध्वंस हो जाता है। इसे पटना के डॉ. धर्मेंद्र कुमार कोरोना काल के कई वर्ष पहले से इस बात को समझ गए थे। तभी तो उन्होंने पीपल, नीम, तुलसी अभियान के माध्यम से इनके पौधों को लगाने से लेकर बीमार पौधों का उपचार भी शुरू किया। सिर्फ इनके प्रयास से आज देश भर में नीम, पीपल व तुलसी के लाखों पौधे पेड़ बन चुके होंगे।

 

न किसी पुरस्कार की लालसा, न धन की। फक्कड़ स्वभाव के डॉ. धर्मेंद्र का पटना में मकान भी किसी पौधशाला से कम नहीं है। वे पीपल, नीम व तुलसी के बीज जुटाते हैं। रास्ते में चलते समय सड़क किनारे फेेंकते रहते हैं। घर में भी पौध तैयार करते हैं। रास्ते में कोई पौधा बीमार दिखा तो उसका उपचार भी करते हैं। पौधे छोटे होते हैं तो उनको उखाड़कर घर लाते हैं। घर पर पर ही उपचार करने के बाद उसे कहीं रोपते हैं।

                                                                                   अपने घर की पौधशाला में पौधों की देखरेख करते डॉ. धर्मेंद्र कुमार।

 

डॉ. कुमार ने इन पौधों को लगाने के लिए देश भर में अभियान चलाया। नेपाल व भूटान में भी अभियान चलाकर पीपल, नीम व तुलसी के पौधे लगाए और लगवाए भी। इनकी इच्छा है कि देश में बोधिवृक्ष कॉरिडोर बने। इसको अमली जामा पहनाने के लिए गत रविवार सात मई को बिहार के राजगीर में देश भर के पर्यावरण प्रेमियों की जुटान की। राजगीर के ब्रह्मकुंड परिसर में ऑक्सीजन बैंक स्थापना, पर्यावरण व जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन पर चर्चा हुई।

                                                                                                           राजगीर में कार्यक्रम की तस्वीर।

कार्यक्रम का आगाज बोधिवृक्ष पीपल में जल अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीपल, नीम, तुलसी अभियान के संस्थापक व बोधिवृक्ष कॉरिडोर योजना के संरक्षक डॉ. धर्मेंद्र ने की। उन्होंने कहा कि विकास की अंधी दौड़ में पेड़ों की व्यापक पैमाने पर कटाई हो रही है। इसके कारण लोगों को सांस तक लेने के लिए साफ हवा नहीं मिल पा रही है।

 

डॉ. धर्मेंद्र ने कहा कि बोधिवृक्ष कॉरिडोर योजना के तहत राजगीर से लुंबिनी तक सड़क के दोनों ओर पीपल के पौधे लगाए जाएं तथा उनका संरक्षण किया जाए। मुरादाबाद से आए पर्यावरण सचेतक नेपाल सिंह पाल ने कहा कि पेड़ों का संरक्षण समय की मांग है। समय रहते नहीं चेते तो पूरी सृष्टि पर खतरा है। कार्यक्रम का संचालन गौरेया विहग फाउंडेशन के निदेशक राजीव रंजन पांडेय ने किया। पांडेय ने अपील की कि बोधिवृक्ष कॉरिडोर के लिए वृहद पैमाने पर जनजागरण अभियान चलाया जाए, ताकि आम लोग भी इससे जुड़ सकें।

 

बक्सर से आईं शिक्षक तथा समाजसेविका उषा मिश्रा ने कहा कि हमें जीवन जीने के लिए प्रकृति ने प्रचुर संसाधन मुहैया कराया है। हम सभी का धर्म है कि उसकी रक्षा करें। हरित वसुंधरा का निर्माण किए बिना सृष्टि की रक्षा नहीं हो सकती। राजगीर के ब्रांड एम्बेसडर अजीत ने पर्यावरण को समर्पित गीत प्रस्तुत किया।

प्रो. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि इंसान को जीवन भर प्रकृति संरक्षण में यथा संभव योगदान देना चाहिए। धन्यवाद ज्ञापन पूर्व रेल मंडल प्रबंधक मंतोष कुमार मिश्रा ने किया। इस अवसर पर मेरठ के मोहन लाल वर्मा, डॉ. धीरेंद्र उपाध्याय, मीरा देवी, डॉ. रेखा सिन्हा,  आकांक्षा कुमारी,  मिथिलेश कुमार, अनिल पासवान, पल्लवी भारती, नेहा कुमारी, सुनील कुमार, अनिता कुमारी गुप्ता सहित काफी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आयोजन में राजीव पांडेय तथा संतोष मिश्रा का सराहनीय योगदान रहा।

 

1991 से पीपल, नीम, तुलसी अभियान चला रहे हैं डॉ. धर्मेंद्र

डॉ. धर्मेंद्र ने कहा होम्योपैथी की पढ़ाई के दौरान ही उनको पर्यावरण से जुड़ने का मौका मिला। इसके बाद 1991 से पीपल, नीम व तुलसी के पौधों को जगह-जगह घूमकर बांटना शुरू किया। पहले तो लोगों ने मजाक उड़ाया, लेकिन बाद में उनको भी समझ में आ गया कि मानव जीवन व सृष्टि के लिए पीपल, नीम व तुलसी का क्या महत्व है। फिर लोगों ने सहयोग शुरू किया। आज कारवां बन चुका है।


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